गोरखपुर में हत्या की साजिश का STF ने किया खुलासा, PAC जवान ने पिस्टल खरीदने के लिए दिए थे 1.5 लाख रुपए
एसटीएफ ने गोरखपुर में आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई में हत्या की एक बड़ी साजिश का खुलासा किया है, जिसमें पीएसी के एक जवान सहित तीन युवक शामिल हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
एसटीएफ ने गोरखपुर में हत्या की साजिश का सुराग लगाया।
पीएसी जवान सहित तीन युवक साजिश में शामिल पाए गए।
आपसी रंजिश और वर्चस्व के लिए हथियार खरीदे गए थे।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई में हत्या कर जिले में सनसनी फैलाने की साजिश का एसटीएफ को सुराग लग गया। जांच में पीएसी के एक जवान समेत तीन युवकों की भूमिका सामने आने की बात कही जा रही है।
सूत्रों के अनुसार हत्या के लिए पिस्टल खरीदने के लिए करीब डेढ़ लाख रुपये दिए गए थे। पुलिस को पिस्टल बरामद होने की भी जानकारी मिली है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। आरोपितों की तलाश में शनिवार की रात से ही टीम छापेमारी कर रही है।
जांच एजेंसियों के सामने आए तथ्यों के अनुसार आरोपित खजनी क्षेत्र में किसी व्यक्ति की हत्या करने की तैयारी में थे। मकसद केवल रंजिश निकालना ही नहीं, बल्कि वारदात के बाद इलाके में दहशत और सनसनी फैलाना भी बताया जा रहा है। हत्या की योजना किस व्यक्ति को निशाना बनाकर बनाई गई थी, इसके पीछे कौन था और वारदात के बाद क्या करने की तैयारी थी, एसटीएफ इन बिंदुओं पर जानकारी जुटा रही है।
जांच के दौरान हथियार की खरीदारी के लिए रकम दिए जाने की बात सामने आने के बाद गोरखपुर एसटीएफ ने असलहा सप्लायर की तलाश तेज कर दी है। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। साथ ही पीएसी जवान समेत भूमिका सामने आए तीनों युवकों पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
उनके मोबाइल नंबर, संपर्क में रहने वाले लोगों और आपराधिक इतिहास को भी खंगाला जा रहा है। सूत्रों के अनुसार पिस्टल खरीदने के लिए पीएसी जवान की ओर से रकम उपलब्ध कराई गई थी। इसके बाद हथियार किसके जरिए खरीदा गया और उसे किसे उपलब्ध कराया गया, इसकी कड़ी जोड़ने का प्रयास चल रहा है।
वारदात से पहले ही सक्रिय हुईं टीमें
हत्या की योजना की भनक लगने के बाद एसटीएफ और क्राइम ब्रांच की टीमें सक्रिय हुईं। संभावित आरोपितों और असलहा सप्लायर की तलाश में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।
पुलिस यह भी पता कर रही है कि आरोपितों ने वारदात के लिए कोई और हथियार, वाहन या अन्य संसाधन तो नहीं जुटाए थे। सभी पहलुओं को जोड़कर यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश कब से चल रही थी और इसमें अन्य कौन लोग शामिल हैं।
