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गोरखपुर में बनेंगे तीन नए फूड स्ट्रीट हब, शहर को मिलेगी नई पहचान

Published: Wed, 10 Jun 2026 01:30 PM (IST)

गोरखपुर में शहर के खानपान, पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए तीन आधुनिक फूड स्ट्रीट हब विकसित ...और पढ़ें

पंत पार्क गेट के पास बनने वाला फूड स्ट्रीट हब।

पंत पार्क गेट के पास बनने वाला फूड स्ट्रीट हब।

HighLights

  1. गोरखपुर में 12.99 करोड़ की लागत से बनेंगे तीन फूड हब।

  2. एमएमयूटी, पंत पार्क, पैडलेगंज-मोहद्दीपुर में होंगे ये आधुनिक हब।

  3. स्थानीय रोजगार, पर्यटन और संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। शहर के खानपान, पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को नई पहचान देने के लिए गोरखपुर में तीन आधुनिक फूड स्ट्रीट हब विकसित किए जाएंगे। खान पास के शौकीनों के लिए चटाेरी गली की तरह ही तीन और ठिकाने विकसित किए जाएंगे। केंद्र सरकार की योजना के तहत तैयार की गई इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 12.99 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

इन फूड स्ट्रीट हब का निर्माण मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमयूटी) के दोनों गेटों के बीच, गोरखपुर विश्वविद्यालय के सामने स्थित पंत पार्क के एक छोर से दूसरे छोर तक तथा पैडलेगंज से मोहद्दीपुर के बीच सड़क किनारे दीवार और सड़क के बीच उपलब्ध स्थान पर किया जाएगा।

परियोजना के अनुसार एमएमएमयूटी फूड स्ट्रीट हब पर 4.02 करोड़ रुपये, पंत पार्क फूड स्ट्रीट हब पर 3.39 करोड़ रुपये तथा पैडलेगंज-मोहद्दीपुर फूड स्ट्रीट हब पर 5.58 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

इन तीनों परियोजनाओं की विस्तृत योजना तैयार कर ली गई है। नगर विकास और पर्यटन की दृष्टि से यह परियोजना गोरखपुर के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके माध्यम से न केवल शहर की सौंदर्य वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय रोजगार, पर्यटन और छोटे व्यापार को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

गोरखपुर को पूर्वांचल की आध्यात्मिक राजधानी, नेपाल का प्रवेश द्वार और तेजी से उभरते शिक्षा केंद्र के रूप में पहचान मिल रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए ऐसे स्थानों का चयन किया गया है जहां बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है और आसपास व्यावसायिक एवं शैक्षणिक गतिविधियां संचालित होती हैं।

अधिकारियों का मानना है कि इन फूड स्ट्रीट हब के विकसित होने से स्थानीय व्यवसाय को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
इन फूड स्ट्रीट हब की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि इन्हें केवल खानपान केंद्र के रूप में नहीं, बल्कि बहुउद्देशीय सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां वेंडरों के लिए व्यवस्थित दुकानें बनाई जाएंगी। साथ ही पैदल चलने वालों के लिए चौड़े फुटपाथ, बैठने की समुचित व्यवस्था, हरित क्षेत्र और आकर्षक लैंडस्केपिंग भी की जाएगी।

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एमएमयूटी गेट के पास बनने वाला फूड स्ट्रीट हब


 

परियोजना में गोरक्षनगरी की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को प्रमुखता दी जाएगी। विभिन्न थीम आधारित आकर्षक लैंडस्केप, सजावटी संरचनाएं और सार्वजनिक उपयोग की सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे यह स्थल स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकें।

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फूड स्ट्रीट हब में पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा देने के लिए विशेष स्थान निर्धारित किए जाएंगे। महिलाओं द्वारा संचालित उद्यमों और प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के लाभार्थियों को भी दुकानें आवंटित करने की व्यवस्था प्रस्तावित है। इससे छोटे कारोबारियों और रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को व्यवस्थित और सुरक्षित व्यवसायिक वातावरण उपलब्ध होगा।

नगर निगम के सहायक अभियंता शैलेश कुमार ने बताया कि इन फूड स्ट्रीट हब का उपयोग दिन के अलग-अलग समय में अलग-अलग गतिविधियों के लिए किया जाएगा। सुबह के समय यह क्षेत्र मॉर्निंग वाक और स्वास्थ्य गतिविधियों के लिए उपयोगी रहेगा। दोपहर में पर्यटक और आगंतुक यहां स्थानीय व्यंजनों और शहर की सांस्कृतिक झलक का आनंद ले सकेंगे। शाम के समय यह क्षेत्र खानपान और सामाजिक मेलजोल का प्रमुख केंद्र बनेगा, जबकि रात में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, लोक कला प्रस्तुतियों और सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जा सकेगा।

इन आधुनिक फूड स्ट्रीट हब के विकसित होने के बाद गोरखपुर को पूर्वांचल के प्रमुख फूड और सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में नई पहचान मिलेगी।

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-अमित शर्मा, मुख्य अभियंता, नगर निगम