शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के लिए आठ गांवों में होगा भूमि अधिग्रहण, किसानों की जमीन के वेरिफिकेशन की तैयारी
शामली-गोरखपुर हाईस्पीड एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए सिद्धार्थनगर में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है। एनएचएआई की ओर ...और पढ़ें

एक्सप्रेसवे के लिए आठ गांवों में 34.1015 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि होगी अधिग्रहीत।
HighLights
शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज।
बांसी तहसील के आठ गांवों में 34.1015 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि।
एनएचएआई ने जिला प्रशासन को पत्र भेजकर तैयारी शुरू की।
जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। शामली-गोरखपुर हाईस्पीड एक्सप्रेसवे के निर्माण को लेकर जिले में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है। एक्सप्रेसवे के साथ आरओबी, पटरी और टोल प्लाजा के आसपास अतिरिक्त भूमि की जरूरत को देखते हुए बांसी तहसील क्षेत्र के आठ गांवों में 34.1015 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
एनएचएआई की ओर से इस संबंध में जिला प्रशासन को पत्र भेजा गया है। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण के लिए बांसी तहसील के महोखवा, बहादुरपुर, भटौली, सोरवामाफी, सुहईकनपुरवा, अक्लोही, परसा और सिरसिया गांव को शामिल किया गया है।
एनएचएआई की ओर से एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए थ्री-ए का प्रकाशन पहले ही कराया जा चुका है। गजट में दर्ज गाटों के आधार पर प्रभावित भूमि का स्थलीय निरीक्षण कराया जाएगा।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के लिए विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी के स्तर से एनएचएआई, संबंधित तहसीलों के लेखपालों और विशेष भूमि अध्याप्ति विभाग के कर्मचारियों की संयुक्त टीम गठित की गई है। टीम निर्धारित तिथियों पर संबंधित गांवों में पहुंचकर भूमि का स्थलीय सत्यापन करेगी। इससे अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
एनएचएआई की जानकारी के अनुसार जिले में शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण दो चरणों में प्रस्तावित है। जिले में इसकी कुल लंबाई करीब 62.25 किलोमीटर होगी। पहले चरण में बांसी तहसील के 20, डुमरियागंज तहसील के 28 और इटवा तहसील के 15 गांव शामिल हैं।
इस चरण में चेनज 613.400 से 658.564 तक करीब 45.16 किलोमीटर एक्सप्रेसवे का निर्माण प्रस्तावित है।दूसरे चरण में बांसी तहसील के 26 गांवों में भूमि अधिग्रहण किया जाएगा। इसमें चेनज 659.300 से 676.390 तक करीब 17.09 किलोमीटर एक्सप्रेसवे का निर्माण होना है।
आरओबी, पटरी और टोल प्लाजा के आसपास अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता सामने आने के बाद आठ गांवों में नए सिरे से भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जा रही है।
गौरव श्रीवास्तव, एडीएम वित्तीय एवं राजस्व ने बताया कि एनएचएआई की ओर से अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण के संबंध में पत्र प्राप्त हुआ है। बांसी तहसील के आठ गांवों में 34.1015 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित है। संबंधित विभागों की टीम गठित कर भूमि का स्थलीय सत्यापन कराया जाएगा। शासन और निर्धारित नियमों के अनुसार अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
