देवरिया, जागरण संवाददाता। UP Assembly Elections 2022: विधानसभा चुनाव का आधिकारिक तौर पर बिगुल भले ही नहीं बजा है। लेकिन देवरिया विधानसभा क्षेत्र में सियासी हलचल बढ़ गई है। भारतीय जनता पार्टी में टिकट के दावेदारों की लंबी कतार है। टिकट के दावेदार देवरिया से दिल्ली व दिल्ली से लखनऊ एक किए हुए हैं। देवर‍िया में कुल सात व‍िधान सभा सीटें हैं लेक‍िन सबसे अध‍िक चर्चा इस समय सदर व‍िधान सभा की हो रही है1 इस सीट पर बड़े बड़े नाम चर्चा में हैं। इसमें से एक बड़ा नाम सिटिंग विधायक डॉक्टर सत्यप्रकाश मणि त्रिपाठी के अलावा मुख्‍यमंत्री योगी आद‍ित्‍यनाथ के सूचना सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी का भी है।

तीन बार से भाजपा के कब्‍जे में है यह सीट

देवरिया सदर विधानसभा सीट तीन चुनाव से लगातार भारतीय जनता पार्टी के कब्जे में है। उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी डॉक्टर सत्यप्रकाश मणि त्रिपाठी को जीत मिली। उनके काम के अभी एक साल बीते हैं। लेकिन चुनावी हलचल बढ़ गई है। सिटिंग विधायक डॉक्टर सत्यप्रकाश मणि त्रिपाठी अपनी मजबूत दावेदारी कायम किए हुए हैं पार्टी की नीतियों और और पार्टी की गतिविधियों तथा विकास कार्यों पर फोकस कर रखे हैं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सूचना सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी के नाम की भी चर्चा तेजी से है। 

यह भी हैं दावेदार

इसके अलावा देवरिया सदर सीट से संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति तथा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की पृष्ठभूमि से उभर कर छात्र राजनीति के जरिए भाजपा में अच्छी पकड़ रखने वाले प्रधानाचार्य डॉ अजय मणि त्रिपाठी भी मजबूत दावेदारी के साथ टिकट मांग रहे हैं। देवरिया सदर सीट से टिकट मांगने वालों में चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ अभय मणि त्रिपाठी भी अपने को दावेदार मान रहे हैं। पूर्व विधायक स्वर्गीय प्रमोद सिंह के पुत्र सत्य प्रकाश सिंह उर्फ पंकज सिंह भी यहां से ट‍िकट मांग रहे हैं। उधर देवरिया नगर पालिका अध्यक्ष अलका सिंह के नाम की भी चर्चा है।

ज‍िलाध्‍यक्ष ने कहा

हालांकि भाजपा जिलाध्यक्ष अंतर्यामी सिंह के अनुसार उनके पास अभी तक सिर्फ तो बायोडाटा मिला है। जिसमें विधायक डॉक्टर सत्यप्रकाश मणि त्रिपाठी एवं पूर्व विधायक स्वर्गीय प्रमोद सिंह के पुत्र सत्य प्रकाश सिंह उर्फ पंकज सिंह शामिल हैं।

Edited By: Pradeep Srivastava