यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 02, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
म्यूनिसिपल बांड वाला UP का तीसरा नगर निगम बनेगा गोरखपुर, दिसंबर तक पूरी कर ली जाएगी आवेदन की प्रक्रिया
नगर निगम सदन की बैठक में म्यूनिसिपल बांड का प्रस्ताव पास हो चुका है। ऐसे में दिसंबर तक आवेदन लेने ...और पढ़ें

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। लखनऊ व गाजियाबाद नगर निगम की तर्ज पर अब गोरखपुर नगर निगम भी म्यूनिसिपल बांड लाने जा रहा है। नगर निगम के सदन की तीसरी बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव पास हो चुका है। ऐसा करने वाला गोरखपुर प्रदेश का तीसरा नगर निगम होगा। इससे पहले लखनऊ 100 करोड़ का, जबकि गाजियाबाद नगर निगम 150 करोड़ का बांड ला चुका है।
50 से 100 करोड़ का बांड लाने की तैयारी
गोरखपुर नगर निगम 50 से 100 करोड़ का बांड लाने की तैयारी कर रहा है। दिसंबर तक आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और जनवरी 2024 में इसे सूचीबद्ध कराने की तैयारी है। म्यूनिसिपल बांड से जुड़ी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।
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सात सदस्यीय समिति में शामिल हैं ये लोग
समिति में अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्र, शिवपूजन यादव, निरंकार यादव, मुख्य अभियंता संजय चौहान, लेखाधिकारी रवि सिंह और जलकल के महाप्रबंधक शामिल हैं। बांड से मिलने वाली धनराशि का उपयोग व्यावसायिक परियोजनाओं में किया जाएगा। इससे व्यावसायिक कांप्लेक्स का भी निर्माण कराया जा सकेगा। नगर आयुक्त ने बताया कि म्यूनिसिपल बांड के लिए प्रयास शुरू कर दिया गया है। जल्द प्रक्रिया पूरी कर बांड के लिए आवेदन किया जाएगा।
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क्या होता है म्यूनिसिपल बांड
बांड एक तरह का लेटर आफ क्रेडिट होता है। इससे लोगों या संस्थाओं से रकम जुटाई जाती है। बांड जारी करने वाली संस्था एक निश्चित समय के लिए धनराशि जुटाती है और निश्चित रिटर्न के साथ वापस करने की गारंटी देती है। सरकार या बैंकों से ऋण लेने के बजाए बाजार से फंड जुटाना बेहतर माना जाता है। बांड में पैसा लगाने वालों को परिपक्वता अवधि पूरी होने पर सालाना ब्याज मिलता है। इससे मिलने वाला रिटर्न पूरी तरह से आयकर मुक्त होता है।
