गोरखपुर में बिश्नोई-गोल्डी गैंग से जुड़े अंतरराज्यीय असलहा गिरोह का सदस्य गिरफ्तार, दो खरीदारों ने किया आत्मसमर्पण
गोरखपुर में अंतरराज्यीय अवैध असलहा तस्कर गिरोह के सदस्य करन सोनकर को गिरफ्तार किया गया है, जबकि इस मामले में ...और पढ़ें

बाएं से करन सोनकर, प्रमोद यादव व राजू यादव l सौ. इंटरनेट मीडिया
HighLights
गोरखपुर में अंतरराज्यीय असलहा तस्कर करन सोनकर गिरफ्तार।
दो फरार आरोपितों प्रमोद और राजू यादव ने किया आत्मसमर्पण।
गिरोह हरियाणा-मध्य प्रदेश से हथियार लाकर पूर्वांचल में बेचता था।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। अंतरराज्यीय अवैध असलहा तस्कर गिरोह के सदस्य करन सोनकर को कैंट थाना पुलिस ने शनिवार की सुबह गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से .32 बोर की एक अवैध आटोमैटिक पिस्टल बरामद हुई है। वहीं, मामले में फरार चल रहे बांसगांव के उनौला खास निवासी प्रमोद यादव और खोराबार के मिर्जापुर निवासी राजू यादव ने 24 सितंबर को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। दोनों से पूछताछ कर उनके कब्जे से बताई जा रही पिस्टल बरामद करने की तैयारी है।
पुलिस के अनुसार, करन सोनकर गोरखनाथ क्षेत्र के कोरी टोला, धर्मशाला बाजार का रहने वाला है। पूछताछ में उसने बताया कि उसने श्रेयांश यादव से 25 हजार रुपये में पिस्टल खरीदी थी। 14 सितंबर को एसटीएफ ने लारेंस बिश्नोई व गोल्डी बराड गिरोह से जुड़े श्रेयांश यादव उर्फ बबलू समेत पांच असलहा तस्करों को कैंट क्षेत्र में विंध्यवासिनी पार्क के पास गिरफ्तार किया था।
उनके कब्जे से चार पिस्टल, चार मैगजीन, एक .32 बोर रिवाल्वर और कारतूस बरामद हुए थे। पूछताछ में असलहा तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क की जानकारी सामने आई थी। एसटीएफ के निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह ने इस मामले में 31 आरोपितों पर मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस के अनुसार प्रमोद यादव और राजू यादव ने 24 सितंबर को न्यायालय में आत्मसमर्पण किया है। विवेचक सोमवार को जिला कारागार जाकर दोनों का बयान दर्ज करेंगे।
इसके बाद न्यायालय से रिमांड लेकर उनकी निशानदेही पर पिस्टल बरामद करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पुलिस यह भी पता करेगी कि दोनों ने असलहा किससे और कितने रुपये में खरीदा था तथा नेटवर्क में उनकी भूमिका क्या थी।
एसटीएफ व क्राइम ब्रांच ने तेज की तलाश
14 सितंबर की कार्रवाई के बाद मामले में नामजद अन्य आरोपितों की तलाश के लिए एसटीएफ के साथ क्राइम ब्रांच और कैंट पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं। जांच में सामने आए संपर्कों के आधार पर गोरखपुर के साथ आसपास के जिलों में भी छापेमारी की जा रही थी। करन की गिरफ्तारी और दो आरोपितों के आत्मसमर्पण के बाद पुलिस अब असलहा खरीदने वालों और तस्करी की कड़ी में जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
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हरियाणा और मध्य प्रदेश से लाते थे असलहा
जांच में सामने आया है कि अंतरराज्यीय असलहा तस्करी नेटवर्क में हरियाणा के सोनीपत और मध्य प्रदेश के बड़वानी क्षेत्र से पिस्टल मंगाई जाती थी। इसके बाद गोरखपुर के रास्ते पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में इन्हें पहुंचाया जाता था। तस्कर इंटरनेट मीडिया के जरिये ग्राहकों की तलाश करते थे। एक पिस्टल 15 से 20 हजार रुपये में खरीदकर 30 से 40 हजार रुपये तक में बेचने की जानकारी पूछताछ में सामने आयी।
अवैध असलहा तस्करी के मामले में एक आरोपित को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो आरोपितों ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया है। बरामद पिस्टल और आरोपितों के संपर्कों की जांच की जा रही है। मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपितों की तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। नेटवर्क से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की जांच कर उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
