विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गोरखपुर में सड़कों का हुआ कायाकल्प, संकरी गलियों से सिक्सलेन फ्लाईओवर तक का सफर

Published: Wed, 22 Jul 2026 09:36 AM (IST)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विकासपरक सोच से गोरखपुर का सड़क नेटवर्क कई बड़े शहरों से भी बेहतर हो गया है। ...और पढ़ें

सिक्सलेन फ्लाईओवर। संगम दूबे

सिक्सलेन फ्लाईओवर। संगम दूबे

HighLights

  1. गोरखपुर को मिला पहला सिक्सलेन फ्लाईओवर, जाम से मुक्ति।

  2. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच से सड़क नेटवर्क में अतुलनीय विकास।

  3. गोरखनाथ ओवरब्रिज, खजांची फ्लाईओवर, लिंक एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट।

दुर्गेश त्रिपाठी, गोरखपुर। वर्ष 2022 में बीआरडी मेडिकल कालेज का स्वर्ण जयंती समारोह था। वर्ष 1972 में मेडिकल कालेज में पढ़ने वाले डाक्टर 50 साल बाद इकट्ठा हुए थे। तब के छात्र डा. महेंद्र अग्रवाल कहते हैं- पढ़ाई पूरी करने के बाद भी कई डाक्टर कुछ वर्ष के अंतराल पर शहर आते-जाते रहते थे, लेकिन स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होने आए कई डाक्टर असुरन से मेडिकल कालेज रोड पर पहुंचे तो चौंक गए। एक समय उनकी जुबान पर रहने वाला शाहपुर, राप्तीनगर, एचएन सिंह चौराहा, खजांची चौराहा कब पीछे छूट गया, उनको पता ही नहीं चला।

इसकी वजह मेडिकल कालेज रोड का फोरलेन में बनकर सुव्यवस्थित होना था। अब चार साल बाद वह डाक्टर शहर में आएंगे तो नौसढ़ से प्रवेश करने के बाद समझ ही नहीं पाएंगे कि कहां जा रहे हैं। यह हुआ है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विकासपरक सोच और सकारात्मक कार्य करने की दृढ़ इच्छाशक्ति से।

गोरखपुर में सड़कों का नेटवर्क कई बड़े शहरों से भी अच्छा हो गया है। अब इस नेटवर्क को नया मुकाम मिलने जा रहा है। गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शहर के पहले सिक्सलेन फ्लाईओवर (एलीवेटेड रोड) का लोकार्पण करने जा रहे हैं, जिससे लखनऊ-वाराणसी की तरफ जाने वाले वाहन जाम में नहीं फंसेंगे। आइए जानते हैं विगत 10 वर्ष में शहर के रोड नेटवर्क में अतुलनीय विकास के बारे में।

21GKC_M_77_21072026_496

पैडलेगंज से ट्रांसपोर्टनगर तक जाने वाला शहर का पहला सिक्सलेन फ्लाईओवर। जागरण


 

गोरखनाथ में नवनिर्मित ओवरब्रिज
गोरखनाथ में नया ओवरब्रिज सपना था गोरखनाथ में कई साल पहले एक ओवरब्रिज बना था। एकमात्र ओवरब्रिज से होकर लोग आते-जाते थे। यहां एक और ओवरब्रिज की जरूरत तो सभी महसूस करते थे लेकिन इस पर काम करने की सोच नहीं बन पा रही थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धर्मशाला से गोरखनाथ मंदिर मार्ग पर 137.83 करोड़ से नया गोरखनाथ ओवरब्रिज बनवाया।

21gkc_36_21072026_496

खजांची ओवरब्रिज से राह हुई आसान। जागरण


 

खजांची ओवरब्रिज

जेल बाईपास से स्पोर्ट्स कालेज जाना आसान मेडिकल कालेज रोड पर खजांची चौराहा जाम का बड़ा केंद्र बन चुका था। जेल बाईपास, राप्तीनगर, मेडिकल कालेज और एचएन सिंह चौराहा की तरफ से आने वाले वाहनों के कारण जाम लगता था। मुख्यमंत्री ने खजांची में फ्लाईओवर बनवाकर यातायात सुगम करा दिया। इस फ्लाईओवर पर 96.50 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

