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कौन हैं गोरखपुर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संध्या सिंह? जिनके काम के मुरीद हुए CM योगी, मिला सम्मान

Published: Wed, 09 Sep 2026 08:18 PM (IST)

गोरखपुर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संध्या सिंह ने राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारंभ अवसर पर अपने उत्कृष्ट कार्यों से जिले को राष्ट्रीय पहचान दिलाई।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संध्या सिंह

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संध्या सिंह

HighLights

  1. संध्या सिंह ने राष्ट्रीय पोषण माह में गोरखपुर का नाम रोशन किया।

  2. उनके टेक होम राशन वितरण कार्य को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।

  3. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संवाद का अवसर पाकर हुईं भावुक।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। जिले के खजनी विकासखंड के छोटे से गांव बसियाखोर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संध्या सिंह ने अपने काम से गोरखपुर को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई है। नौवें राष्ट्रीय पोषण माह-2026 के शुभारंभ अवसर पर बुधवार को वाराणसी के रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में देश के चार राज्यों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के अनुभव साझा किए गए।

इनमें उत्तर प्रदेश से गोरखपुर की संध्या सिंह का अनुभव वीडियो भी प्रदर्शित किया गया। उनके कार्यों की सराहना के साथ उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संवाद करने का अवसर भी मिला।

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी से राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सुबह 11 बजे पूरे देश में किया गया। गोरखपुर के विकास भवन सभागार में डीएम दीपक मीणा की अध्यक्षता में अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, मुख्य सेविकाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं आनलाइन कार्यक्रम से जुड़ीं।

इस वर्ष पोषण माह की मुख्य अवधारणा ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ रखी गई है। इसके तहत आंगनबाड़ी केंद्रों को पोषण, स्वास्थ्य और बाल विकास की गतिविधियों का प्रभावी केंद्र बनाने तथा समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

टेक होम राशन में तकनीक का इस्तेमाल बना पहचान

संध्या सिंह को टेक होम राशन के तकनीक आधारित वितरण और रेसिपी आधारित पूरक पोषण कार्यक्रम के जरिए लाभार्थियों तक पोषण संदेश पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। उनके प्रयासों में तकनीक के इस्तेमाल के साथ लाभार्थियों को पोषण संबंधी जानकारी देने और पूरक पोषण को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर रहा।

बसियाखोर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का अनुभव वीडियो राष्ट्रीय कार्यक्रम में दिखाए जाने से जिले के बाल विकास विभाग में भी उत्साह है। राष्ट्रीय कार्यक्रम में तमिलनाडु की कार्यकर्ता के गृह भ्रमण, ओडिशा की कार्यकर्ता के प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) और गुजरात की कार्यकर्ता के ताजा पका भोजन में विविधता व पौष्टिकता से जुड़े प्रयासों को भी प्रदर्शित किया गया।

डीएम ने विभाग की टीम को दी बधाई

वाराणसी के कार्यक्रम के बाद विकास भवन में आयोजित कार्यक्रम में डीएम दीपक मीणा ने बाल विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की।

उन्होंने इसी तरह बेहतर कार्य जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी डा. अभिनव कुमार मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अधिकारियों-कर्मचारियों से पोषण माह को जिले में प्रभावी ढंग से सफल बनाने का आह्वान किया।

पति को खोया हौसला नहीं,... काम से कमाया नाम

खजनी के बसियाखोर गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संध्या सिंह के लिए बुधवार का दिन जीवन के संघर्षों के बीच बड़ी खुशी लेकर आया। पति शिक्षक विश्वजीत सिंह की 17 नवंबर 2021 को हार्ट अटैक से मृत्यु के बाद तीन बच्चों की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। बेटे आनंद मोहन सिंह ने बीटीसी, बीएड और सी-टेट किया है, लेकिन अब तक नौकरी नहीं मिल सकी है। दो बेटियां सत्यभामा और निधि सिंह विवाहित हैं।

5 दिसंबर 1970 को बांसगांव के भुसावल गांव में जन्मीं संध्या ने एमए (हिंदी और समाजशास्त्र) किया है। वर्ष 2000 में बसियाखोर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बनीं।

इससे पहले वह अनौपचारिक शिक्षा से जुड़कर गांव के बच्चों को पढ़ाती थीं। पति के निधन के बाद पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ उन्होंने आंगनबाड़ी की जिम्मेदारी को भी पूरी निष्ठा से निभाया। गर्भवती महिलाओं को जागरूक करने से लेकर कुपोषित बच्चों की देखभाल तक वह लगातार सक्रिय हैं। उनके प्रयास से अनन्या कुपोषण से बाहर आकर सुपोषित हो चुकी है।

राष्ट्रीय पोषण माह के कार्यक्रम में अपने काम को देश के सामने दिखाए जाने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संवाद का अवसर मिलने पर संध्या भावुक हैं। उन्होंने कहा, “आज मेरी खुशी का ठिकाना नहीं है। उत्तर प्रदेश से अकेले उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित होना और मुख्यमंत्री जी से सीधे बात करना मेरे लिए गर्व का क्षण है।”

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