2 बार मिली असफलता... फिर भी नहीं मानी हार, तीसरे प्रयास में लेफ्टिनेंट बने बलिया के विकास पांडे
बलिया के बांसडीह क्षेत्र के पूरा गांव निवासी विकास पाण्डेय ने विपरीत परिस्थितियों से संघर्ष कर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट का पद हासिल किया है।

अपनी माता व स्वजनों के साथ विकास पांडे
HighLights
विकास पाण्डेय बने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट।
पिता के निधन के बाद भी नहीं छोड़ी हिम्मत।
तीसरे प्रयास में CDS परीक्षा में मिली सफलता।
जागरण संवाददाता, बलिया। बांसडीह क्षेत्र के पूरा गांव निवासी विकास पाण्डेय ने विपरीत परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। चेन्नई स्थित सैन्य अकादमी से प्रशिक्षण पूरा करने के बाद पहली बार पैतृक गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने गाजे-बाजे और फूल-मालाओं के साथ उनका भव्य स्वागत किया।
विकास के लिए सेना में अधिकारी बनने की राह आसान नहीं रही। वर्ष 2022 में सड़क दुर्घटना में उनके पिता स्व. सुरेंद्र पाण्डेय का निधन हो गया था। उनके पिता कोलकाता की एक निजी कंपनी में लिपिक थे। पिता के निधन के बाद परिवार पर आए संकट के बावजूद विकास ने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया।
तीसरे प्रयास में हासिल की सफलता
विकास ने कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (सीडीएस) परीक्षा के शुरुआती दो प्रयासों में असफलता का सामना किया, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। लगातार मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर तीसरे प्रयास में सफलता हासिल कर सेना में अधिकारी बनने का सपना पूरा किया।
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद लेफ्टिनेंट विकास पाण्डेय की पहली तैनाती राजस्थान में भारतीय सेना की मैकेनाइज्ड इन्फेंट्री में हुई है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय मेहनत, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति को दिया।
पूर्व प्रधान सुनील पाण्डेय, गजाधर पाण्डेय, ज्योति प्रकाश पाण्डेय, दिनेश तिवारी और संतोष तिवारी सहित ग्रामीणों ने उन्हें बधाई देते हुए युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
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