गोरखपुर में अब पहले से ज्यादा भव्य और आधुनिक होंगे रेलवे के आवास, बोर्ड ने जारी किया नया मॉडल प्लान
रेलवे बोर्ड ने गोरखपुर में टाइप टू, थ्री और फोर श्रेणी के कर्मचारियों के लिए नए आवासों के संशोधित प्लिंथ एरिया और मॉडल फ्लोर प्लान जारी किए हैं।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
रेलवे बोर्ड ने कर्मचारियों के लिए नए आवासों का मॉडल प्लान जारी किया।
अब बहुमंजिला रेलवे आवास अधिक विशाल और आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे।
कर्मचारी संगठनों ने रेलवे बोर्ड के इस महत्वपूर्ण निर्णय का स्वागत किया।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। रेलवे के आवास अब और भव्य व आधुनिक होंगे। रेलवे कर्मचारियों के बेहतर जीवन स्तर, पारिवारिक सुविधा और आधुनिक आवासीय परिसरों की दिशा में रेलवे बोर्ड ने बड़ा कदम उठाया है।
बोर्ड ने टाइप टू, टाइप थ्री और टाइप फोर श्रेणी के कर्मचारियों के नए आवासों के लिए संशोधित एवं विस्तृत प्लिंथ एरिया (ढका हुआ क्षेत्र) तथा मॉडल फ्लोर प्लान जारी कर दिए हैं। इससे अब बहुमंजिला रेलवे आवास पहले की तुलना में अधिक विशाल, हवादार और आधुनिक सुविधाओं से युक्त होंगे।
रेलवे बोर्ड के संयुक्त निदेशक (भूमि एवं सुविधाएं) रवि मित्तल ने दो सितंबर 2026 के माध्यम से सभी क्षेत्रीय रेलों, उत्पादन इकाइयों और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
नए प्रविधानों के अनुसार चार मंजिल एवं उससे अधिक ऊंची बहुमंजिला इमारतों में बनने वाले कर्मचारियों के क्वार्टरों का क्षेत्रफल, बालकनी आदि में व्यापक बदलाव किए गए हैं।
इस बदलाव से कर्मचारियों को न केवल अधिक रहने की जगह मिलेगी, बल्कि बहुमंजिला आवासीय परिसरों में परिवार की जरूरतों के अनुरूप बेहतर ढंग से नियोजित आवास उपलब्ध हो सकेंगे।
रेलवे बोर्ड की ओर से जारी मॉडल फ्लोर प्लान में आवासों को अधिक उपयोगी और सुविधाजनक बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रस्तावित आवासों में दो बेडरूम, बड़ा लिविंग एवं डाइनिंग एरिया, आधुनिक किचन, यूटिलिटी एरिया, पूजा घर, दो वाशरूम और बड़ी बालकनी की व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा आधुनिक बहुमंजिला आवासीय परिसरों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई अतिरिक्त सुविधाओं को भी शामिल किया गया है। निवासियों के लिए सामान्य लिफ्ट के अलावा भारी सामान और लगेज के आवागमन के लिए अलग लिफ्ट की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है।
ठोस कचरा प्रबंधन के नियमों के अनुरूप स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के लिए विशेष गार्बेज शाफ्ट की व्यवस्था की जाएगी। वाहनों के लिए पर्याप्त एवं सुरक्षित पार्किंग के साथ बच्चों के खेलकूद और परिवारों के मनोरंजन के लिए पार्क तथा कामन स्पेस भी उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
नेशनल फेडरेशन आफ इंडियन रेलवे (एनएफआईआर) और आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) ने रेलवे बोर्ड के इस निर्णय का स्वागत किया है। एनएफआईआर के सहायक महामंत्री विनोद कुमार राय ने बताया कि रेलवे कालोनियों और कर्मचारियों के आवासों के पुनर्विकास में व्यावहारिक सुधार, आधुनिक सुविधाओं और पर्याप्त क्षेत्रफल की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी।
एआईआरएफ के जोनल सेक्रेटरी ओंकार नाथ सिंह ने कहा कि रेलवे बोर्ड के साथ आयोजित स्थायी वार्ता तंत्र (पीएनएम) की बैठक में जनरल सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्र ने रेलकर्मियों के आवासों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था। रेलवे कालोनियों के क्वार्टर जर्जर हो चुके हैं। अधिकतर रहने लायक नहीं रह गए हैं। रेलवे बोर्ड यह पहल कर्मचारियों के लिए उम्मीद की किरण बनकर आई है।
