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गोरखपुर में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, 29 से 31 अक्टूबर तक बारिश का अलर्ट

Published: Mon, 26 Oct 2026 04:21 PM (IST)

गोरखपुर में 29 से 31 अक्टूबर तक मौसम में बदलाव आएगा, जिसमें बंगाल की खाड़ी में बने निम्न वायुदाब क्षेत्र ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. 29 से 31 अक्टूबर तक गोरखपुर में बारिश की संभावना।

  2. तेज हवाओं के साथ तापमान में गिरावट और ठंड बढ़ेगी।

  3. किसानों को फसल सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की सलाह।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। अक्टूबर के अंतिम दिनों में मौसम करवट लेने की तैयारी में है। बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में मजबूत निम्न वायुदाब क्षेत्र बनने से पूर्वी उत्तर प्रदेश के आसमान में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी। गोरखपुर में 29 अक्टूबर से मौसम में बदलाव दिखने लगेगा, जबकि 30 और 31 अक्टूबर को वर्षा के आसार हैं।

गरज-चमक के बीच हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवा के चलते दिन के तापमान में गिरावट आएगी। इसके साथ ही सुबह-शाम ठंड बढ़ने की संभावना है।

मौसम विज्ञानी कैलाश पांडेय के अनुसार बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रही मौसमी परिस्थिति का प्रभाव पूर्वांचल के मौसम पर पड़ सकता है। 29 अक्टूबर से बादलों की मौजूदगी बढ़ेगी और अगले दो दिनों में पूर्वी उत्तर प्रदेश के करीब सभी हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का पूर्वानुमान है। ऐसे में मौसम का मिजाज सामान्य से अलग रह सकता है।

बारिश और तेज हवा के प्रभाव से तापमान में गिरावट आने की पूर्वानुमान है। अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास रिकार्ड होने का अनुमान है। दिन में बादलों की मौजूदगी और वर्षा से गर्मी का असर कम होगा। अक्टूबर के अंतिम दिनों में मौसम का यह बदलाव सर्दी की आने की रफ्तार को बढ़ा देगा।

बारिश से हवा होगी साफ, प्रदूषण से राहत की उम्मीद

मौसम में बदलाव का असर वायु गुणवत्ता पर भी पड़ सकता है। वर्तमान में गोरखपुर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) करीब 150 तक पहुंच रहा है।

वर्षा और हवा की गति बढ़ने से वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषक कणों का स्तर कम होने की उम्मीद है। इससे हवा की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है। हालांकि, वास्तविक राहत वर्षा की मात्रा और हवा की दिशा सहित स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

किसानों के लिए अलग से सतर्कता जरूरी

मौसम विज्ञानी ने किसानों को संभावित वर्षा और तेज हवा को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। 30 और 31 अक्टूबर को वर्षा की संभावना को ध्यान में रखते हुए खेतों में खड़ी फसलों, कटाई के लिए तैयार उपज और खुले में रखे कृषि उत्पादों की सुरक्षा पर ध्यान देना जरूरी होगा। किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखकर कृषि संबंधी गतिविधियों की योजना बनाने की बात मौसम विज्ञानी कह रहे हैं।

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