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गोरखपुर की उफनाती नदी में पलटी नाव, निरीक्षण करने पहुंचे लेखपाल गिरे

Published: Thu, 10 Sep 2026 07:55 AM (IST)

गोरखपुर में सरयू और राप्ती नदियों के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का संकट गहरा गया है। जैतपुर गांव में एक ...और पढ़ें

बड़हलगंज के लखनौरा गांव में नाव से हरा चारा लेकर जाती बाढ़ पीड़ित महिलाएं। जागरण

बड़हलगंज के लखनौरा गांव में नाव से हरा चारा लेकर जाती बाढ़ पीड़ित महिलाएं। जागरण

HighLights

  1. गोरखपुर में सरयू-राप्ती नदियों से बाढ़ का संकट गहराया।

  2. जैतपुर में नाव पलटी, लेखपाल समेत 15 लोग सुरक्षित निकाले गए।

  3. बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत कार्य जारी, फसल मुआवजे की मांग।

संवाद सूत्र, मधुपुर/पटनाघाट, (गोरखपुर)। बड़हलगंज के कछाराचंल में सरयू व राप्ती नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण नौवें दिन बुधवार को बाढ़ का संकट गहरा गया। बुधवार को जैतपुर गांव जाते समय किनारे पहुंचने के बाद छोटी नाव पलट गई। नाव पलटते ही अफरातफरी मच गई।

नाव पर 15 से ज्यादा लोग सवार थे। इनमें हल्का लेखपाल जयकरन, ग्राम प्रशासक सरिता देवी के जेठ योगेंद्र, राजन, संतोष, झीनकू, अजय, रामअशीष, सूरज, रामप्रवेश आदि पानी में गिर गए। तकरीबन तीन फीट पानी होने से लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया।

इस बीच, बाढ़ से दो दर्जन गांव प्रभावित हो गए हैं। 12 से ज्यादा गांवों का संपर्क मार्ग डूब जाने के कारण लोग नाव के सहारे आवागमन कर रहे हैं। प्रशासन ने 21 नाव लगा दी है। साथ ही चार गांवों में तैयार भोजन का वितरण शुरू करा दिया। पहले दो गांवों में भोजन का वितरण कराया जा रहा था।

सरयू नदी की बाढ़ से कोलखास, ज्ञानकोल, गोनघट, बगहा देवार, मुसाडोही, कोटियानिरंजन, खैराटी, अजयपुरा, गायघाट, गोनहा, बल्थर, जैतपुर, बरडीहा, भयपुरा, गोरखपुरा, बेलवा तुरंत सिंह तथा राप्ती नदी से लखनौरी, लखनौरा, हिगुंहार, सुबेदारनगर माझा, खोहियापट्टी, मच्छरगांवा, बिहुआ उर्फ अगलगौआ, नेतवारपट्टी, रामनगर, जगदीशपुर गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।

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इन गांवों में चल रही नाव
सरयू नदी की बाढ़ से प्रभावित नौ गांवों जैतपुर, बगहा देवार, मुसाडोही, कोटिया निरंजन, गोनाह, ज्ञानकोल, कोलखास, बल्थर, बेलवा तुरंत सिंह और राप्ती नदी के बाढ़ से प्रभावित लखनौरी, लखनौरा व हिंगुहार का संपर्क मार्ग डूब जाने के कारण लोग नाव से आवागमन करने को विवश हैं।

अधिकारियों ने किया बाढ़ क्षेत्र का दौरा
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व जयप्रकाश ने तहसील के अधिकारियों के साथ डेरवा जगदीशपुर मार्ग पर नवनिर्मित पुलिया के पास से बाढ़ की विभीषिका देखी। उन्होंने बाढ़ की भयावहता को देखते हुए लखनौरी, लखनौरा व हिंगुहार में तैयार भोजन का वितरण कराने और इन गांवों में तत्काल नाव लगाने के निर्देश दिए।

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कोलखास, ज्ञानकोल समेत अन्य बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद कर्मचारियों से बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि पानी बढ़ने से दैनिक जरूरतों को पूरा करने में परेशानी हो रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

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बाढ़ से नष्ट हुई फसलों के मुआवजा की मांग
बाढ़ प्रभावित पटना गांव की ग्राम प्रशासक रानी देवी ने उपजिलाधिकारी को पत्र भेजकर बाढ़ से प्रभावित किसानों की फसलों की क्षति का मुआवजा देने की मांग की है।


बाढ़ में नुकसान हुई फसलों का सर्वेक्षण कराया जा रहा है। एक से दो दिन में बाढ़ राहत सामग्री का वितरण शुरू करा दिया जाएगा। प्रशासन पूरी नजर बनाए हुए है। किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है।

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-मनीष कुमार, उपजिलाधिकारी, गोला