गोरखपुर में घर पर चल रही थी अंत्येष्टि की तैयारी, तभी मुंह में तुलसी जल डालते ही खांसने लगी महिला
गोरखपुर में एक 56 वर्षीय महिला को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था, जिसके बाद परिजन अंतिम संस्कार की ...और पढ़ें
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यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।
HighLights
डॉक्टरों ने 56 वर्षीय महिला को मृत घोषित कर दिया था।
अंतिम संस्कार की तैयारी में तुलसी जल डालते ही खांसने लगी।
अब महिला का बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज जारी है।
संवाद सूत्र, बड़हलगंज (गोरखपुर)। घर में मातम पसरा था। परिवार के लोग अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटे थे। बांस की टिकठी तैयार हो चुकी थी और परिवार की महिलाएं अंतिम रस्में निभा रही थीं। मुंह में तुलसी जल डालते ही ललिता देवी खांसने लगीं।
जिसे मृत समझकर घर लाया गया था, उनके शरीर हलचल देखकर परिवार के लोग बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले गए जहां उपचार चल रहा है। बड़हलगंज थाना क्षेत्र के बेलवा दाखिली गांव निवासी 56 वर्षीय ललिता देवी पत्नी शिवमूरत यादव को एक सप्ताह से बुखार था। परिजनों के अनुसार, उनका उपचार पिड़हनी चौराहे के पास एक निजी चिकित्सक के यहां चल रहा था।
मंगलवार को तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बड़हलगंज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां चिकित्सकों ने ब्रेन हैमरेज की आशंका जताते हुए उन्हें गोरखपुर ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन ललिता देवी को शहर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे।
उनके देवर चंद्रमौली यादव के मुताबिक, वहां उपचार के बाद बुधवार को चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया और घर ले जाने को कहा। इसके बाद परिजन उन्हें लेकर गांव लौट आए। घर पहुंचते ही अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हो गई।
परिवार के लोग दुख में डूबे थे और बांस की टिकठी भी तैयार कर ली गई थी। अंत्येष्टि की तैयारी के बीच घर की महिलाएं ललिता देवी के मुंह में तुलसी जल डाल रही थीं। इसी दौरान वह अचानक खांसने लगीं। यह देखकर वहां मौजूद लोग चौंक गए। परिवार के लोगों को लगा कि उनमें हलचल हो रही है।
कुछ ही देर में यह खबर गांव और आसपास के क्षेत्र में फैल गई। घर पर भीड़ जुट गई। परिवार के लोग बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले गए जहां उनका उपचर चल रहा है। हालांकि, महिला की चिकित्सकीय स्थिति और पहले मृत घोषित किए जाने की परिस्थितियों को लेकर अस्पताल की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
