गोरखपुर में दुष्कर्म कांड मामले में बड़ी कार्रवाई, इंस्पेक्टर और पांच चौकी प्रभारी सस्पेंड
गोरखपुर में किशोरी के अपहरण, दुष्कर्म और स्पा सेंटरों में भेजे जाने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। गंभीर ...और पढ़ें

दुष्कर्म कांड मामले में इंस्पेक्टर समेत छह चौकी प्रभारी सस्पेंड।

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जागरण संवाददाता,गोरखपुर। गोरखनाथ क्षेत्र से किशोरी के अपहरण, होटल में दुष्कर्म और फिर स्पा सेंटरों में भेजे जाने के सनसनीखेज मामले में लाइन हाजिर किए गए इंस्पेक्टर और पांच चौकी प्रभारियों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई गंभीर लापरवाही के चलते हुई है।
घर छोड़ने के बाद किशोरी इनके क्षेत्र में स्थित होटल व स्पा में रुकी थी। घटना के बाद हुई जांच में इनकी लापरवाही सामने आने पर एसएसपी राजकरन नय़्यर ने यह कार्रवाई की है।
एसएसपी ने लापरवाही बरतने के आरोप में रविवार की रात को गोरखनाथ थानेदार रहे निरीक्षक शशिभूषण राय को लाइन हाजिर किया था उन्हें अब निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि पांच जनवरी को घर से निकलने के बाद किशोरी अपने इंस्टाग्राम दोस्त के साथ करीमनगर के एक होटल पहुंची थी। यहां दुष्कर्म के बाद होटल मालिक अभय उर्फ धीरेंद्र सिंह ने उसे बेतियाहाता के एक बिना बोर्ड वाले स्पा सेंटर में भेज दिया।
तीन दिन बाद किशोरी को बड़हलगंज भेजा गया, जहां वह एक अन्य स्पा सेंटर में रखी गई।इसी आधार पर फर्टिलाइजर चौकी प्रभारी प्रशांत पाठक, बेतियाहाता चौकी प्रभारी अमरेश सिंह, बड़हलगंज कस्बा प्रभारी राजीव तिवारी, उनवल चौकी प्रभारी आदित्य उपाध्याय व विवेचक विकास नगर चौकी प्रभारी अनूप सिंह पर भी कार्रवाई हुई।
इस प्रकरण में पुलिस अब तक होटल मालिक अभय, होटल मैनेजर आदर्श पांडेय, स्पा मैनेजर अंकित कुमार, इंस्टाग्राम दोस्त समेत पांच आरोपियों को जेल भेज चुकी है। पुलिस की माने तो होटल मालिक अभय का एक करीबी सहयोगी नेपाल फरार हो गया है।
उसकी गिरफ्तारी के लिए सीमावर्ती इनपुट खंगाले जा रहे हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश की तैयारी है। जांच में कुछ और नाम सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की पड़ताल जारी है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और बयान के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
17 दिन तक अलग-अलग ठिकानों पर रही थी
पांच जनवरी को लापता हुई किशोरी के अपहरण, दुष्कर्म और तस्करी से जुड़े मामले ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए थे। 17 दिन तक उसे शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र में आरोपितों ने अलग-अलग ठिकानों पर रखा।
मुकदमा दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। 22 जनवरी को किशोरी की बरामदगी के बाद उसके साथ हुई हैवानियत की जानकारी अधिकारियों को हुई तब आरोपितों की गिरफ्तारी हुई।
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