गोरखपुर, जेएनएन। सिने स्टार गोविंदा ने कहा कि भोजपुरी ऐसी मीठी और प्रभावशाली भाषा है कि फिल्मों में इसका जिसने भी इस्तेमाल किया वह बॉलीवुड का सुपर स्टार बन गया। चाहे वह दिलीप साहब हों, अमिताभ बच्‍चन हों या फिर खुद गोविंदा। भोजपुरी भाषा और भोजपुरी भाषी क्षेत्र के कलाकारों को बॉलीवुड में मिलने वाले तवज्जो से जुड़े सवाल के जवाब मेंं गोविंदा ने यह बात पूरी दमदारी से कही। वह गोरखपुर में संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे।

भोजपुरी डायलॉग की धूम

उन्होंने कहा कि बॉलीवुड में भोजपुरी डायलॉग की धूम दशकों से रही है। हिंदी फिल्मों में इस्तेमाल किए गए भोजपुरी गीत कलाकार से लेकर फिल्मों तक की सफलता की गारंटी बने हैं। अभिनय को लेकर रियलिटी शो की संभावना के सवाल पर गोविंदा ने कहा कि यह पूरी तरह चैनलों का मामला है। शो किस तरह से बनाए जाएं, उसका निर्णय भी वही करते हैं। ऐसे में यह किसी कलाकार का विषय नहीं। अपने कॅरियर से संतुष्टि के सवाल पर गोविंदा ने कहा कि वह नीचे से ऊपर बढ़े हैं। ऐसे में उन्हें जो भी रोल मिला, उसमें अपनी जान झोंक दी। सो संतुष्ट न होने का तो सवाल ही नहीं उठता। अभिनय के दायरे से निकलकर भविष्य की योजना पर हुए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वह बतौर राइटर फिल्मी दुनिया में आए और अपनी इस विधा का इस्तेमाल उन्होंने हर फिल्म में किया। आगे भी करते रहेंगे।

यह संतों की नगरी है, यहां माया नहीं चलती

गोविंदा ने बताया कि वह पहली बार बचपन में अपनी मां निर्मला देवी के साथ यहां थे। तबसे अबतक यहां बहुत कुछ बदल चुका है। यह प्राकृतिक नगरी है। कला और संस्कृति को लेकर आगे बढ़ रही है। इसके अलावा यह संतों की नगरी है। यहां माया नहीं चलती, यथार्थ को तवज्जो मिलता है।

कला और कलाकारों का सम्मान करते हैं सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी से हुई मुलाकात के अनुभव को साझा करते हुए गोविंदा ने कहा कि वह कला और कलाकारों का सम्मान करते हैं। साधु होते हुए भी कलाकारों का व्यक्तिगत ख्याल रखते हैं, यह सौभाग्य की बात है।

बीजेपी से गहरा नाता पर राजनीति से बिल्कुल नहीं

कांग्रेस के टिकट पर राम नाईक जैसे दिग्गज राजनेता को हराकर मुंबई से सांसद रह चुके गोविंदा ने राजनीति में वापसी के सवाल को सिरे से खारिज कर दिया। कहा कि 15 साल पहले वह राजनीति से बाहर आ चुके हैं। वह दुनिया उन्हें रास नहीं आई और अब उसके बारे में बात तक नहीं करना चाहते। बीजेपी से संपर्क के सवाल पर गोविंदा ने कहा इस पार्टी के साथ-साथ आरएसएस से उनका बचपन से नाता है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और बाला साहब ठाकरे से उनके घरेलू रिश्ते थे। जब कांग्रेस ज्वाइन किया था, तब भी यह रिश्ता कायम था। ऐसे में रिश्ते को राजनीति से जोडऩा उचित नहीं।

Posted By: Pradeep Srivastava

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