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साइबर ठगी का ‘हॉटस्पॉट’ बना गोरखपुर शहर, एक साल में हुई करीब 10 करोड़ की निकासी

By Satish PandeyEdited By: Vivek Shukla
Published: Thu, 12 Mar 2026 09:44 AM (IST)

गोरखपुर साइबर ठगी की रकम निकालने का 'हॉटस्पॉट' बन गया है। पिछले एक साल में म्यूल खातों से करीब 10 ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

HighLights

  1. गोरखपुर बना साइबर ठगी की रकम निकालने का हॉटस्पॉट।

  2. एक साल में म्यूल खातों से करीब 10 करोड़ रुपये की निकासी।

  3. पुलिस एटीएम और बैंकों को चिह्नित कर रही, जांच जारी।

सतीश पांडेय, गोरखपुर। देश के अलग-अलग शहरों में साइबर ठगी कर म्यूल खातों में भेजी गई रकम निकालने के लिए गोरखपुर भी ‘हॉटस्पॉट’ बनता जा रहा है। पिछले एक वर्ष में साइबर अपराधियों ने ठगी की रकम म्यूल खातों में भेजकर अलग-अलग बैंक व एटीएम से करीब 10 करोड़ रुपये की निकासी की है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य एटीएम कार्ड और चेक के जरिए इन खातों से रुपये निकाल रहे हैं। साइबर थाना पुलिस अब उन स्थानों की पहचान कर रही है, जहां से सबसे अधिक निकासी हुई है। इसके लिए बैंक और एटीएम को ‘हाटस्पाट’ के रूप में चिह्नित किया जा रहा है, ताकि संदिग्धों की पहचान कर गिरोह तक पहुंचा जा सके। साइबर अपराध से जुड़े आंकड़ों के अनुसार ठगी की रकम निकालने वाले उत्तर प्रदेश के शहरों की सूची में गोरखपुर पांचवें स्थान पर है।

इस सूची में लखनऊ, गाजियाबाद, आगरा और कानपुर इससे ऊपर हैं। जांच में पता चला है कि साइबर अपराधी ठगी की रकम सीधे अपने खातों में न लेकर म्यूल खातों में ट्रांसफर कराते हैं। ये खाते ऐसे लोगों के नाम पर खोले जाते हैं, जिन्हें मामूली रकम देकर या झांसा देकर खाते उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके बाद गिरोह के सदस्य एटीएम कार्ड या चेक के जरिए अलग-अलग शहरों में इन खातों से पैसे निकाल लेते हैं।

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गोरखपुर में भी इसी तरीके से बड़ी रकम निकाले जाने का रिकार्ड सामने आया है। साइबर पुलिस अब उन बैंक शाखाओं और एटीएम केंद्रों को चिह्नित कर रही है, जहां से सबसे अधिक रकम निकाली गई। इन स्थानों को ‘हॉटस्पॉट’ घोषित कर वहां लगे सीसी कैमरों की फुटेज खंगाली जाएगी।

निकासी के समय एटीएम या बैंक में आए लोगों की पहचान कर उन्हें चिह्नित किया जाएगा, ताकि गिरोह के सदस्यों तक पहुंचा जा सके। पुलिस का मानना है कि बैंकिंग नेटवर्क, एटीएम की उपलब्धता और बाहरी लोगों की आवाजाही के कारण साइबर अपराधी इन शहरों को रुपये की निकासी के लिए सुरक्षित मानते हैं।

ठगी की रकम म्यूल खातों में भेजकर एटीएम और बैंक के माध्यम से निकालने की जानकारी मिली है। जिन स्थानों से अधिक निकासी हुई है,उन्हें हाटस्पाट के रूप में चिन्हित किया जा रहा है। संबंधित एटीएम और बैंक के सीसी फुटेज की जांच कर संदिग्ध की पहचान की जाएगी। इस नेटवर्क से जुड़े लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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- सुधीर जायसवाल,एसपी क्राइम