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गोरखपुर में दावों की निकली हवा, प्रतिमा विसर्जन के समय गायब थे अभियंता

Published: Thu, 22 Oct 2026 10:02 AM (GMT+05:30)

गोरखपुर में बिजली निगम के दावों के बावजूद प्रतिमा विसर्जन के दौरान बिजली नहीं काटी गई, जिससे श्रद्धालु 11 हजार ...और पढ़ें

एकला कृत्रिम तालाब में मूर्ती विसर्जन। जागरण

एकला कृत्रिम तालाब में मूर्ती विसर्जन। जागरण

दुर्गेश त्रिपाठी, गोरखपुर। बिजली निगम ने प्रतिमा विसर्जन के पहले दावा किया था कि हर जगह अभियंताओं और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। कोई प्रतिमा गुजरेगी तो एहतियात के तौर पर बिजली काट दी जाएगी लेकिन गुलरिहा खंड के खुटहन (मदरहवा) उपकेंद्र क्षेत्र में दावों को हवा में उड़ा दिया गया।

अभियंताओं को पता ही नहीं था कि प्रतिमा निकली जा रही है। बुधवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक बिजली काटकर अभियंताओं ने मान लिया कि सभी प्रतिमा विसर्जन के लिए ले जाई जा चुकी हैं। यही वजह है कि शाम को जंगल अयोध्या प्रसाद के चौहान टोला में स्थापित प्रतिमा विसर्जन के लिए ले जाई जा रही थी तो मौके पर कोई बिजलीकर्मी नहीं था।

श्रद्धालु प्रतिमा और सजावट की ऊंचाई को नहीं भांप सके और करंट की चपेट में आ गए। आलम यह रहा कि घटना के तत्काल बाद बिजली कट गई लेकिन अभियंताओं को यह नहीं पता था कि हुआ क्या है। अधिशासी अभियंता को घटना की जानकारी तब हुई जब उन्हें मीडियाकर्मियों ने फोन किया। चौहान टोला के श्रद्धालुओं ने ट्राली पर प्रतिमा रखने के बाद उससे ज्यादा ऊंचाई पर कृत्रिम फूलों से सजावट की और डीजे बांध दिया।

शाम 4:32 बजे कटी बिजली
जिस 11 हजार वोल्ट की लाइन से घटना हुई वह खुटहट उपकेंद्र से निकलती है। खुटहन फीडर के नाम से गुजरी इस लाइन से जैसे ही प्रतिमा के ऊपर सजावट का हिस्सा सटा तो फीडर बंद हो गया। उस समय शाम के 4:32 बज रहे थे। बिजली निगम के रिकार्ड में भी यह समय दर्ज है।

घटनास्थल से थोड़ी दूरी पर दो संविदाकर्मियों का घर
खुटहट उपकेंद्र में काम करने वाले दो संविदाकर्मियों का घर घटनास्थल से थोड़ी ही दूरी पर है। लोगों का कहना है कि इन संविदाकर्मियों ने भी बिजली कटौती से जुड़ी कोई जानकारी नहीं दी।

पुलिसकर्मी बोले, कटी है बिजली, आगे बढ़ो
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि प्रतिमा के ऊपरी हिस्से को 11 हजार वोल्ट की लाइन के करीब देखकर श्रद्धालुओं ने कुछ देर के लिए यात्रा रोक दी थी लेकिन साथ चल रहे पुलिसकर्मियों ने कहा कि बिजली कटी है, घबराने की कोई बात नहीं है। इसके बाद श्रद्धालु आगे बढ़ गए और हादसा हो गया।

समन्वय नहीं रहता, सब नौकरी करते हैं
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल पीस कमेटी की बैठक में कहा जाता है कि प्रतिमा विसर्जन के समय पुलिसकर्मी और बिजली निगम के अभियंता समन्वय बनाकर शटडाउन लेते रहेंगे। प्रतिमा की ऊंचाई की भी जांच कराई जाएगी लेकिन हकीकत में ऐसा कुछ नहीं होता है। बिना समन्वय बैठाए सभी सिर्फ नौकरी करते हैं।

तार क्रास फिर भी नहीं की गार्डिंग
जिस जगह घटना हुई है वहां 11 हजार वोल्ट की लाइन सड़क को क्रास की है। एक तरफ की लाइन लोहे के पोल पर है तो दूसरी तरफ की कंक्रीट के पोल पर है। नियमानुसार सड़क के ऊपर से 11 हजार वोल्ट की लाइन क्रास करने पर नीचे गार्डिंग की जानी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं किया गया। यदि गार्डिंग की गई होती तो हादसा ही नहीं होता।

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बिजलीकर्मियों से हुआ था विवाद
कुछ महीने पहले चौहान टोला के युवकों का खुटहन उपकेंद्र के बिजलीकर्मियों से विवाद हुआ था। मामला थाने पर भी पहुंचा था। पुलिस ने कुछ युवकों को हिरासत में लिया था। इसके बाद से युवकों और बिजलीकर्मियों में तनाव चल रहा था। लोगों का आरोप है कि इसी तनातनी में बिजलीकर्मियों ने लाइन नहीं काटी।

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