स्पेशल 'कैप्सूल कोर्स' से जिला पुलिस और GRP का अंतर समझेंगे नए दारोगा-सिपाही, रेल यात्रियों की सुरक्षा होगी और पुख्ता
Railway Police Training: जनपदीय पुलिस से जीआरपी में स्थानांतरित होने वाले दारोगा और सिपाही रेलवे की कार्यप्रणाली समझने के लिए ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
थाने व कोतवाली की ड्यूटी से अलग है रेलवे पुलिस का कामकाज।
रेलवे की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था समझने का विशेष प्रशिक्षण।
जागरण संवाददाता, सहारनपुर। जनपदीय पुलिस से राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) में स्थानांतरित होकर आने वाले दारोगा और सिपाही अब रेलवे की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था को समझने के लिए कैप्सूल कोर्स करेंगे।
जीआरपी की ओर से शुरू किए गए इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को रेलवे की संरचना, कार्यप्रणाली और ड्यूटी की जिम्मेदारियों से परिचित कराने के साथ उन्हें दक्ष, अनुशासित और यात्रियों के प्रति संवेदनशील बनाना है।
दरअसल, जनपदीय पुलिस और जीआरपी की कार्यप्रणाली में काफी अंतर है। जनपदीय पुलिस जहां थाना और चौकी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था संभालती है, वहीं जीआरपी की जिम्मेदारी रेलवे स्टेशन, ट्रेनों और रेल परिसर में यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी होती है। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के जीआरपी में स्थानांतरण के बाद उन्हें रेलवे की अलग कार्यप्रणाली को समझने में दिक्कत आती है।
कोर्स में यह दी जाएगी जानकारी
इसी को ध्यान में रखते हुए कैप्सूल कोर्स के माध्यम से उन्हें जरूरी जानकारी और व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान जवानों को रेलवे की संरचना, संचालन व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। स्टेशन परिसर में ड्यूटी, ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था, यात्रियों की शिकायतों पर कार्रवाई और रेलवे से जुड़े मामलों में पुलिस की भूमिका जैसे विषयों पर भी उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा।
कैप्सूल कोर्स में केवल ड्यूटी की तकनीकी जानकारी ही नहीं, बल्कि यात्रियों के साथ व्यवहार को भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। जवानों को यात्रियों से विनम्रता से पेश आने, उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनने और जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने के तरीके बताए जा रहे हैं।
मुरादाबाद जीआरपी अनुभाग के एसपी आशुतोष शुक्ला ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य नए पुलिसकर्मियों को रेलवे पुलिस की जिम्मेदारियों के अनुरूप तैयार करना है।
जवानों को अनुशासन, कर्तव्य के प्रति जवाबदेही और जनसेवा की भावना के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बताया कि प्रशिक्षण के बाद जवान रेलवे क्षेत्र की चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में योगदान देंगे।