21GKC_M_62_21072026_496

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस। जागरण


 

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे
लखनऊ व अन्य शहरों तक पहुंच हुई आसान पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से गोरखपुर को जोड़ने की पहल कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ और अन्य शहरों तक पहुंच आसान कर दी। 91 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 7283 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

कालेसर जीरो प्वांट
पूर्वांचल का पहला सिक्सलेन फ्लाईओवर ट्रांसपोर्टनगर से पैडलेगंज की तरफ पूर्वांचल का पहला सिक्सलेन फ्लाईओवर बन चुका है। इससे देवरिया बाईपास की तरफ से फोरलेन फ्लाईओवर भी जुड़ चुका है।

विकास की रोशनी से जगमग हुआ भटहट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भटहट में विकास की रोशनी पहुंचाई। पहले भटहट तक फोरलेन दिया और अब सबसे पिछड़े इलाकों में शुमार रहे भटहट-बांसस्थान मार्ग को फोरलेन में बदल दिया। 11.6 किमी लंबे इस फोरलेन के निर्माण पर 689.35 करोड़ खर्च हुए हैं।

कालेसर से जंगल कौड़िया तक फोरलेन
कालेसर से जंगल कौड़िया तक की खराब सड़क सभी को याद है। लोग मानते थे कि यह सड़क कभी नहीं बन पाएगी। मुख्यमंत्री ने कालेसर से जंगल कौड़िया तक 17.66 किमी फोरलेन सड़क का निर्माण कराया। इसके निर्माण पर 531 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

रोजाना लगता था जाम अब सरपट यात्रा
पैडलेगंज की तरफ से शहर में प्रवेश करना कुछ वर्ष पहले तक टेढ़ीखीर थी। पैडलेगंज से ही दुश्वारी शुरू हो जाती थी। एक-एक कदम कर आगे बढ़ना पड़ता था। अब पैडलेगंज से फिराक गोरखपुरी चौक होते हुए बेतियाहाता चौराहे तक फोरलन सड़क है। 277.78 करोड़ रुपये से यह बनी है।

21GKC_M_92_21072026_496

कालेसर स्थित जीरो प्वाइंट। जागरण


 

स्टेशन व गोरखनाथ रोड अब है फोरलेन
मोहद्दीपुर से विश्वविद्यालय रोड, रेलवे स्टेशन, धर्मशाला होते हुए गोरखनाथ जाने के पहले कई बार सोचना पड़ता था। अब मोहद्दीपुर से गोरखनाथ ही नहीं, जंगल कौड़िया तक फोरलेन सड़क बन चुकी है। इसके निर्माण पर 323 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

रामगढ़ताल से देवरिया बाईपास तक फोरलेन
पैडलेगंज से नौकायन तक कभी एक लेन की सड़क देखते-देखते दो और फिर फोरलेन में बदल चुकी है। नौकायन पर लगातार लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मुख्यमंत्री ने देवरिया बाईपास तक पहुंचने के लिए एक नया रास्ता दे दिया।

ट्रेन जाने का इंतजार घंटों में तय होती थी दूरी
बरगदवा से नकहा की तरफ जाना मुश्किल भरा सफर होता था। अब बरगदवा से नकहा होते हुए खाद कारखाना, स्पोर्ट्स कालेज रोड मिनटों में पहुंचा जा सकता है। पहले यह सफर घंटों का होता था। 152.19 करोड़ रुपये ये बरगदवा-नकहा रेल ओवरब्रिज खुल चुका है।

बालापार टिकरिया मार्ग पर नहीं लगता जाम
बालापार टिकरिया मार्ग पर रेल लाइन के कारण लंबा जाम लगता था। यदि ट्रेन का इंजन फेल हुआ या कोई अन्य दिक्कत हुई तो कई किलोमीटर लंबा जाम लग जाता था। अब बालापार टिकरिया मार्ग स्थित रेल समपार पर 84.87 करोड़ रुपये से ओवरब्रिज बन चुका है।

21gkc_32_21072026_496

पादरी बाजार चौक स्थित निर्माणाधीन ओवरब्रिज। जागरण


 

