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गोरखपुर जेल में बंद शातिर गरिमा व उसके पिता पर जालसाजी की सातवीं FIR, शिक्षक के नाम पर 83 लाख का लिया था फर्जी लोन

Published: Tue, 18 Aug 2026 11:09 AM (IST)

गोरखपुर में शिक्षक सुग्रीव सिंह के नाम पर 83.87 लाख रुपये का फर्जी लोन कराने के मामले में जेल में ...और पढ़ें

ठगी के आरोपी बाप-बेटी। जागरण

ठगी के आरोपी बाप-बेटी। जागरण

HighLights

  1. शिक्षक के नाम पर 83.87 लाख का लोन कराया।

  2. जेल में बंद पिता-बेटी पर यह सातवीं FIR है।

  3. बैंक से EMI कॉल आने पर धोखाधड़ी का पता चला।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। आठ प्रतिशत लाभ का लालच देकर शिक्षक के नाम पर छह बैंकों से 83.87 लाख रुपये का लोन कराने के मामले में जेल में बंद रेलवे स्टेशन अधीक्षक ध्रुव नारायण सिंह और उसकी बेटी गरिमा सिंह के विरुद्ध सातवीं एफआइआर दर्ज हुई है। सूर्यविहार कालोनी निवासी शिक्षक सुग्रीव सिंह की तहरीर पर रविवार को तिवारीपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। इससे पहले एम्स, गोरखनाथ और सहजनवां थाने में छह अलग-अलग मामलों में एफआइआर हो चुकी है।

सुग्रीव शहर के एक इंटर कालेज में वर्ष 2021 से शिक्षक हैं। 36 वर्षीय सुग्रीव परिवार के इकलौते बेटे हैं और इसी वर्ष 10 फरवरी को उनकी शादी हुई है। तिवारीपुर थाना पुलिस को उन्होंने बताया कि महादेव झारखंडी में मकान बनवाकर रहने वाले ध्रुव नारायण सिंह मूल रुप से उनकी मौसी के गांव के रहने वाले हैं। इसी कारण उनका ध्रुव नारायण के घर आना-जाना था।

आरोप है कि ध्रुव नारायण ने उन्हें बताया कि आरबीआइ की एक योजना चल रही है। इसके तहत उनके नाम पर फंड मंगाया जाएगा और आठ प्रतिशत लाभ मिलेगा। विश्वास बढ़ाने के लिए ध्रुव नारायण ने अपने दामाद के बैंक खाते में आए करीब 80 लाख रुपये का स्टेटमेंट भी दिखाया। इसे देखकर सुग्रीव भी इस योजना में शामिल होने के लिए तैयार हो गए।

इसके बाद ध्रुव नारायण की बेटी गरिमा कागजात लेकर आई और सुग्रीव के नाम पर छह बैंकों से कुल 83 लाख 87 हजार रुपये का लोन करा दिया। आरोप है कि लोन की रकम में से 77 लाख रुपये सुग्रीव के खाते से गरिमा के परिचित के खाते में ट्रांसफर करा लिए गए, जबकि 6 लाख 35 हजार 399 रुपये उनके खाते में छोड़ दिए गए। गरिमा ने भरोसा दिलाया कि एक साल में पूरा लोन खत्म हो जाएगा।

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सुग्रीव के अनुसार, गरिमा ने चार-पांच महीने तक लोन की इएमआइ जमा की। इसके बाद किस्त जमा करने के लिए बैंक से उनके पास फोन आने लगे। जब उन्होंने गरिमा से संपर्क किया तो उसने कहा कि वह खुद इएमआइ भर दें, अगले महीने रकम दे दी जाएगी। लेकिन इसके बाद भी भुगतान नहीं हुआ।

परेशान होकर वह ध्रुव नारायण सिंह के घर पहुंचे। वहां पहुंचने पर उन्हें पता चला कि वहां पहले से कई लोग अपने रुपये और लोन की समस्या को लेकर पहुंचे हुए हैं। सीओ कोतवाली ओंकार दत्त ने बताया कि लोन से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों में हुए लेनदेन और आरोपितों के संपर्कों की जांच कराई जा रही है। जेल में बंद आरोपितों को रिमांड पर लिया जाएगा।