गोरखपुर में विदेश भेजने के नाम पर ठगी का कारोबार, पुलिस की ढिलाई से जालसाज बेखौफ
पुलिस की सुस्ती के कारण गोरखपुर में विदेश भेजने के नाम पर युवाओं से ठगी का धंधा फल-फूल रहा है। ...और पढ़ें

पुलिस नहीं सुनती ठगी का शिकार हुए लोगों की फरियाद। जागरण
HighLights
पुलिस की सुस्ती से विदेश भेजने के नाम पर ठगी बढ़ रही है।
गोरखपुर में कई मामलों में आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई।
जालसाज जमानत पर छूटकर फिर से बेरोजगारों को शिकार बनाते हैं।
नवनीत प्रकाश त्रिपाठी, गोरखपुर। विदेश भेजने के नाम पर युवाओं से ठगी का धंधा फलने-फूलने के पीछे पुलिस की सुस्ती एक प्रमुख कारण है। ठगी का शिकार हुए लोग जालसाजों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने से लेकर उच्चाधिकारियों तक चक्कर लगाते रहते हैं। पहले तो उनकी सुनवाई नहीं होती, यदि किसी दबाव में मुकदमा दर्ज भी हो गया तो अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में पुलिस रुचि नहीं दिखाती। यदि कभी किसी मामले गिरफ्तारी हो भी जाती है तो कोर्ट में प्रभावी पैरवी न होने से जालसाज बहुत जल्द जमानत पर छूटकर बाहर आ जाते हैं और फिर से बेरोजगारों को अपना शिकार बनाना शुरू कर देते हैं।
शाहपुर क्षेत्र के पादरी बाजार में रहने वाले गौरीबाजार, देवरिया के विनय कुमार सिंह की शिकायत पर कैंट पुलिस ने 15 मई, 2024 को सिंघड़िया में न्यू ग्लोबल एजेंसी के कार्यालय पर छापेमारी की थी। इस एजेंसी ने खाड़ी देशों में अच्छी नौकरी दिलाने का विज्ञापन निकाला था। छापेमारी के दिन बड़ी संख्या में युवा इंटरव्यू देने के लिए एजेंसी के कार्यालय पर जुटे थे। एजेंसी के कार्यालय से 397 पासपोर्ट, 3.89 लाख रुपये, 400 मेडिकल फार्म व अन्य दस्तावेज बरामद हुए थे।
बरामद पासपोर्ट गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडल के कई जिलों समेत बिहार के सिवान, गोपालगंज व बगहा के युवकों के थे। शिकायतकर्ता ने एजेंसी संचालक पर विदेश भेजने के नाम पर युवाओं से धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया था। इस मामले में मुकदमा भी दर्ज हुआ, लेकिन आरोपितों की गिरफ्तारी आज तक नहीं हो पाई।
इसी तरह बड़हलगंज के खखइजखोर निवासी वकील निषाद पर विदेश भेजने के नाम पर 31 युवाओं से 30.12 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप है। पीड़ितों में शामिल बड़हलगंज क्षेत्र के ही मामखाेर निवासी विजय कुमार शुक्ल ने थाने में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। कई बार थाने का चक्कर लगाने के बाद विजय ने न्यायालय की शरण ली। बाद में न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने तीन मई, 2026 को इस मामले मे मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन आरोपित को गिरफ्तारी करने में रुचि नहीं दिखाई।
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बगहा, बिहार के रहने वाले 16 युवकों ने सहजनवा के सरैया निवासी व्यक्ति पर विदेश भेजने के नाम पर 16 लाख की ठगी करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने 16 अप्रैल, 2026 को सहजनवा थाने में नामजद तहरीर दी, लेकिन आरोपित की गिरफ्तारी की बात कौन कहे, अभी तक मुकदमा तक नहीं दर्ज हुआ। एम्स क्षेत्र के बेलवा खुर्द निवासी गणेश सिंह ने दिल्ली के अंबिका सिंह, उनकी पत्नी व सात अन्य लोगों पर 36 लोगों से विदेश भेजने के नाम 40 लाख रुपये ठगने के आरोप में अगस्त 2025 में मुकदमा दर्ज कराया था।
इस मामले में भी किसी आरोपित की आज तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इस तरह के कई अन्य मामलों में मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस की इसी सुस्ती की वजह से विदेश भेजने के नाम पर ठगी का धंधा मजे से फलफूल रहा है।
विदेश भेजने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोहों को चिह्नित किया जा रहा है। ऐसे लोगों पर छह माह के अंदर 20 से अधिक मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। पेशेवर लोगों पर गैंग्सटर एक्ट की कार्रवाई की जाएगी। कार्यालय खोलकर विदेश भेजने का दावा करने वालों का सत्यापन भी कराया जा रहा है।
