गोरखपुर, जागरण टीम। गोरखपुर जिला महिला अस्पताल के मुख्य द्वार की शोभा बढ़ जाएगी। हरियाली व पार्क अब रोगियों व तीमारदारों का स्वागत करेगा। द्वार के बाहर खाली जमीन पर चाय व गुटका बेचने वालों को हटा दिया गया है। वहां सड़क की तरफ लोहे की ग्रील लगाकर खाली स्थान को पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा। पौधे व हरी घास लगाई जाएगी।

हटाए गए चाय, गुटका, समोसा बेचने वाले: अस्पताल के बाहर खाली जमीन पर चाय, गुटका व समोसा बेचने वाले ठेला लगाते थे। इससे गंदगी फैली रहती थी और हमेशा भीड़ लगी रहती थी। इसे देखते हुए प्रबंधन ने उन्हें हटाने का निर्णय लिया। खाली जमीन पर मिट्टी डलवा दी गई है। अब सड़क के किनारे लोहे के ग्रिल लगाकर उसे सुरक्षित किया जाएगा। उसमें पौधे, हरी घास व फूलों से सुसज्जित किया जाएगा। इससे मुख्य द्वार का सौंदर्य ही नहीं बढ़ेगा, गंदगी से भी छुटकारा मिलेगा।

पुराने भवन के तीन कमरों का होगा जीर्णोद्धार: अस्पताल के पुराने भवन के तीन कमरों का जीर्णोद्धार कराया जाएगा। तीनों कमरे मुख्य द्वार से सटे हुए हैं। वहां हेल्प डेस्क, एंबुलेंस डेस्क व पर्चा काउंटर बनाया जाएगा, ताकि रोगियों व तीमारदारों को भटकना न पड़े।

बन रहा आधुनिक रसोईघर: अस्पताल में एक पुराना रसोईघर था, जहां रोगियों के लिए भोजन बनता था। उसकी दीवारें व फर्श गंदा हो गया था। अब उसे आधुनिक बनाया जा रहा है। खाना बनाने के लिए ग्रेनाइट का प्लेटफार्म बन रहा है। फर्श पर टाइल्स लगाए जा रहे हैं। धुआं निकालने के लिए चिमनी भी लगेगी। अब रसोईघर साफ-सुथरा दिखेगा।

ठीक की गई आग बुझाने की व्यवस्था: मैटर्निटी विंग में आग बुझाने की व्यवस्था पहले से थी लेकिन अभी तक उसे संचालित नहीं किया गया था। नल से पाइप जुड़ी भी नहीं थी। प्रबंधन ने पाइप को नल से जुड़वाकर कर्मचारियों को उसे संचालित करने का प्रशिक्षण दिलवाया है। पानी की धार सात मंजिल तक पहुंच रही है।

जिला महिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डा. एनके श्रीवास्तव ने बताया कि धीरे-धीरे सारी व्यवस्था ठीक की जा रही है। काफी हद तक सुधार हो चुका है। अब पूरा ध्यान मुख्य द्वार के बाहर सफाई पर है। वहां पार्क बनवाया जाएगा। दो-चार दिन में आधुनिक रसोईघर भी तैयार हो जाएगा।

Edited By: Pragati Chand