गोरखपुर में बेतिया राज की तीन एकड़ जमीन का खुलासा, कब्जेदारों को राहत पर बढ़ी हलचल
गोरखपुर में बेतिया राज की तीन एकड़ अतिरिक्त भूमि मिली है, जिससे कुल संपत्ति 54.07 एकड़ हो गई है। बिहार ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
गोरखपुर में तीन एकड़ अतिरिक्त बेतिया राज भूमि मिली।
डेढ़ साल से भूमि की पैमाइश का काम ठप।
पुराने कब्जेदारों को राहत पर अभी गाइडलाइन नहीं।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। बिहार सरकार की ओर से बेतिया राज की संपत्तियों को निहित करने वाली नियमावली, 2026 के तहत पुराने कब्जेदारों को राहत देने के फैसले के बाद अब गोरखपुर में हलचल तेज हो गई है। बेतियाहाता में लंबे समय से बेतिया राज की भूमि पर काबिज लोग अलग-अलग माध्यमों से सूचनाएं जुटा रहे हैं। यद्यपि, बिहार राजस्व परिषद की ओर से जिले में तैनात अधिकारियों का कहना है कि अभी इस संबंध में कोई गाइडलाइन नहीं जारी हुई है।
राजस्व पदाधिकारी बद्री प्रसाद गुप्ता का कहना है कि फिलहाल डेढ़ साल से बेतिया राज की भूमि के पैमाइश का काम ठप है।लेकिन, इस बीच बेतिया राज की तीन एकड़ भूमि और चिह्नित की गई है। यह भूमि भी बेतियाहाता क्षेत्र में ही है, जिसकी जानकारी अभिलेखागार से 1368 फसली के अभिलेखों के सत्यापन में सामने आई है।
इसकी रिपोर्ट बिहार राजस्व परिषद को भेज दी गई है। अब बेतियाहाता में बेतिया राज की संपत्ति 50.92 एकड़ से बढ़कर 54.07 एकड़ हो गई है। राजस्व पदाधिकारी के अनुसार लेखपाल और पुलिस बल नहीं मिल पाने की वजह से करीब डेढ़ साल में अभी तक सिर्फ दो प्लाट की ही पैमाइश हो सकी है।
यहां चिह्नित 41 लोगों की बेदखली के लिए एसडीएम सदर कोर्ट में वाद दाखिल किया गया था लेकिन, उसमें भी अभी तक कोई निर्णय नहीं हो सका है। सिर्फ तारीख मिल रही है। इस संबंध में भी राजस्व परिषद को अवगत कराया गया है।
उधर, बेतिया राज की संपत्ति पर करीब 40 साल पहले से काबिज लोगों, जिनके पास वैध दस्तावेज हैं, उन्हें मालिकाना हक दिए जाने संबंधी फैसले को लेकर भी बद्री प्रसाद गुप्ता का कहना है कि इस संबंध में अभी कोई गाइडलाइन नहीं जारी हुई है।
गाइडलाइन आने के बाद ही आगे की कोई कार्रवाई की जाएगी। जिले में बेतिया राज की संपत्ति सिर्फ बेतियाहाता में है। 51 एकड़ भूमि के ज्यादातर हिस्से में कब्जा है। इनमें भी सरकारी निर्माण ज्यादा है। कहीं मकान बने हैं तो कहीं सड़क, नाली, स्कूल है।
कुशीनगर में सर्वाधिक 61 एकड़ भूमि
बिहार के राजस्व पदाधिकारी बद्री प्रसाद गुप्ता के मुताबिक गोरखपुर के बेतियाहाता में बेतिया राज की करीब 55.07 एकड़ भूमि, महराजगंज में 7.34 एकड़ भूमि और कुशीनगर के कप्तानगंज, हाटा और पडरौना क्षेत्र में सर्वाधिक 61 एकड़ भूमि है।
यह भी पढ़ें- कुशीनगर बस स्टेशन का निर्माण 15 जून तक पूरा करने के निर्देश, लापरवाही बरतने पर होगी कार्रवाई
सभी पर कब्जा है। गोरखपुर में तो ज्यादातर भूमि पर सरकारी भवन, स्कूल, कालेज, धार्मिक स्थल, सड़क, नाली आदि का निर्माण है। महराजगंज में निरीक्षण के दौरान खेती और मकान मिले। इसी तरह कुशीनगर में भी ज्यादातर भूमि पर निर्माण पाया गया है।
गोरखपुर में बेतिया राज की संपत्तियां (हेक्टेयर में)
- कमिश्नर आवास परिसर- 4.799
- सड़क- 4.649
- आफिस आवास, कालोनी व पेड़-पौधे- 3.501
- मकान- 2.237
- आवास विकास कालोनी- 1.433
- तुलसीदास इंटर कालेज- 1.526
- पक्का मकान- 1.259
- पानी की टंकी व स्कूल- 0.060
- कब्रिस्तान- 0.080
- नाली- 0.016
- खंदक- 0.101
- रास्ता- 0.380
(नोट- इसके अलावा बिहार राजस्व परिषद के अधिकारी तीन एकड़ भूमि और बेतिया राज की होने का दावा कर रहे हैं)
डेढ़ साल से पैमाइश ठप,
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।