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गोरखपुर में निश्शुल्क जांच पर भी वसूली, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

Published: Sat, 12 Sep 2026 11:40 AM (IST)

गोरखपुर जिला अस्पताल में निःशुल्क जांचों के नाम पर मरीजों से वसूली का मामला सामने आया है। एक कर्मचारी का ...और पढ़ें

HighLights

  1. जिला अस्पताल में निःशुल्क जांचों के नाम पर मरीजों से वसूली।

  2. एक्स-रे के लिए कर्मचारी ने मरीज के तीमारदार से पैसे लिए।

  3. वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने जांच शुरू की।

अरुण कुमार, गोरखपुर। जिला अस्पताल में एक रुपये में उपचार का दावा छलावा साबित हो रहा है। रोगियों को सिर्फ दवाओं के लिए ही रुपये नहीं खर्च करने पड़ रहे हैं, बल्कि जांच के नाम पर उनसे वसूली की जा रही है। पैथाेलाजी, एक्स-रे सहित अन्य जांचों को कराने के लिए रोगियों से रुपये वसूले जा रहे हैं।

एक्स-रे कराने के लिए कर्मचारी ने रोगी के तीमारदार से दो सौ रुपये मांगे। शुक्रवार को कर्मचारी के रुपये लेने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ। लगभग पांच मिनट के वीडियो में कर्मचारी रुपये लेने के बाद एक्स-रे की प्रक्रिया पूरी कराते हुए नजर आ रहा है।

पीड़ित का कहना है कि उनसे रक्त का नमूना जांचने के लिए भी पैसा लिया गया था। इस संबंध में अधीक्षक ने कहा कि वीडियो को संज्ञान में लेकर कार्रवाई जा रही है।

खजनी के रहने वाले अजीत सिंह के चाचा को खांसी की शिकायत है। इसका उपचार कराने के लिए वह आठ सितंबर को जिला अस्पताल पहुंचे। चिकित्सक ने छाती का एक्स-रे और रक्त इत्यादि की जांच कराने की सलाह दी। एक्स-रे केंद्र पर पहुंचने पर वहां मिले कर्मचारी ने पहले पर्ची की छायाप्रति लाने को कहा। छायाप्रति लेकर लौटने पर कर्मचारी ने तत्काल जांच न हो पाने की बात कही और अगले दिन आने को कहा।

इसके बाद तत्काल जांच और उसी दिन रिपोर्ट देने के लिए 200 रुपये मांगने लगा। तीमारदार का कहना है कि कुछ देर की बातचीत के बाद कर्मचारी तैयार हो गया। उनसे 150 रुपये लेकर एक्स-रे कराने ले गया। उस समय काफी भीड़ थी। इसलिए कर्मचारी ने कथित तौर पर किसी को बताने से भी मना किया। उसने कुछ लोगों से भी बात करके इसी तरह से एक्स- रे कराने के लिए तैयार किया।

उनसे भी रुपये वसूलकर जेब में रख लिए। फिर सबका एक्स- रे करा दिया। अजीत का कहना है कि रक्त जांच के लिए भी एक कर्मचारी 150 रुपये लिए हैं। जांच कराकर वह इसकी शिकायत लेकर वह सीएमओ कार्यालय गए।

वहां बताया कि इस प्रकरण की शिकायत प्रमुख अधीक्षक से करिए। हालांकि उस समय प्रमुख अधीक्षक किसी मीटिंग में शामिल होने गए थे। इसलिए रोगी ने किसी से उनका मोबाइल फाेन नंबर लेकर मामले से अवगत कराया। विलंब होने की वजह से वह घर लौट गया।

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बहाना बनाकर कर्मचारी करते हैं वसूली
जिला अस्पताल में कुछ कर्मचारियों की हरकत से रोगियों और उनके तीमारदार पर भारी पड़ती है। जांच से लेकर अन्य प्रक्रियाओं को पूरा कराने के लिए वह बहाने बनाते हैं। फिर जल्दी काम कराने का झांसा देकर लोगों से वसूली करते हैं। दूर- दराज से आए अधिकांश लोग उनकी बातों में आकर मजबूरी में रुपये दे देते हैं। अधिकांश लोग कर्मचारियों की हरकत का कोई विरोध भी नहीं कर पाते हैं।

कर्मचारी के खिलाफ होगी कार्रवाई
इस संबंध में अधीक्षक बीके सुमन ने बताया कि अस्पताल में निश्शुल्क सुविधाओं का पैसा लिया जाना गलत है। एक्स-रे के लिए रुपये वसूलने के मामले की जानकारी मिली है। कुछ लोगों ने वीडियो भेजा है। पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई जा रही है। अस्पताल की छवि करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जिला अस्पताल में बढ़ी सतर्कता, मेडिकल स्टोर पर गिनेचुने ग्राहक
जिला अस्पताल में बाहर की दवाएं लिखे जाने को लेकर शुक्रवार को व्यवस्था बदली नजर आई। अस्पताल के सामने स्थित मेडिकल स्टोर पर गिने-चुने लोग ही दवा खरीदते दिखाई दिए। दैनिक जागरण ने ‘छलावा सिद्ध हो रहा सस्ते उपचार का दावा’ शीर्षक से शुक्रवार को समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद अस्पताल के भीतर भी काफी सतर्कता बरती गई।

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गुरुवार को जिला अस्पताल के बाहर मेडिकल स्टोरों पर पर्चा लेकर कई रोगी दवा खरीदते मिले थे। महदेवा के रहने वाले सहबान अली कई लोगों ने बाहर की दवा लिखने की बात कही। बताया कि यदि पर्चे की दवा अस्पताल में मिल जाती तो बाहर से खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती। हालांकि अस्पताल प्रशासन सभी दवाओं की उपलब्धता के दावे कर रहा है। यह भी बात सामने आई थी कि कुछ चिकित्सक ही लोगों को दवा खरीदने के लिए बाहर जाने की सलाह देते हैं।

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