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जागरण एजेंडा: गोरखपुर में सिर्फ 50 स्कूलों में ‘विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति’, भारी पड़ रही लापरवाही

Published: Sat, 26 Sep 2026 01:01 PM (IST)

गोरखपुर में छात्र की बस दुर्घटना में मौत के बावजूद, अधिकांश स्कूलों में 'विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति' का गठन नहीं ...और पढ़ें

सड़क पर खड़ी स्कूल बसें l फाइल फोटो

सड़क पर खड़ी स्कूल बसें l फाइल फोटो

HighLights

  1. गोरखपुर में केवल 50 स्कूलों में ही सुरक्षा समिति गठित।

  2. छात्र की मौत के बाद भी स्कूल प्रबंधन उदासीन बना हुआ।

  3. 271 अनफिट स्कूल वाहन बच्चों को लेकर फर्राटा भर रहे।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। एसडी पब्लिक स्कूल, पिपराइच में ‘विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति’ का गठन हुआ होता तो शायद बस से कुचलकर एक छात्र की मृत्यु नहीं हुई होती। बस में कोई अटेंडेंट नहीं था। चालक भी बिना ड्राइविंग लाइसेंस के बस चला रहा था। इस दुर्घटना के बाद भी स्कूल प्रबंधन समिति के गठन को लेकर उदासीन बने हुए हैं। प्रबंधन की मनमानी बच्चों की सुरक्षा पर भारी पड़ रही है।

उदासीनता का आलम यह है कि अभी तक जिले में लगभग 50 स्कूलों में ही ‘विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति’ का गठन हो पाया है। परिवहन विभाग में 2532 स्कूल वाहन पंजीकृत हैं। जबकि, 562 विद्यालयों में वाहन संचालित होते हैं।

जिला विद्यालय निरीक्षक अजीत कुमार सिंह का कहना है कि 127 स्कूलों में समिति गठित हो चुकी है। जबकि, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी अरुण कुमार कहते हैं कि उनके पास करीब 50 की ही सूची मिली है। यह तब है जब एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार ने जिला पांच अक्टूबर तक हर हाल में सभी विद्यालयों में ‘विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति’ गठित करने के लिए निर्देशित कर दिया है। इसके लिए उन्होंने डीआइओएस, बीएसए और एआरटीओ को जिम्मेदारी भी सौंपी है। इसके बाद भी समिति गठन को लेकर कहीं कोई उत्साह नहीं दिख रहा।

शासन ने बच्चाें के सुरक्षित आवागमन के लिए ‘विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति’ के गठन का निर्णय लिया है। ताकि, समिति की निगरानी में स्कूल वाहनों का संचालन सुनिश्चित कराया जा सके। समिति में विद्यालय के प्रबंधक/प्रधानाचार्य समिति के अध्यक्ष, स्थानीय नायब तहसीलदार, पुलिस के एसएचओ या चौकी प्रभारी, अभिभावक प्रतिनिधि, डीआइओएस और बीएसए के नामित अधिकारी तथा वाहन आपरेटर को सदस्य के रूप में शामिल किया जाना है।

समिति का उद्देश्य स्कूल परिवहन व्यवस्था की निगरानी को संस्थागत रूप से मजबूत करना है। शासन का स्पष्ट संदेश है कि बच्चों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यूपी इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मैनेजमेंट पोर्टल (यूपी आइएसवीएमपी पोर्टल) एक अप्रैल से लाइव है, जिसपर सभी स्कूल वाहनों की निगरानी की जा रही है।

271 अनफिट स्कूल वाहन, 205 का पंजीयन निलंबित
परिवहन विभाग में जिले के 2532 स्कूल वाहन पंजीकृत हैं। अभी भी 271 अनफिट स्कूल वाहन बच्चों को लेकर फर्राटा भर रहे हैं। हालांकि, परिवहन विभाग ने 205 अनफिट स्कूल वाहनों का पंजीयन निलंबित कर दिया है। नोटिस जारी कर स्कूल प्रबंधन को चेतावनी दी है कि फिटनेस जांच कराकर प्रमाण पत्र हासिल नहीं किया तो पंजीयन निरस्त कर दिया जाएगा। सड़क पर अनफिट स्कूल वाहन पकड़े गए तो मौके पर ही कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। चेतावनी और नोटिस का भी कोई असर नहीं पड़ रहा। विद्यालय प्रबंधन लापरवाह बने हुए हैं।

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‘विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति’ का मुख्य उद्देश्य

  • वाहन के पंजीकरण, फिटनेस और सुरक्षा मानकों की नियमित निगरानी।
  • चालकों का चरित्र सत्यापन और अटेंडेंट की तैनाती कराने की जिम्मेदारी।
  • समय-समय पर चालक और अटेंडेंट का हेल्थ चेकअप व काउंसिलिंग।
  • निर्धारित समय पर बैठक कराना व जिला प्रशासन को उससे अवगत कराना।

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