गोरखपुर में लोकतंत्र बचाने निकली सपा में कुर्सी पर जंग, पूर्व जिलाध्यक्ष को मारा थप्पड़
गोरखपुर में समाजवादी पार्टी की 'लोकतंत्र बचाओ सप्ताह' प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुर्सी पर बैठने को लेकर नेताओं में मारपीट हो गई।
HighLights
गोरखपुर में सपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुर्सी को लेकर विवाद।
अंशुमान सिंह के बेटे ने पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी को थप्पड़ मारा।
टिकट दावेदारी को लेकर पार्टी की अंदरूनी खींचतान उजागर हुई।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। समाजवादी पार्टी शनिवार को ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ के कार्यक्रमों की जानकारी देने के लिए प्रेस कान्फ्रेंस कर रही थी, लेकिन गोरखपुर में इसी मंच पर पार्टी की अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई। प्रेस क्लब के सभागार में दोपहर करीब 2:45 बजे कुर्सी पर बैठने को लेकर शुरू हुआ विवाद गाली-गलौज और हाथापाई तक पहुंच गया।
इसी दौरान गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से टिकट की दावेदारी कर रहे अंशुमान सिंह के बेटे कमलेश सिंह ने पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी को थप्पड़ मार दिया। घटना का वीडियो भी सामने आया है।
खास बात यह है कि नगीना साहनी और अंशुमान सिंह दोनों ही 2027 में गोरखपुर ग्रामीण सीट से सपा के टिकट के दावेदार हैं। ऐसे में कुर्सी से शुरू हुए विवाद ने टिकट की दावेदारी के बीच चल रही खींचतान को भी चर्चा में ला दिया है।
प्रेस क्लब में मौजूद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग किया। यह घटना ऐसे समय हुई है जब हाल में ही जेल में बंद रहे सपा नेता जफर अमीन डक्कू और पार्टी के स्थानीय नेतृत्व के बीच भी तीखी तनातनी सामने आई थी। डक्कू और जिलाध्यक्ष के बीच पत्राचार को लेकर विवाद चर्चा में रहा।
इस बीच ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ के लिए बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में थप्पड़ तक पहुंचा विवाद अब पार्टी के सामने एक अलग ही सवाल छोड़ गया है कि बाहर लोकतंत्र बचाने का संदेश और भीतर कुर्सी पर हाथापाई आखिर पार्टी के किस अनुशासन की तस्वीर पेश करती है।
छवि खराब करने की कोशिश: अंशुमान
अंशुमान सिंह के मुताबिक सभागार में अधिकांश कुर्सियां भरी थीं और बीच में कुछ जगह खाली थी। उन्होंने कुर्सी मंगवाकर नगीना साहनी से थोड़ा किनारे खिसकने को कहा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद कहासुनी और हाथापाई हुई। अंशुमान ने आरोप लगाया कि उनकी छवि खराब करने की साजिश के तहत विवाद को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
उन्होंने नगीना पर गाली-गलौच करने और पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ बोलने का भी आरोप लगाया। हालांकि, उन्होंने अपनी ओर से गाली-गलौच से इनकार किया। उनका कहना है कि ऐसी घटनाओं का पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
जबरन कुर्सी खाली करा रहे थे: नगीना
नगीना साहनी ने आरोप लगाया कि अंशुमान सिंह कुछ लोगों के साथ पहुंचे और उनके साथ आए लोगों ने जबरन कुर्सी खाली कराने की कोशिश की। विरोध करने पर उनके साथ गाली-गलौच और मारपीट की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग वर्चस्व कायम करने के लिए गुंडई का सहारा ले रहे हैं।
नगीना ने यह भी आरोप लगाया कि अंशुमान के साथ कुछ लोग अवैध हथियार लेकर आए थे। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि टिकट का फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव करेंगे। वह 2012 से टिकट मांग रहे हैं और पार्टी जिसे प्रत्याशी बनाएगी, उसके लिए काम करेंगे।
राष्ट्रीय नेतृत्व को देंगे जानकारी: जिलाध्यक्ष
सपा जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम ने घटना को घोर अनुशासनहीनता बताया। उन्होंने कहा कि वह प्रेस कान्फ्रेंस में अपनी बात रख रहे थे, इसलिए कुर्सी को लेकर हुए विवाद को उन्होंने नहीं देखा। उनके अनुसार अंशुमान सिंह परिवार के कुछ सदस्यों के साथ पहुंचे थे। उन्होंने अंशुमान के इस दावे से भी इनकार किया कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से बुलाया गया था।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं को ग्रुप में सूचना देकर बुलाया गया था। घटना की जानकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष को दी जाएगी और नेतृत्व के निर्णय के अनुसार कार्रवाई होगी।
घटना बेहद निंदनीय: काजल
सपा नेता काजल निषाद ने भी घटना को बेहद निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव में हर नेता को टिकट मांगने और तैयारी करने का अधिकार है, लेकिन आपसी विवाद और बैर पार्टी के हित में नहीं है।
