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पूर्वोत्तर रेलवे में 607.7 किलोमीटर रूट पर 'कवच' 4.0 लगाने के लिए 252 करोड़ मंजूर, रुकेंगे हादसे

Published: Sun, 20 Sep 2026 10:50 AM (IST)

पूर्वोत्तर रेलवे में ट्रेनों की सुरक्षा और निर्बाध संचालन के लिए 'कवच' प्रणाली तेजी से लगाई जा रही है। लखनऊ ...और पढ़ें

डोमिनगढ़ से स्वामीनारायण छपिया तक लगा कवच, नहीं होगी ट्रेनों की टक्कर। जागरण

डोमिनगढ़ से स्वामीनारायण छपिया तक लगा कवच, नहीं होगी ट्रेनों की टक्कर। जागरण

HighLights

  1. पूर्वोत्तर रेलवे में 'कवच' प्रणाली से ट्रेनों की टक्कर रुकेगी।

  2. लखनऊ मंडल में 607.7 किमी 'कवच' 4.0 हेतु 252 करोड़ स्वीकृत।

  3. स्वदेशी तकनीक 'कवच' से घने कोहरे में भी ट्रेनें चलेंगी।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। ट्रेनों का निर्बाध संचालन होगा। एक सेक्शन में ट्रेनों की टक्कर नहीं होगी। ट्रेनें ओवरशूट (लाल सिग्नल पार करना) नहीं करेंगी। एक रेल लाइन पर दो ट्रेनों के आने पर स्वत: ब्रेक लग जाएगा। घने कोहरे में भी ट्रेनों का निर्बाध संचालन संभव हो सकेगा। सुरक्षा के साथ रफ्तार भी बढ़ेगी। पूर्वोत्तर रेलवे में 'कवच' यानी स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली (एटीपी सिस्टम) तेजी से लगना शुरू हो गया है।

रेल सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय रेलवे ने पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के और 607.7 किलोमीटर मार्ग पर 'कवच' 4.0 लगाने के लिए 252 करोड़ रुपये मंजूर किया है।

लखनऊ मंडल में 'कवच' लगाने का कार्य तेज गति से हो रहा है। डोमिनगढ़-स्वामी नारायण छपिया 101.97 रूट किमी रेलखंड पर 31 अगस्त, 2026 से कार्य करने लगा है। पूर्वोत्तर रेलवे में 2,101 रूट किमी पर 'कवच' लगाने का कार्य के साथ शुरू हो चुका है। रेल मंत्रालय कवच लगाने के कार्य को पूर्ण करने के लिए 787.21 करोड़ रुपये का बजट पहले ही स्वीकृत कर चुका है।

प्रथम चरण में 551 रूट किमी रेल खंड पर कवच लगाने का कार्य तेजी से चल रहा है, जिसमें से डोमिनगढ़-स्वामी नारायण छपिया रेल खंड शामिल है। यह रेल खंड पूर्वाेत्तर रेलवे का पहला स्टैंडर्ड कवच युक्त रेल खंड है। पूर्वोत्तर रेलवे में लखनऊ जंक्शन-मानक नगर, लखनऊ जंक्शन-मल्हौर, बाराबंकी जंक्शन-बुढ़वल जंक्शन, सीतापुर सिटी-बुढ़वल जंक्शन एवं बुढ़वल जंक्शन-गोरखपुर कैंट और वाराणसी मंडल में गोरखपुर कैंट-गोल्डिनगंज, गोरखपुर कैंट-वाल्मीकिनगर रोड, भटनी जंक्शन-वाराणसी जंक्शन, वाराणसी जंक्शन-प्रयागराज जंक्शन एवं औंड़िहार जंक्शन-छपरा जंक्शन तथा इज्जतनगर मंडल में रावतपुर-फर्रूखाबाद जंक्शन, फर्रूखाबाद जंक्शन-कासगंज जंक्शन, कासगंज जंक्शन-मथुरा जंक्शन, कासगंज-इज्जतनगर, इज्जतनगर- काठगोदाम, लालकुआं-रामपुर, लालकुआं-काशीपुर, रामनगर-कटघर, भोजीपुरा-टनकपुर, पीलीभीत-शाहजहांपुर, पीलीभीत-मैलानी तथा मंधना जंक्शन-ब्रह्मावर्त रेल खंड पर 'कवच' लगाए जाने हैं।

स्वदेशी तकनीक से बना है 'कवच' 
'कवच' स्वदेशी तकनीक से बना है। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने चार मार्च, 2022 को ट्रेन में बैठकर 'कवच' का परीक्षण किया था। परीक्षण की सफलता के बाद रेल मंत्रालय ने पूर्वोत्तर रेलवे सहित भारतीय रेलवे स्तर पर इस सिस्टम का प्रयोग करने के लिए अनुमति प्रदान कर दी।

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यह सिस्टम भारतीय रेलवे स्तर पर लग रहा है। 'कवच' में आप्टिकल फाइबर केबल, टेलीकाम टावर, स्टेशन डेटा सेंटर, ट्रैक साइड इक्विपमेंट और आनबोर्ड लोकोमोटिव सिस्टम समेत पांच बड़े सब सिस्टम शामिल होते हैं, जो दुर्घटनाओं को बचाने में सहायक होते हैं।

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