गोरखपुर चिड़ियाघर में जल्द आएंगे नए मेहमान, दुधवा और पीलीभीत नेशनल पार्क से लाए जाएंगे 2 हाथी
गोरखपुर के शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान में दुधवा और पीलीभीत राष्ट्रीय उद्यान से दो नए हाथी लाए जाएंगे, जिनके अक्टूबर के पहले सप्ताह में पहुंचने की उम्मीद है।

यह तस्वीर AI जेनेरेटेड है
HighLights
गोरखपुर चिड़ियाघर में दुधवा-पीलीभीत से दो हाथी आएंगे।
अक्टूबर के पहले सप्ताह में हाथियों का आगमन संभावित है।
बुजुर्ग और छोटे हाथियों को सुरक्षित ठिकाना मिलेगा।
सुनील सिंह, गोरखपुर। शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) में वन्यजीवों की संख्या बढ़ेगी। चिड़ियाघर प्रशासन की ओर से दुधवा व पीलीभीत राष्ट्रीय उद्यान से दो हाथी मंगाने की तैयारी चल रही है। सबकुछ ठीक रहा तो अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में ही उनका ठिकाना गोरखपुर चिड़ियाघर होगा।
प्रदेश का पहला हाथी का बाड़ा चिड़ियाघर में बनाया गया है। यह 10 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फैला है। यहां तीन नाइट सेट, तीन फीडिंग प्लेटफॉर्म, एक कच्चा व एक पक्का तालाब, दो एलिफेंट रिस्ट्रेनिंग डिवाइस (ईआरडी), गर्मी में नहाने के लिए सावर सहित अन्य अत्याधुनिक सुविधाएं हैं। इसके साथ ही यहां पूर्ण रूप से संचालित एवं अत्याधुनिक उपकरणों से युक्त वन्यजीव चिकित्सालय भी है।
बुजुर्ग हाथी और बच्चों को मिल सकेगा सुरक्षित ठिकाना
प्रदेश में वाइल्ड लाइफ एसओएस नामक एनजीओ का आगरा में एक रेस्क्यू सेंटर है। वहां हाथी व भालू संवर्धन पर कार्य किया जा रहा है। वन विभाग की ओर से जंगलों में गश्त, जंगल की रक्षा या मानव-जीव संघर्ष की स्थिति में टाईगर (बाघ) व लेपर्ड (तेंदुआ) आदि के रेस्क्यू करने में हाथियों की मदद ली जाती है।
इन हाथियों को दुधवा व पीलीभीत राष्ट्रीय उद्यान के एलीफेंट कैंप में रखा गया है। वहां के बुजुर्ग हाथी एवं उनके छोटे बच्चों को विशेष परिस्थितियों में रखने के लिए गोरखपुर में सुरक्षित बाड़ा मिल जाएगा।
मुख्यमंत्री से लोकार्पण की तैयारी
वन विभाग व चिड़ियाघर प्रबंधन द्वारा हाथी को लाने के उपरांत हाथी रेस्क्यू सेंटर के द्वितीय फेज का लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कराने की तैयारी चल रही हे। उनसे समय मांगा गया है।
यह भी पढ़ें- गोरखपुर में चिलुआताल नदी के पास झाड़ियों के बीच मिला महिला का शव, इलाके में फैली सनसनी
दो अक्टूबर से मनेगा वन्य जीव सप्ताह
चिड़याघर में दो अक्टूबर से वन्यजीव सप्ताह मनाया जाएगा। इसमें पेंटिंग, रंगोली, क्विज आदि प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। कोई भी इसमें प्रतिभाग कर सकता है।
गोरखपुर चिड़ियाघर में हाथी के रेस्क्यू सेंटर का निर्माण पूर्ण हो गया है। वर्तमान में इसमें एक नर हाथी गंगा प्रसाद को रखा गया है। भविष्य में रेस्क्यू किए हुए (हर उम्र के साथ-साथ कैंप के बुजुर्ग) हाथियों को रखने की भी योजना है, जिससे कि हाथियों के संरक्षण और संवर्धन पर चिड़ियाघर अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सके।
डॉ. योगेश प्रताप सिंह, उप निदेशक, शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान गोरखपुर
