गोरखपुर, जागरण संवाददाता। आसमान में बादल जमे हुए हैं। धूप की उनके बीच से निकलने की कोशिश निरंतर जारी है। कई बार उसे सफलता भी मिल रही है। उधर लगातार चल रही पुरवा हवाएं पूर्वी उत्तर प्रदेश की नमी को बढ़ाने की कोई कसर नहीं छोड़ रहीं। यह परिस्थितियां उमस भरी गर्मी के लिए अनुकूल है, लिहाजा सिलसिला पिछले कई दिनों से जारी है। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय के मुताबिक हालांकि बारिश की वायुमंडलीय परिस्थितियां बनी हुई हैं लेकिन यह इतनी मजबूत नहीं है कि उनका प्रभाव गोरखपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से दिखे।

बारिश की वायुमंडलीय परिस्थिति मौजूद पर उसमें मजबूती का है अभाव

मौसम विशेषज्ञ बता रहे हैं कि पंजाब से लेकर दक्षिणी उत्तर प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ होते हुए झारखंड तक एक निम्न वायुदाब क्षेत्र बना हुआ है। इसके प्रभावस्वरूप पूर्वी उत्तर प्रदेश के दक्षिण हिस्से में तो हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है लेकिन गोरखपुर और उसके आसपास के केवल 25 प्रतिशत क्षेत्रों में बूंदाबादी से लेकर हल्की बारिश की ही संभावना बन रही है। 10 फीसद स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का भी पूर्वानुमान है। उमस भरी गर्मी के बढऩे की वजह मौसम विशेषज्ञ हीट इंडेक्स का बढऩा बता रहे हैं।

हीट इंडेक्स के बढऩे से रात में भी नहीं मिल रही गर्मी से राहत

धूप और बादलों की कशमकश में वातावरण की नमी हीट इंडेक्स को बढ़ा दे रही है। ऐसी स्थिति में लोगों को रिकार्ड तापमान से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक की गर्मी का अहसास हो रहा है। बीते रविवार का अधिकतम तापमान तो 35 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया लेकिन लोगों को गर्मी का अहसास 40 डिग्री सेल्सियस का हुआ। हीट इंडेक्स ने न्यूनतम तापमान को 27 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा दिया है। ऐसे रात भी गर्मी से राहत नहीं दे रही।

बारिश से राहत के लिए करना होगा 17 तक का इंतजार

मौसम विशेषज्ञ बता रहे हैं कि बंगाल की खाड़ी में एक निम्न वायुदाब क्षेत्र बन रहा है। 15 जुलाई तक इसका दायरा पूर्वी उत्तर प्रदेश तक बढ़ जाएगा। इसके परिणाम स्वरूप गोरखपुर सहित समूचे पूर्वी उत्तर प्रदेश में 17 जुलाई से दो-तीन दिन तक गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के उम्मीद भी मौसम विशेषज्ञ जता रहे हैं।

Edited By: Pradeep Srivastava