कान्हा उपवन में 5.50 करोड़ की मिट्टी भराई का काम अटका, शासन को भेजा प्रस्ताव
ताल नदौर के निर्माणाधीन कान्हा उपवन में 5.50 करोड़ रुपये की लागत से एक लाख घन मीटर मिट्टी भरी जानी ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। ताल नदौर में निर्माणाधीन कान्हा उपवन को तय समय में पूरा करने के लिए अब मिट्टी भरने का काम सबसे अहम हो गया है। उपवन में करीब एक लाख घन मीटर मिट्टी भरी जानी है। इसके लिए नगर निगम ने करीब 5.50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा है, लेकिन अभी तक प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं मिली है।
भुगतान का मामला स्पष्ट नहीं होने के कारण ठेकेदार ने मिट्टी भरने का काम करने से इंकार कर दिया है। इससे कान्हा उपवन के निर्माण की गति प्रभावित हो रही है। महापौर ने नगर निगम के मुख्य अभियंता को शासन में वार्ता कर काम आगे बढ़ाने को कहा है।
हाल ही में महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने निर्माणाधीन कान्हा उपवन का निरीक्षण किया था और 30 अक्टूबर तक परियोजना पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। निर्माण से जुड़े कई कार्य अभी बाकी हैं। सीएंडडीएस के अधिकारियों के मुताबिक कार्यों को आगे बढ़ाने से पहले संबंधित हिस्सों में मिट्टी भरकर समतल करना जरूरी है। मिट्टी भरने के बाद ही कई निर्माण कार्य कराए जा सकेंगे।
उपवन के लिए एक लाख घन मीटर मिट्टी की जरूरत
ताल नदौर क्षेत्र में विकसित किए जा रहे कान्हा उपवन के लिए करीब एक लाख घन मीटर मिट्टी की आवश्यकता है। इसमें करीब 5.50 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। सीएंडडीएस ने इसी लागत के आधार पर शासन को प्रस्ताव भेजा है।
अधिकारियों का कहना है कि स्वीकृति मिलते ही मिट्टी भराई का काम शुरू कर दिया जाएगा। नगर निगम के मुख्य अभियंता अमित शर्मा का कहना है कि सीएंडडीएस को प्रोजेक्ट में ही मिट्टी संबंधी खर्च को शामिल करना चाहिए।
भुगतान अटकने से ठीकेदार ने खींच लिए हैं हाथ
मिट्टी भराई का काम निर्माण की अगली प्रक्रिया से सीधे जुड़ा है। ठीकेदार का कहना है कि भुगतान की व्यवस्था स्पष्ट हुए बिना इतनी बड़ी मात्रा में मिट्टी भराई कराना संभव नहीं है। यही वजह है कि काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
ताल नदौर में निर्माणाधीन कान्हा उपवन परियोजना के निर्माण के दौरान मिट्टी भरने संबंधी प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसमें तेजी लाने के लिए नगर निगम के मुख्य अभियंता को निर्देशित किया गया है।
-मंगलेश श्रीवास्तव, महापौर
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