गोरखपुर, जागरण संवाददाता। कोविड टीकाकरण में लापरवाही लोगों को भारी पड़ गई है। ढाई सौ से अधिक लोगों ने दोनों डोज पहली डोज के रूप में लगवा ली और दोनों बार अलग-अलग पहचान पत्र व मोबाइल नंबर दे दिए। उनके दोनों पहली डोज के सर्टिफेट तो मिल रहे हैं लेकिन फाइनल डोज उनकी शो नहीं कर रही है। खासकर दूसरे राज्य या विदेश जाने वालों के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने इनका रास्ता निकाला है। पुन: उनकी दूसरी डोज वेरीफाई की जा रही है। लेकिन यदि उन्होंने कोविशील्ड लगवाई है तो उन्हें दूसरी डोज के रूप में पहली डोज लगवाने से 84 दिन बाद ही दूसरी डोज वेरीफाई होगी। उसके बाद ही फाइनल डोज का सर्टिफेट मिल पाएगा। ऐसे में अनेक लोगों की दूसरे राज्य या विदेश की यात्रा बाधित हो गई है। जिनका पहली बार का कार्ड है, उनकी दूसरी डोज तत्काल वेरीफाई कर सर्टिफिकेट निकाल दिया जा रहा है।

ऐसे न‍िकला रास्‍ता

सीएमओ कार्यालय के पीछे बने टीकाकरण कक्ष में इस समय दूसरी डोज लगवा चुके लोग सर्टिफिकेट डाउनलोड न होने की शिकायत लेकर आ रहे हैं। जांच में पता चला कि उन्होंने दो डोज तो लगवाई है लेकिन दूसरी डोज के समय वे टीकाकरण रिपोर्ट कार्ड नहीं ले गए थे। वैक्सीनेटर ने उनसे नंबर व पहचान पत्र मांगा तो उन्होंने दूसरा दे दिया। ऐसे में उनकी दूसरी डोज भी पहली डोज के रूप में लग गई। अभी तक लगभग ढाई सौ लोग यह समस्या लेकर पहुंचे हैं। अनेक लोगों के पास पहली डोज लगवाने का कार्ड भी नहीं है, नहीं तो उनका तत्काल वेरीफाई कर सर्टिफिकेट डाउनलोड किया जा सकता है। दूसरी बार का कार्ड लेकर आ रहे हैं। उन्हें दूसरी बार वैक्सीन लेने के बाद 84 दिन बुलाया जा रहा है। जिनका पहली डोज का कार्ड है उनका तत्काल दूसरी डोज वेरीफाई कर दी जा रही है। उनका फाइनल डोज का सर्टिफिकेट तत्काल डाउनलोड हो जा रहा है।

अनेक लोगों ने दूसरी डोज, पहली डोज के रूप में ही लगवा ली है। इससे फाइनल सर्टिफिकेट डाउनलोड नहीं होगा। जो लोग दूसरी डोज लगवाने जा रहे हैं, उन्हें पहली डोज का सर्टिफिकेट या टीकाकरण केंद्रों सें मिले रिपोर्ट कार्ड को लेकर जाना चाहिए। तभी दूसरी डोज सही रूप में लग पाएगी और तत्काल फाइनल सर्टिफिकेट डाउनलोड हो जाएगा। - डा. सुधाकर पांडेय, सीएमओ।

Edited By: Pradeep Srivastava