गोरखपुर, जेएनएन। पिछड़े जिले और माफिया का गढ़ होने की दंश भरी पहचान वाले गोरखपुर ने अपने तेवर बदले तो उसका कलेवर भी बदलने लगा है। चार साल पहले भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी और गोरक्षपीठाधीश्वर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने तो राप्ती नदी की नगरी में विकास की गंगा बहने लगी। मुख्यमंत्री के गृह जनपद में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं की नींव मजबूत हुई तो पर्यटन ने सुविधाओं का पंख लगाकर उड़ान भरी। 19 मार्च 2017 से 18 मार्च 2021 तक गोरखपुर के खाते में एक लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं आ चुकी हैैं।

टाप 15 मे शाम‍िल हुआ ज‍िला

गोरखपुर अब पिछड़ा जिला नहीं रहा। औद्योगिक अवस्थापना, सुरक्षा, संपर्क मार्ग और सुगमता देकर ईज आफ डूइंग यानी कारोबारी सुगमता देने के मामले में लंबी छलांग लगाई है। कभी बिलो-50 में रहने वाला जिला अब टाप-15 में है। जहां कारोबारी पलायन की नौबत थी, वहां विदेशी कंपनियां निवेश कर रही हैैं। खाद कारखाना, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे, रामगढ़ ताल परियोजना, जंगल कौडिय़ा-कालेसर मार्ग जैसी परियोजना मूर्त हो रही हैैं। उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पयर्टन, बिजली-पानी व सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास कर गोरखपुर पूर्वांचल का सितारा बनकर चमकने लगा। अब मेट्रो भी आने वाली है। लोग कह रहे हैैं कि गोरखपुर का कलेवर बदल गया। वह नया हो गया है।

पर्यटन को पंख, मरीन ड्राइव बना रामगढ़ ताल

बौद्ध परिपथ के हृदय स्थल पर मौजूद बाबा गोरखनाथ की धरती गोरखपुर पर्यटन के नजरिए से कितनी उर्वर है, बीते चार वर्ष में इसका अहसास हर किसी ने किया है। जहां भी पर्यटन विकास की संभावना रही, उसे चमकाया गया या चमकाया जा रहा है। पर्यटन क्षेत्र में सरकार ने 300 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाएं दी। रामगढ़ ताल मरीन ड्राइव सा बनकर पर्यटकों को लुभा रहा है तो वाटर स्पोट्र्स का रोमांच भी जल्द मिलने वाला है। यही कारण है कि गोरखपुर आने वाले पर्यटकों की संख्या 25 फीसद से अधिक बढ़ी है।

जारी है गोरखपुर को चमकाने कोश‍िश :

9.50 अरब की पर‍ियोजानाओं का शीघ्र होगा लोकापर्ण-श‍िलान्‍यास

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद नगर निगम ने 9.50 अरब से ज्यादा की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास की तैयारी शुरू कर दी है। इनमें 6.50 अरब रुपये सीवर लाइन पर खर्च होने जा रहे हैं। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय क्षेत्र में सीवर लाइनों का लोकार्पण होगा तो सूरजकुंड क्षेत्र में दो अरब 30 करोड़ रुपये से सीवर लाइन बिछाए जाने के कार्य का शिलान्यास होगा। सूरजकुंड क्षेत्र में 10 एमएलडी का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित किया जाएगा। इससे इस इलाके के सीवर का निस्तारण तो हो ही जाएगा राप्ती और रोहिन नदियों में गंदा पानी नहीं जा पाएगा।

आठ करोड़ से बदलेगी पांच प्राचीन मंदिरों की सूरत

पर्यटन विभाग ने पांच प्राचीन मंदिरों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। इसके लिए विभाग करीब आठ करोड़ की लागत का प्रस्ताव तैयार करा रहा है। पर्यटन निदेशालय ने इसे लेकर क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालय को निर्देशित किया है। कार्यालय ने आगणन और प्रस्ताव तैयार करने के लिए कार्यदायी संस्था को जिम्मेदारी सौंप दी है। प्रस्ताव जिलाधिकारी के माध्यम से भेजने के लिए कहा गया है।

4.87 करोड़ रुपये की लागत से बनेंगी तीन नई सड़कें

जीडीए अवस्थापना निधि से शहर की तीन और सीसी सड़कों व आरसीसी नालियों का निर्माण करेगा। मंडलायुक्त/जीडीए अध्यक्ष रवि कुमार एनजी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई। इनपर करीब 4.87 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

Edited By: Pradeep Srivastava