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गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने रुकवाया शास्त्री चौक के पास दुकानों का निर्माण

शास्त्री चौक के पास चर्च परिसर वाणिज्यिक कांप्लेक्स के प्रथम तल पर बिना मानचित्र पास कराए किए जा रहे दुकानों के निर्माण को गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की टीम ने रोक दिया। दुकानों का शमन मानचित्र पास होने के बाद ही काम कराया जा सकेगा।

By Rahul SrivastavaEdited By: Published: Thu, 07 Oct 2021 04:54 PM (IST)Updated: Thu, 07 Oct 2021 04:54 PM (IST)
जीडीए में आयोजित शिविर में समस्याओं को सुनते जीडीए वीसी प्रेम रंजन सिंह। जागरण

गोरखपुर, जागरण संवाददाता : महानगर के शास्त्री चौक के पास चर्च परिसर वाणिज्यिक कांप्लेक्स के प्रथम तल पर बिना मानचित्र पास कराए किए जा रहे दुकानों के निर्माण को गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की टीम ने रोक दिया। दुकानों का शमन मानचित्र पास होने के बाद ही काम कराया जा सकेगा। सहायक अभियंता एवं अवर अभियंता को इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं।

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मंडलायुक्त से मिलकर की थी अनधिकृत निर्माण की शिकायत

अखिल भारतीय अधिवक्ता महासभा द्वारा संचालित 'जांच की आंच' के मुख्य संरक्षक जमशेद जिद्दी ने मंडलायुक्त/ अध्यक्ष जीडीए रवि कुमार एनजी से मिलकर अनधिकृत निर्माण की शिकायत की थी। मंडलायुक्त से मिलकर उन्होंने शिकायत की थी कि शास्त्री चौक के पास चर्च परिसर वाणिज्यिक कांप्लेक्स के प्रथम तल पर जीडीए से मानचित्र पास कराए बिना ही अनधिकृत रूप से 40 दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है। जिससे जीडीए के राजस्व में क्षति हो रही है। इसकी शिकायत एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आइजीआरएस) पर भी की गई थी। इस मामले में जीडीए की ओर से कागजी कार्रवाई शुरू की गई थी। मामला जीडीए उपाध्यक्ष के संज्ञान में आने के बाद दोपहर बाद काम बंद करवा दिया गया। जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि दुकानों का निर्माण रुकवा दिया गया है।

पहले दिन आए मानचित्र के 18 मामले, 17 निस्तारित

आनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम (ओबीपीएएस) के अंतर्गत लंबित मानचित्र के प्रकरणों के निस्तारण के लिए गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के भूतल पर तीन दिवसीय मानचित्र समाधान विशेष शिविर का शुभारंभ हुआ। पहले दिन 80 लोग शिविर में आए, इनमें से 18 ने मानचित्र से जुड़ी समस्या अधिकारियों के समक्ष रखी। कमियों को दूर कराकर मौके पर ही इनमें से 17 मामलों का निस्तारण कर दिया गया। 17 मानचित्र पास होने से जीडीए को 55 लाख 92 हजार 305 रुपये की आय हुई।

सुबह 10 बजे से ही शिविर में पहुंचने लगे थे लोग

सुबह 10 बजे से आयोजित शिविर में लोग पहुंचने लगे थे। कई लोगों ने शिविर में पहुंचकर जरूरी जानकारियां लीं और अगले दिन आने को कहा। 18 लोग प्रपत्रों के साथ आए थे। इनमें से एक का लो रिस्क (ले आउट अनुमोदित कालोनी के नक्शे) एवं 17 का हाई रिस्क (अनियोजित कालोनी से जुड़े या व्यावसायिक नक्शे) में मानचित्र का आनलाइन आवेदन लंबित था। शिविर में एक लो रिस्क के साथ ही हाई रिस्क वाले 16 आवेदनों का निस्तारण कर दिया गया। हाई रिस्क का एक मानचित्र अभी भी लंबित पड़ा है, उसे अगले एक सप्ताह में निस्तारित करने को कहा गया है। करीब दो घंटे तक जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह, सचिव उदय प्रताप सिंह, मुख्य अभियंता पीपी सिंह भी शिविर में मौजूद रहे। मानचित्र विभाग से जुड़े सभी अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता एवं अवर अभियंताओं ने आवेदकों की समस्या सुनी। उन्हें आवेदन लंबित होने का कारण बताया गया और छोटी-छोटी कमियों को दूर कराकर उनकी समस्या का निस्तारण किया गया। अभी भी ओबीपीएएस पोर्टल पर एक महीने से कम समय से 29 जबकि एक महीने से अधिक समय से 160 मामले लंबित हैं। शिविर में आए लोगों को ओबीपीएएस पोर्टल के प्रयोग के बारे में तकनीकी जानकारी भी दी गई। शिविर निर्धारित समय से सात एवं आठ अक्टूबर को भी जारी रहेगा।

तीन दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन

जीडीए के उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि ओबीपीएएस पोर्टल पर लंबे समय से लंबित मानचित्रों के निस्तारण के लिए तीन दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन किया गया है। पहले दिन 80 लोग आए, जिनमें से 18 ने मानचित्र से जुड़ी समस्या रखी। इनमें से 17 के मामले निस्तारित कर दिए गए और इससे जीडीए को करीब 56 लाख रुपये की आय हुई है।


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