टूरिस्ट हब बनेगा गोरखपुर का बुढ़िया माता मंदिर, तालाब पर बनेगा पीपे का पुल
गोरखपुर में बुढ़िया माता मंदिर और उसके आसपास का तालाब क्षेत्र जल्द ही पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा।

यह तस्वीर AI जेनेरेटेड है
HighLights
बुढ़िया माता मंदिर क्षेत्र बनेगा नया पर्यटन केंद्र।
तालाब का सुंदरीकरण और पीपे का पुल बनेगा।
श्रद्धालुओं को मिलेगी सुरक्षित आवाजाही की सुविधा।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। बुढ़िया माता मंदिर और उसके आसपास का क्षेत्र जल्द नए स्वरूप में नजर आ सकता है। मंदिर के समीप स्थित तालाब का सुंदरीकरण कराया जाएगा, वहीं तालाब के आर-पार श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही के लिए पीपे का पुल बनाने की भी तैयारी शुरू हो गई है। मंदिर परिसर और तालाब क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना है।
डीएम दीपक मीणा ने मंगलवार को बुढ़िया माता मंदिर का निरीक्षण कर विकास कार्यों की संभावनाएं देखीं। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को तालाब की सफाई कराने के निर्देश दिए। साथ ही लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को तालाब में पीपे का पुल लगाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
दरअसल, बुढ़िया माता मंदिर के पास स्थित तालाब के दूसरी ओर भी एक मंदिर है, जिसे बुढ़िया माता का प्राचीन मंदिर बताया जाता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मुख्य मंदिर में दर्शन के बाद तालाब पार स्थित पुराने मंदिर में भी पूजा-अर्चना के लिए जाते हैं। वर्तमान में श्रद्धालुओं को वहां पहुंचने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है।
जल्द तैयार होगा प्रस्ताव
ऐसे में विशेष अवसरों और अधिक भीड़ के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए पीपे का पुल बनाने का निर्णय लिया गया है। पुल बनने से तालाब के उस पार स्थित प्राचीन मंदिर तक पहुंचना आसान और सुरक्षित हो सकेगा।
डीएम ने पर्यटन विभाग को भी तालाब के किनारे बोल्डर पिचिंग कराने और अन्य सुंदरीकरण कार्यों के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। तालाब की सफाई के साथ किनारों को व्यवस्थित करने और आसपास के क्षेत्र को आकर्षक बनाने की योजना है।
डीएम दीपक मीणा ने बताया कि विकास कार्यों से संबंधित प्रस्ताव जल्द तैयार कराया जाएगा। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद कार्य शुरू कराया जाएगा। योजना पूरी होने पर धार्मिक आस्था के इस प्रमुख केंद्र में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, वहीं मंदिर और तालाब परिसर स्थानीय पर्यटन के नए आकर्षण के रूप में भी विकसित हो सकेगा।
