गोरखपुर में 400 करोड़ की लागत से बनेगा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, जलभराव से बचने के लिए बढ़ेगी ऊंचाई
गोरखपुर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और आसपास की परियोजनाओं को जलभराव से बचाने के लिए जमीन की ऊंचाई बढ़ाई जाएगी।

400 करोड़ की लागत से 46 एकड़ में बनेगा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम।
HighLights
स्टेडियम को जलभराव से बचाने को ऊंचाई बढ़ेगी।
परियोजना की लागत 392 से 400.67 करोड़ हुई।
अतिरिक्त 1.47 लाख घनमीटर मिट्टी भराई होगी।
अरुण चन्द, गोरखपुर। गोरखपुर-वाराणसी मार्ग पर ताल नदौर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और आसपास की दूसरी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को जलभराव से बचाने के लिए जमीन की ऊंचाई बढ़ाई जाएगी। इसके लिए स्टेडियम में करीब 1.47 लाख घनमीटर अतिरिक्त मिट्टी भराई की जरूरत बताई गई है।
मिट्टी भराई की मात्रा बढ़ने से परियोजना की संशोधित लागत अब 392 करोड़ से बढ़कर करीब 400.67 करोड़ रुपये हो गई है। शासन ने इस संबंध में संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर स्पष्ट, समेकित और औचित्यपूर्ण प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 16 मई 2026 को इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास किया था। करीब 46 एकड़ में 30 हजार दर्शकों की क्षमता का इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बनेगा। साथ ही इसके बगल की 60 एकड़ भूमि पर विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स कांप्लेक्स भी बनाया जाएगा। निर्माण क्षेत्र के निचले भूभाग में होने के कारण वर्षा ऋतु में जलभराव की आशंका है।
भविष्य में स्टेडियम की संरचना को बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रखने के लिए मैदान, खेल क्षेत्र, आंतरिक सड़कें, अभ्यास पिच, विद्युत उपकेंद्र, सीवेज शोधन संयंत्र और अन्य आंतरिक सुविधाओं को उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर उठाने की आवश्यकता बताई गई है।
बाढ़ के उच्चतम स्तर के आधार पर तय होगी ऊंचाई
लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता के 18 सितंबर 2026 के पत्र के संदर्भ में शासन को भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार, 22 जनवरी 2026 को स्थानीय निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्थल की स्थिति का आकलन किया था। इसके बाद 4 फरवरी 2026 को लोक निर्माण विभाग और बाढ़ खंड के अधिकारियों के संयुक्त परामर्श से स्थल का उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) 76.03 मीटर निर्धारित किया गया।
इसी के अनुरूप स्टेडियम के विभिन्न हिस्सों को आवश्यक ऊंचाई तक उठाने के लिए मिट्टी भराई की मात्रा का आकलन किया गया। प्रस्ताव के अनुसार, अब कुल 4,26,013 घनमीटर मिट्टी भराई की आवश्यकता है, जबकि पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) के परामर्श से तैयार प्रारंभिक आकलन में 2,78,209 घनमीटर मिट्टी भराई स्वीकृत थी।
इस तरह मिट्टी भराई की मात्रा में 1,47,804 घनमीटर की वृद्धि हुई है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए करीब 400.67 करोड़ रुपये की संशोधित लागत का पुनरीक्षित आगणन शासन को अग्रिम कार्रवाई के लिए भेजा गया है।
पशु महाविद्यालय और कान्हा उपवन की भी बढ़ेगी ऊंचाई
शासन के निर्देश के क्रम में कमिश्नर इन्द्र विक्रम सिंह ने गुरुवार को लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, सिंचाई विभाग और अन्य संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें निर्माणाधीन पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय और कान्हा उपवन गौशाला सहित क्षेत्र की अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं में मिट्टी भराई और जलनिकासी की व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई।
अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की योजनाओं और जरूरतों की जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में यह भी तय किया गया कि बीते वर्षों में स्थानीय स्तर पर हुई जलभराव की घटनाओं और जलमग्न परिस्थितियों का परीक्षण करने के बाद ही परियोजनाओं की ऊंचाई और मिट्टी भराई के संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाए।
उद्देश्य यह है कि एक परियोजना की ऊंचाई बढ़ाने से आसपास की दूसरी परियोजनाओं में जलभराव की समस्या न पैदा हो और सभी निर्माण कार्यों में जलनिकासी की व्यवस्था एक-दूसरे के अनुरूप रहे।
शासन ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से विचार-विमर्श कर स्पष्ट और औचित्यपूर्ण प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के साथ-साथ आसपास की अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं को भी भविष्य में बाढ़ और जलभराव से सुरक्षित रखा जा सके।
