विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गोरखपुर लोक अदालत ने सुलझाए 12 लाख से ज्यादा मामले, बना ऐतिहासिक रिकॉर्ड

Published: Sun, 10 May 2026 07:58 AM (IST)

गोरखपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत ने 12 लाख से अधिक मामलों का निस्तारण कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। इसमें आपराधिक, ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

HighLights

  1. गोरखपुर लोक अदालत ने 12 लाख से अधिक मामले निपटाए।

  2. जिले ने न्यायिक इतिहास में नया कीर्तिमान स्थापित किया।

  3. मोटर दुर्घटना दावों में करोड़ों का प्रतिकर अवार्ड पारित।

लोक अदालत में 12 लाख आठ हजार 888 मामले निस्तारित

 

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में शनिवार को दीवानी न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायाधीश राज कुमार सिंह की अध्यक्षता एवं नोडल अधिकारी नीरज श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में ऐतिहासिक रूप से 12 लाख आठ हजार 888 मामले निस्तारित कर जिले ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

सभी न्यायालयों द्वारा कुल एक हजार 720 आपराधिक वादों का निस्तारण किया गया। लोक अदालत में कुल 12 लाख 39 हजार 592 मामले नियत किए गए थे। इनमें से 12 लाख आठ हजार 888 मामलों का निस्तारण सुलह समझौते के आधार पर किया गया।

प्राधिकरण के सचिव प्रतिभा चौधरी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि लोक अदालत का उद्घाटन जनपद न्यायाधीश राज कुमार सिंह ने नई मीटिंग हाल में सुबह 10:30 बजे मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया। लोक अदालत में अपर जिलाधिकारी प्रशासन / नोडल अधिकारी, उपजिलाधिकारियों सहित अन्य राजस्व अधिकारियों द्वारा सक्रिय सहभागिता की गई।

उन्होंने बताया कि लोक अदालत में जनपद न्यायाधीश राज कुमार सिंह द्वारा दो वादों का निस्तारण किया गया। पीठासीन अधिकारी वाणिज्यिक न्यायालय द्वारा तीन वादों का निस्तारण किया गया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय द्वारा 19 वादों का निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी राजेश पति त्रिपाठी द्वारा कुल 178 वादों का निस्तारण करते हुए 10 करोड़ 16 लाख 47 हजार 367 रुपए का प्रतिकर अवार्ड पारित किया गया ।

राजस्व व अन्य विभागों द्वारा कुल 11 लाख 71 हजार 967 प्री - लिटिगेशन वादों का निस्तारण किया गया। पारिवारिक वादों से संबंधित प्री - लिटिगेशन स्तर व लिटिगेशन स्तर पर कुल 21 वादों का निस्तारण किया गया। प्री - लिटिगेशन स्तर पर विभिन्न बैंकों व फाइनेंस कंपनियों से संबंधित कुल एक हजार 73 मामलों का निस्तारण कर पांच करोड़ एक लाख 36 हजार 834 रुपए नकद जमा कराया गया।