गोरखपुर जनगणना में लगेंगे 12 हजार कर्मचारी, एक के जिम्मे होगी 850 की आबादी
गोरखपुर में जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियां तेज हैं, जिसमें 12 हजार कर्मचारी लगाए जाएंगे। 16 नवंबर से स्व-गणना ...और पढ़ें
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HighLights
गोरखपुर में जनगणना-2027 के लिए 12 हजार कर्मचारी लगेंगे।
16 नवंबर से स्व-गणना, 1 दिसंबर से घर-घर सर्वे शुरू।
पहली बार सभी जातियों की जानकारी भी जनगणना में दर्ज होगी।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। जिले में करीब 12 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। इसके पहले चरण के प्रशिक्षण की कड़ी में जिले से नियुक्त चार मास्टर ट्रेनरों ने शनिवार को लखनऊ में प्रशिक्षण पूरा कर लिया। अब ये मास्टर ट्रेनर जिले में 170 फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षित करेंगे। जनगणना निदेशालय ने 15 अक्टूबर तक फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
अक्टूबर के पहले सप्ताह से प्रशिक्षण शुरू करने की तैयारी है। लखनऊ से एक और मास्टर ट्रेनर मिलने के बाद कुल पांच मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे।
जनगणना में 850 की आबादी पर एक प्रगणक तैनात किया जाएगा। प्रगणकों की निगरानी के लिए सुपरवाइजर नियुक्त होंगे। प्रशिक्षण का क्रम मास्टर ट्रेनर से शुरू होकर फील्ड ट्रेनर और फिर प्रगणक तक पहुंचेगा। पहले पांच मास्टर ट्रेनर 170 फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षित करेंगे। इसके बाद फील्ड ट्रेनर प्रगणकों को प्रशिक्षण देंगे। इस तरह घर-घर जाकर जानकारी जुटाने वाले कर्मचारियों को उनके स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
16 नवंबर से स्व-गणना, एक दिसंबर से घर-घर सर्वे
जनगणना के दूसरे चरण में सबसे पहले 16 से 30 नवंबर तक स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) की सुविधा मिलेगी। इस दौरान नागरिक स्वयं आनलाइन अपनी जनगणना संबंधी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर पहुंचकर जानकारी का सत्यापन और संकलन करेंगे।
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दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति से 40 सवाल पूछे जाएंगे। सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक, प्रवास, वैवाहिक स्थिति, राष्ट्रीयता और धर्म के साथ डिजिटल साक्षरता, बैंक खातों और पहचान दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी भी दर्ज होगी। पहली बार सामान्य जातियों समेत सभी नागरिकों की जाति संबंधी जानकारी भी जनगणना में दर्ज की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई परिवार या नागरिक छूटे नहीं और आंकड़े सटीक रहें।
