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गोरखपुर में काम मांगकर जीता भरोसा, तीन दिन में रची जेल से फरारी की पूरी पटकथा

Published: Sun, 02 Aug 2026 12:25 PM (IST)

गोरखपुर जेल से अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट का आरोपित विपिन कुमार फरार हो गया। उसने काम करने का बहाना ...और पढ़ें

कटीले तार नहीं लगे होने के कारण आरोपित जेल में यहीं से कूदकर फरार हुआ। - जागरण

कटीले तार नहीं लगे होने के कारण आरोपित जेल में यहीं से कूदकर फरार हुआ। - जागरण

HighLights

  1. पॉक्सो आरोपित विपिन कुमार गोरखपुर जेल से फरार।

  2. काम का बहाना कर तीन दिन में बनाई योजना।

  3. जेल की 20 फीट ऊंची दीवार फांदकर भागा।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। जिला कारागार से फरार अपहरण, दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट के आरोपित विपिन कुमार ने जेल पहुंचने के बाद से ही भागने की पूरी योजना तैयार कर ली थी। जांच में सामने आया है कि 18 जुलाई को जेल आने के बाद वह लगातार सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रख रहा था।

28 जुलाई को उसने जेल अधिकारियों से खेत में काम करने की इच्छा जताई। नम्र व्यवहार देखकर जेलकर्मियों ने उसे कृषि कार्य में लगा दिया। अगले तीन दिन तक उसने काम के बहाने नए बैरक के पीछे स्थित कृषि भूमि, ड्यूटी व्यवस्था और सुरक्षा की कमजोर कड़ियों का अध्ययन किया। शुक्रवार सुबह मौका मिलते ही वह पीपल के पेड़ पर चढ़ा और उसी के सहारे करीब 20 फीट ऊंची चहारदीवारी फांदकर फरार हो गया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार रात डीआइजी जेल अयोध्या शैलेंद्र कुमार मैत्रेय जिला कारागार पहुंचे। उन्होंने निलंबित जेलर, दोनों प्रधान बंदी रक्षकों, दोनों बंदी रक्षकों, जेल अधीक्षक और डिप्टी जेलर से अलग-अलग पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।

प्रारंभिक जांच में बंदी रक्षकों की लापरवाही सामने आने के बाद उनके बयान दर्ज किए गए। जांच में पता चला कि घटना वाले दिन विपिन कुमार सहित 35 बंदियों को नव निर्मित बैरक के पीछे स्थित कृषि योग्य भूमि में काम करने भेजा गया था। इसी परिसर में चहारदीवारी से सटा पीपल का पेड़ है। काम के दौरान बंदी रक्षकों का ध्यान दूसरी ओर होने का फायदा उठाकर विपिन पेड़ पर चढ़ गया और वहां से सीधे जेल की लगभग 20 फीट ऊंची दीवार पार कर बाहर निकल गया।

जब दोपहर में बंदियों की गिनती हुई, तब उसके फरार होने की जानकारी मिली और जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। फरारी के बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में विपिन आखिरी बार रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-दो पर दिखा।

इसके बाद उसका कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस को आशंका है कि वह ट्रेन से जिले से बाहर निकल गया। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और संभावित ठिकानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस और क्राइम ब्रांच की पांच टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसकी गतिविधियों की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।

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मुलाकात करने आई महिला की भूमिका भी जांच के घेरे में
बांसगांव के सरसोपार गांव निवासी विपिन कुमार को पुलिस ने 18 जुलाई को जेल भेजा था। 24 जुलाई को विपिन से मिलने आई एक महिला ने खुद को उसकी साली बताया था। अब पुलिस उसकी तलाश कर रही है। आशंका है कि फरारी की योजना में उसकी भूमिका हो सकती है। पुलिस दोनों के बीच संबंध, मुलाकात के उद्देश्य और फरारी से पहले हुई बातचीत की भी जांच कर रही है।

जेल के अभिलेखों में उसने अपना पता नौसड़ के बाघागाड़ा का दर्ज कराया था, जबकि उसका मूल निवास बांसगांव क्षेत्र के सरसोपार गांव का है। जांच में यह भी पता चला कि उसके माता-पिता और दो छोटे भाई दिल्ली में रहते हैं। बड़ा भाई विवेक अपनी पत्नी नंदिनी के साथ नौसड़ में रहता है। नंदिनी ही 27 जुलाई को जेल में उससे मिलने गई थी।


जेल से फरार हुए दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट के आरोपित की तलाश में क्राइम ब्रांच व शाहपुर थाने की पुलिस जुटी है। सीसी कैमरा फुटेज देखने के साथ ही संभावित ठिकानों पर दबिश जा रही है। करीबियों से भी पूछताछ चल रही है। जल्द ही आरोपित को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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- निमिष पाटील,एसपी सिटी

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