गोरखपुर में क्रिप्टो करेंसी के जरिए चीन भेजी जा रही थी ठगी की रकम, पांच गिरफ्तार
एक अंतरराज्यीय गिरोह ने 14 राज्यों में 4.09 करोड़ रुपये की साइबर ठगी कर 34 म्यूल खातों में जमा कराए, ...और पढ़ें

मामले की जानकारी देते पुलिस अधिकारी। जागरण
HighLights
14 राज्यों में 4.09 करोड़ रुपये की साइबर ठगी।
ठगी की रकम क्रिप्टो में बदलकर चीन भेजी जाती थी।
गोरखपुर से गिरोह के सरगना समेत पांच आरोपित गिरफ्तार।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। साइबर ठगी की रकम को बैंक खातों के जाल में उलझाकर निकालने और फिर क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर चीन तक पहुंचाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। साइबर क्राइम सेल और चिलुआताल पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार को पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, गिरोह का सरगना चिलुआताल के करीमनगर निवासी मकसूद आलम खान है। वह करीमनगर ट्रेडिंग सेंटर चलाता था और ठगी की रकम को यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर चीन में बैठे हैंडलर तक पहुंचाता था। गिरोह का दिल्ली निवासी एक युवक भी निगरानी करता था, जिसकी तलाश की जा रही है।
पुलिस लाइन में शुक्रवार की दोपहर एसपी क्राइम अयोध्या प्रसाद सिंह और सहायक पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार एस ने प्रेस वार्ता कर यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि साइबर पोर्टल से जानकारी मिली थी कि 14 राज्यों में 4.09 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी हुई है। यह रकम गोरखपुर में खोले गए 34 म्यूल खातों से निकाले गए हैं।
सूचना के आधार पर शुक्रवार को साइबर सेल व चिलुआताल थाने की पुलिस ने महराजगंज जिले के नौतनवा निवासी नवनीत पांडेय उर्फ आदेश, चंदौली जिले के खुर्जा निवासी आदर्श सिंह उर्फ थायनोस, राजघाट के बसंतपुर रैन बसेरा निवासी रवि वर्मा, एम्स क्षेत्र के कूड़ाघाट निवासी प्रज्ञा रतन और चिलुआताल के करीमनगर निवासी मकसूद आलम खान को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में पता चला कि यह गिरोह एक वर्ष से सक्रिय है। नवनीत और आदर्श बीटेक की पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि रवि और प्रज्ञा कमीशन के लालच में गिरोह से जुड़े थे। आरोपितों के कब्जे से 13.76 लाख रुपये नकद,4,710 रुपये नेपाली मुद्रा, पांच मोबाइल फोन, एक लैपटाप, 22 एटीएम कार्ड, तीन चेकबुक, तीन पासबुक, दो फर्जी मुहर, कैश काउंटिंग मशीन, एक चार पहिया वाहन और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई।
आरोपितों की संपत्तियों की जांच कराई जा रही है। पुलिस के अनुसार सूरजकुंड निवासी कृष्णा शर्मा, शाहपुर के बशारतपुर निवासी दिव्यांशु शेखर शुक्ल, आदर्श द्विवेदी, विदित और गोविंद वर्मा वांछित हैं। इनके साथ ही दिल्ली निवासी युवक और विदेशी संपर्कों की भूमिका की जांच जारी है।
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ऐसे चलता था ठगी का नेटवर्क
गिरोह के सदस्य लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते हासिल करते थे। खाताधारकों की पासबुक, एटीएम कार्ड और चेकबुक अपने कब्जे में लेकर साइबर ठगी और आनलाइन निवेश ट्रेडिंग के नाम पर धोखाधड़ी से मिली रकम इन खातों में मंगाई जाती थी। इसके बाद एटीएम और चेक से नकदी निकाली जाती थी। कमीशन काटकर शेष रकम विदेशी संपर्कों के जरिये यूएसडीटी में बदली जाती और डिजिटल वालेट के माध्यम से चीन के हैंडलर तक पहुंचाई जाती थी।
