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'पावर स्टार' पवन सिंह पर कोर्ट ने लगाया जुर्माना, सुनवाई के दौरान लगातार दूसरी बार रहे गैरहाजिर

By Vns Milan K. Gupta Edited By: Abhishek sharma
Published: Wed, 09 Sep 2026 06:32 PM (IST)

बलिया परिवार न्यायालय ने भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह पर लगातार दूसरी बार अनुपस्थित रहने के कारण एक हजार रुपये का ...और पढ़ें

बलिया परिवार न्यायालय ने पवन सिंह पर लगाया जुर्माना (File Photo)

बलिया परिवार न्यायालय ने पवन सिंह पर लगाया जुर्माना (File Photo)

HighLights

  1. पवन सिंह पर बलिया परिवार न्यायालय ने लगाया जुर्माना।

  2. लगातार दूसरी बार अदालत में नहीं हुए उपस्थित।

  3. मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी।

जागरण संवाददाता, बलिया। अपर न्यायाधीश परिवार न्यायालय में बुधवार को ज्योति सिंह पेश हुईं, जबकि एमएलसी पवन सिंह अदालत में उपस्थित नहीं हुए। उनकी अनुपस्थिति पर न्यायालय ने एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया। मामले की अगली सुनवाई के लिए पांच अक्टूबर की तारीख निर्धारित की गई है।

पवन सिंह की ओर से अधिवक्ता हरिवंश सिंह ने अदालत को बताया कि क्षेत्र में बाढ़ के कारण रास्ता बाधित होने से वह न्यायालय नहीं पहुंच सके। वहीं, ज्योति सिंह के अधिवक्ता अखिलेश सिंह ने कहा कि इससे पहले 11 अगस्त को भी पवन सिंह को अपना पक्ष रखने के लिए अदालत में उपस्थित होना था, लेकिन वह उस दिन भी अनुपस्थित रहे।

बुधवार, नौ सितंबर को भी उनकी गैरहाजिरी रही। लगातार दूसरी बार अदालत में उपस्थित नहीं होने पर न्यायालय ने एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया। अब मामले की अगली सुनवाई पांच अक्टूबर को होगी। उम्‍मीद जताई जा रही है क‍ि जुर्माना लगने के बाद वह अदालत में हाज‍िर होकर अपना पक्ष रखेंगे। 

यह है पूरा मामला
छह मार्च 2018 को भोजपुरी के स्टार कलाकार पवन सिंह ने शहर के मिड्ढ़ी निवासी रामबाबू सिंह की पुत्री ज्योति सिंह से परिणय सूत्र में बंधे थे। शादी समारोह जिला मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर चितबड़ागांव के शंकर होटल में आयोजित की गई थी। शादी के लिए पवन सिंह शहर में कई दिनों तक रुके थे।

दोनों के बीच के रिश्तों की दरार तब बाहर आई जब पवन ने बिहार के आरा जिला में पारिवारिक न्यायालय में तलाक की अर्जी दाखिल की। इसके बाद ज्योति सिंह ने बलिया परिवार न्यायालय में 22 अप्रैल 2022 को भरण-पोषण की अर्जी दाखिल कर दिया था। दोनों पक्षों के बीच अदालत की ओर से काउंसिलिंग की कोशिश भी हुई, लेकिन विवाद का समाधान नहीं हो सका और मामला आगे न्यायिक प्रक्रिया में बढ़ा।