बन रही हैं ये सड़कें व पुल

  • 9.5 किलोमीटर लंबाई में 399.24 करोड़ से देवरिया बाईपास फोरलेन सड़क
  • 5.10 किलोमीटर लंबाई में 297.29 करोड़ रुपये से नौसढ़-पैडलेगंज सिक्सलेन सड़क
  • 8.56 किलोमीटर लंबाई में 199.04 करोड़ रुपये से जेल बाईपास फोरलेन सड़क
  • 2.60 किलोमीटर लंबाई में 278.89 करोड़ रुपये की लागत से चारफाटक-असुरन फोरलेन सड़क
  • 4.23 किलोमीटर लंबाई में 245.44 करोड़ रुपये की लागत से एचएन सिंह चौराहा से हड़हवा फाटक जागेश्वर पासी चौराहा होते हुए गोरखनाथ मंदिर तक फोरलेन सड़क
  • 19.48 किलोमीटर लंबाई में 942.44 करोड़ रुपये की लागत से गोरखपुर-पिपराइच फोरलेन सड़क
  • 16.15 किलोमीटर लंबाई में 838.05 करोड़ रुपये से मानीराम बालापार टिकरिया गांगी बाजार फोरलेन सड़क
  • 4.2 किलोमीटर लंबाई में 216.19 करोड़ रुपये की लागत से राजघाट पुल से हार्बर्ट बांध होते हुए डोमिनगढ़, कोलिया, गाहासाड़ बांध होते हुए जंगल कौड़िया कालेसर फोरलेन सड़क
  • 3.50 किलोमीटर लंबाई में 555.56 करोड़ रुपये की लागत से धर्मशाला से नार्मल तक विरासत गलियारा
  • 10.20 किलोमीटर लंबाई में 379.54 करोड़ रुपये की लागत से डोमिनगढ़ माधोपुर बांध से बसियाडीह मंदिर होते हुए गोरखपुर सोनौली मार्ग पर महेसरा पुल के पास तक फोरलेन सड़क
  • 1.80 किलोमीटर लंबाई में 69.58 करोड़ रुपये से सोनौली नौतनवा मार्ग से ग्रीन सिटी कालोनी पटनिया होते हुए माधोपुर बांध तक दो लेन सड़क
  • 2.20 किलोमीटर लंबाई में 140.37 करोड़ रुपये से झुंगिया चुंगी से फर्टिलाइजर गेट तक फोरलेन सड़क
  • 3.05 किलोमीटर लंबाई में 138.83 करोड़ रुपये की लागत से स्पोर्ट्स कालेज चौराहा, करीमनगर चौराहा होते हुए झुंगिया चुंगी-फर्टिलाइजर मार्ग तक फोरलेन सड़क
  • 4.2 किलोमीटर लंबाई में 11.74 करोड़ रुपये से गोरखपुर एयरपोर्ट से रजही कैंप होते हुए तुर्रा नाला तक दो लेन सड़क
  • 40 किलोमीटर लंबाई में 403.36 करोड़ रुपये की लागत से रामजानकी मार्ग दो लेन
  • 649.04 मीटर लंबाई में 59.44 करोड़ रुपये की लागत से चौरी चौरा में ओवरब्रिज का निर्माण
  • 569.09 मीटर लंबाई में 98.34 करोड़ रुपये की लागत से पादरी बाजार में फ्लाईओवर का निर्माण
  • 674.06 मीटर लंबाई में 184.11 करोड़ रुपये की लागत से हड़हवा फाटक रेल लाइन के ऊपर फोरलेन ओवरब्रिज का निर्माण
  • 412.60 मीटर लंबाई में 103.93 करोड़ रुपये से राप्ती नदी पर राजघाट में लखनऊ से गोरखपुर की तरफ पुल का निर्माण
  • 412.60 मीटर लंबाई में 118 करोड़ रुपये की लागत से राप्ती नदी पर राजघाट में पुल का निर्माण
  • 755.52 मीटर लंबाई में 98.92 करोड़ की लागत से रहमत नगर-माधवपुर रोड पर स्थित रेल लाइन के ऊपर फोरलेन ओवरब्रिज ।
 

यह भी पढ़ें- गोरखपुर से मिशन 2027 की बिसात पर बूथों को साधेंगे सीएम योगी, देंगे चुनाव में जीत का मंत्र