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गोरखपुर AIIMS में उतरेगी एयर एंबुलेंस, 40 मिनट में पहुंच जाएंगे लखनऊ

Published: Wed, 19 Aug 2026 08:12 AM (IST)

गोरखपुर एम्स में हेलीपैड का निर्माण अंतिम चरण में है, जिससे गंभीर मरीजों को एयर एंबुलेंस के जरिए लखनऊ 40 ...और पढ़ें

गोरखपुर में बन रहा हेलीपैड। जागरण

गोरखपुर में बन रहा हेलीपैड। जागरण

HighLights

  1. गोरखपुर एम्स में हेलीपैड का निर्माण अंतिम चरण में।

  2. एयर एंबुलेंस से लखनऊ 40 मिनट, दिल्ली पौने दो घंटे।

  3. गंभीर मरीजों को मिलेगा त्वरित और उच्चस्तरीय उपचार।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गंभीर मरीजों को इलाज के लिए दूसरे बड़े चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाने में लगने वाला समय अब काफी कम हो सकेगा। एम्स गोरखपुर में बन रहा हेलीपैड अंतिम चरण में पहुंच गया है।

इसके शुरू होने के बाद एयर एंबुलेंस से गंभीर मरीजों को लखनऊ करीब 35 से 40 मिनट में और दिल्ली लगभग पौने दो घंटे में पहुंचाया जा सकेगा। इससे ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट अटैक, गंभीर सड़क हादसों और अन्य आपात स्थितियों में मरीज को समय रहते उच्चस्तरीय उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

अभी एम्स से गंभीर मरीजों को रेफर किए जाने पर उन्हें सड़क मार्ग से एंबुलेंस अथवा ट्रेन और विमान के जरिये दूसरे चिकित्सा संस्थानों तक भेजना पड़ता है। इसमें कई घंटे लग जाते हैं। गंभीर बीमारियों में उपचार शुरू होने में होने वाली यह देरी मरीज की स्थिति को और गंभीर कर सकती है।

हेलीपैड शुरू होने के बाद एयर एंबुलेंस सीधे एम्स परिसर में उतर सकेगी और मरीज को बिना समय गंवाए आगे के उपचार के लिए भेजा जा सकेगा। एयरफोर्स के अधिकारियों से हेलीपैड का निरीक्षण करने का अनुरोध किया गया है। उनके निरीक्षण में यदि किसी तरह की कमी सामने आती है तो उसे दूर कराया जाएगा। निरीक्षण और आवश्यक सुधार पूरे होने के बाद हेलीपैड को संचालन के लिए शुरू किया जा सकेगा।

बाहर से भी सीधे एम्स पहुंच सकेंगे मरीज
हेलीपैड की सुविधा केवल एम्स से रेफर होने वाले मरीजों के लिए ही नहीं होगी। दूसरे जिलों या क्षेत्रों में गंभीर हालत वाले मरीजों को भी एयर एंबुलेंस के माध्यम से सीधे एम्स गोरखपुर लाकर उपचार दिया जा सकेगा। इससे पूर्वांचल के अलावा आसपास के क्षेत्रों के गंभीर मरीजों को भी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा तक तेजी से पहुंचाने में मदद मिलेगी। हेलीपैड से मरीजों को अस्पताल के संबंधित वार्ड या इमरजेंसी तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था रहेगी।

राज्य सरकार से हेलीकाप्टर उपलब्ध कराने पर होगी बात
एम्स प्रशासन एयर एंबुलेंस के लिए हेलीकाप्टर उपलब्ध कराने को लेकर राज्य सरकार से वार्ता करेगा। अधिकारियों के अनुसार एम्स ऋषिकेश में भी हेलीकाप्टर की व्यवस्था राज्य सरकार की ओर से की गई है। इसी माडल पर गोरखपुर एम्स के लिए भी व्यवस्था कराने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है।

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हेलीपैड बनकर तैयार, हेलीकाप्टर का पता नहीं
एम्स में हेलीपैड बनकर लगभग तैयार हो गया है लेकिन हेलीकाप्टर या एयर एंबुलेंस का पता नहीं है। एम्स ऋषिकेश में एक साल पहले जब यह सुविधा शुरू हुई थी तो प्रबंधन ने शुरुआत में निजी कंपनी से समझौता किया था। उसके बाद राज्य सरकार ने हेलीकाप्टर उपलब्ध करा दिया। लेकिन अभी तक एम्स गोरखपुर प्रबंधन ने किसी निजी कंपनी से बात नहीं की है। उनका कहना है कि हमने हेलीपैड बनाकर दे दिया है, उसका उपयोग कोई भी कर सकता है। इस संबंध में राज्य सरकार से बात की जाएगी।

हेलीपैड बनकर तैयार हो गया है। केवल एयर कैप लगाना है। एयरफोर्स के अधिकारियों से इसका निरीक्षण करने का अनुरोध किया गया है। उनकी ओर से बताई जाने वाली कमियों को दूर कराने के बाद इसे शुरू किया जाएगा। एयर एंबुलेंस की व्यवस्था से गंभीर मरीजों को कम समय में दूसरे चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाने के साथ बाहर के मरीजों को भी सीधे एम्स लाकर उपचार देने में सुविधा होगी। हेलीपैड इस तरह बनाया गया है कि वहां हेलीकाप्टर के अलावा एयर एंबुलेंस भी उतर सके।

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-डा. विभा दत्ता, कार्यकारी निदेशक एम्स