गोरखपुर में अपनी ही स्कूल की बस से कुचलकर छात्र की मौत, ग्रामीणों ने की तोड़फोड़
गोरखपुर के पिपराइच में स्कूल बस से कुचलकर पांच वर्षीय मासूम हिमांशु की मौत हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बस में तोड़फोड़ कर शिक्षिका को घेर लिया।

रोते-बिलखते छात्र के परिजन।
HighLights
पांच वर्षीय मासूम हिमांशु की स्कूल बस से कुचलकर मौत।
आक्रोशित ग्रामीणों ने बस में तोड़फोड़ कर शिक्षिका को घेरा।
पुलिस ने चालक, शिक्षिका और स्कूल प्रबंधक पर मुकदमा दर्ज किया।
संवाद सूत्र, पिपराइच (गोरखपुर)। स्कूल जाने के लिए घर से निकले पांच वर्षीय मासूम हिमांशु की शनिवार सबह घर के सामने स्कूल बस के पहिये के नीचे दबकर मौत हो गई। आरोप है कि बच्चा बस में चढ़ने के लिए पायदान तक पहुंचा ही था कि चालक ने वाहन चला दिया। हादसे के बाद बस छोड़कर फरार हो गया।
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने करीब सौ मीटर दूर मंदिर के पास बस को घेर लिया, उसके शीशे ईंट-पत्थर से तोड़ दिए और बस में मौजूद शिक्षिका रानी मिश्रा को करीब चार घंटे तक घेरे रखा।
पुलिस और प्रशासन के समझाने के बाद दोपहर करीब 12 बजे शिक्षिका और बस को वहां से निकाला जा सका। बच्चे की मां की तहरीर पर चालक, शिक्षिका और स्कूल प्रबंधक के विरुद्ध पिपराइच थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
नईयापार बुजुर्ग निवासी हरिकेश निषाद बाहर रहकर पेंट पालिश का काम करते हैं। उनका इकलौता बेटा हिमांशु चिलबिलवां स्थित एसडी पब्लिक स्कूल में कक्षा एक का छात्र था। शनिवार सुबह करीब 8:15 बजे स्कूल बस उसके घर के सामने पहुंची। परिवार के लोग उसे बस में बैठाने के लिए बाहर आए थे।
इसी दौरान बस आगे बढ़ गई और हिमांशु उसके पहिये की चपेट में आ गया। परिवार के लोग बाइक से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिपराइच ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। हादसे की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। चालक के फरार होने से लोगों का गुस्सा और बढ़ गया।
ग्रामीणों ने बस को रोककर उसके शीशे ईंट-पत्थर से तोड़ दिए। बस में मौजूद शिक्षिका रानी मिश्रा को घेर लिया। सूचना पर पिपराइच थाना पुलिस के साथ एसडीएम सदर ज्ञान प्रताप सिंह, सीओ चौरीचौरा कुंदन कुमार सिंह, तहसीलदार डा. भागीरथी सिंह और नायब तहसीलदार अनु सिंह गांव में पहुंचे। एहतियात के तौर पर गांव में कई थानों की पुलिस बुला ली गई।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। करीब चार घंटे बाद बस और शिक्षिका को सुरक्षा के बीच थाने लाया गया। ग्रामीणों ने परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी रखी।
छात्र की मां सोनी देवी की तहरीर पर पुलिस ने बस चालक मनोज, अध्यापिका रानी मिश्रा और स्कूल प्रबंधक के विरुद्ध लापरवाही से वाहन चलाने तथा दुर्व्यवहार के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। चालक की तलाश की जा रही है। सीओ चौरी चौरा कुंदन सिंह ने बताया कि बस चालक की तलाश चल रही है। मौके पर शांति व्यव्स्था कायम है।
बीएसए ने शुरू की जांच
हादसे के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने भी जांच शुरू कर दी। बीएसए धीरेंद्र त्रिपाठी बीईओ के साथ घटनास्थल और संबंधित विद्यालय पहुंचे। जांच में विद्यालय की मान्यता से जुड़े कागजात दुरुस्त मिले, लेकिन स्कूल बस में परिचालक नहीं था।
बीएसए ने कहा कि परिचालक होता तो बच्चे की सुरक्षा पर नजर रखी जा सकती थी और संभवत: हादसा टल सकता था। उन्होंने स्कूल प्रबंधक को नोटिस जारी कर वाहन संचालन और परिचालक की व्यवस्था के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है।
