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मिशन-2027 के लिए भाजपा की गोरखपुर में चुनावी तैयारी तेज, तावड़े ने दिया जीत का मंत्र

Published: Sun, 20 Sep 2026 08:23 AM (IST)

भाजपा ने राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े के तीन दिवसीय दौरे के बाद गोरखपुर क्षेत्र में मिशन-2027 के लिए अपनी चुनावी ...और पढ़ें

तीन दिन में अलग-अलग बैठकों से संगठन की चुनावी मशीनरी को परखा। जागरण

तीन दिन में अलग-अलग बैठकों से संगठन की चुनावी मशीनरी को परखा। जागरण

HighLights

  1. विनोद तावड़े ने गोरखपुर में मिशन-2027 की रणनीति तैयार की।

  2. बूथ स्तर पर तैयारी और जनसंपर्क पर विशेष जोर दिया गया।

  3. मीडिया व सोशल मीडिया को चुनावी हथियार बनाने की कवायद।

डॉ. राकेश राय, गोरखपुर। मिशन-2027 की सफलता के लिए भाजपा ने गोरखपुर क्षेत्र में संगठनात्मक मशीनरी को चुनावी मोड में डाल दिया है। राष्ट्रीय महामंत्री व प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े के तीन दिवसीय दौरे ने इस सफलता का रोडमैप तैयार कर दिया है। सहजनवां से रानीडीहा तक हुई बैठकों में कहीं संगठन की जमीनी पकड़ परखी गई तो कहीं जनप्रतिनिधियों से तालमेल। मीडिया-सोशल मीडिया की सक्रियता और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के अनुभव को चुनावी तैयारी से जोड़ने की भी जमकर कवायद हुई।

तावड़े की सभी कक्षाओं का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यह रहा कि चुनाव की तैयारी मतदान की तारीख घोषित होने के बाद नहीं, बल्कि बूथ पर अभी से शुरू कर देनी होगी। कार्यकर्ताओं को जनता के बीच लगातार रहने, परिवारों तक पहुंच बनाने और अपनी बात सुनाने से ज्यादा जनता की बात सुनने पर जोर दिया गया। इससे साफ है कि संगठन का फोकस भाषण और कार्यक्रमों से आगे बढ़कर सीधे जनसंपर्क और फीडबैक पर है।

जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक में भी संदेश स्पष्ट था। सांसद, विधायक और विधान परिषद सदस्य संगठन से अलग अपनी-अपनी धुरी पर नहीं, बल्कि पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बनाकर चलें। क्षेत्र की समस्याओं और जनता के सुझावों को संगठन तक पहुंचाने के साथ चुनावी गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी रहे। उन्हें यह भी नसीहत दी गई कि वह जनता को सुनाए कम और उनकी सुने ज्यादा, जिससे रुझान पता चल सके।

वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और पूर्व जनप्रतिनिधियों से संवाद भी इसी रणनीति की दूसरी कड़ी रहा। पुराने अनुभव को मौजूदा संगठन की ऊर्जा से जोड़ने की कोशिश के बीच तावड़े ने 62 विधानसभा क्षेत्रों तक संगठन की सक्रियता बढ़ाने का संदेश दिया। मतलब साफ है कि क्षेत्रीय संगठन के स्तर पर चुनावी तैयारियों को केवल प्रमुख सीटों तक सीमित रखने के बजाय पूरे इलाके में एक साथ गति देने की तैयारी है।

मीडिया और सोशल मीडिया टीम के साथ बैठक ने चुनावी रणनीति का आज के दौर का सबसे महत्वपूर्ण पहलू सामने रखा। इसमें सरकार और संगठन की गतिविधियों को जनता तक पहुंचाने के साथ विरोधियों के कथित गलत नैरेटिव का जवाब देने के लिए डिजिटल तंत्र को सक्रिय रखने की बात कही गई। इससे साफ है कि 2027 की लड़ाई केवल मैदान में नहीं, सूचना और धारणा के मोर्चे पर भी लड़ी जानी है।

तीन दिन के प्रवास में सहजनवां के कार्यक्रम, रानीडीहा की संगठनात्मक बैठकें, जनप्रतिनिधियों व वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से संवाद और सहयोगी दल के नेताओं से मुलाकात इन सबको जोड़ें तो भाजपा की तैयारी का फोकस बूथ, जनसंपर्क, समन्वय और संचार की चार परतों पर दिखाई देता है। तावड़े का प्रवास चुनावी दृष्टि से महज संगठनात्मक समीक्षा नहीं, बल्कि चुनाव से पहले पूरी मशीनरी को उसकी भूमिका याद कराने की कवायद के रूप में दिखा।

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मीडिया-सोशल मीडिया को चुनावी हथियार बनाने की तैयारी
रानीडीहा में मीडिया और सोशल मीडिया पदाधिकारियों की बैठक में तावड़े ने विरोधियों के कथित झूठ और गलत नैरेटिव का जवाब देने के लिए टीमों को लगातार सक्रिय रहने को कहा। क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी से लेकर जिला स्तर के सोशल मीडिया संयोजकों तक को संगठन और सरकार की गतिविधियों को समयबद्ध तरीके से जनता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी का अहसास कराया गया। बैठक का साफ संदेश था कि चुनावी मैदान में बूथ कार्यकर्ता जितना महत्वपूर्ण होगा, उतना ही सूचना और डिजिटल मोर्चे पर सक्रिय कार्यकर्ता भी।

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