गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा होगी हाईटेक, 23 करोड़ रुपये से लगेंगे AI कैमरे
उत्तर प्रदेश सरकार ने गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए 23.07 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इस ...और पढ़ें

गोरखनाथ मंदिर परिसर। जागरण
HighLights
गोरखनाथ मंदिर सुरक्षा के लिए 23.07 करोड़ रुपये मंजूर।
392 आधुनिक कैमरे, एआई-आधारित निगरानी प्रणाली लगेगी।
फेशियल रिकॉग्निशन और एएनपीआर सिस्टम भी शामिल।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोरखनाथ मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और अभेद्य व आधुनिक बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शासन ने मंदिर परिसर और उससे जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों में आधुनिक निगरानी प्रणाली स्थापित करने के लिए 23 करोड़ सात लाख 39 हजार रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
परियोजना के तहत कुल 392 आधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) आधारित निगरानी, फेशियल रिकग्निशन और आटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) जैसी तकनीक शामिल होगी।
नई सुरक्षा व्यवस्था में गोरखनाथ मंदिर परिसर के साथ गोरखनाथ पालीटेक्निक कालेज से सुरक्षा भवन, प्राचीन मानसरोवर मंदिर, वीवीआइपी आवागमन मार्ग, हेलीपैड और संवेदनशील क्षेत्रों को भी निगरानी नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। मौजूदा सीसी कैमरे की व्यवस्था को नए सिस्टम के साथ एकीकृत किया जाएगा।
पूरी निगरानी व्यवस्था को कमांड कंट्रोल सेंटर से संचालित किया जा सकेगा। इससे अलग-अलग स्थानों से मिलने वाले कैमरा फीड को एक ही स्थान से देखा और नियंत्रित किया जा सकेगा। मार्च 2027 तक इसे पूरा करना होगा। यह बजट पुलिस प्रशासन की तरफ से भेजे गए प्रस्ताव पर जारी किया गया है।
अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग कैमरा व्यवस्था
वीवीआइपी मार्गों पर 32 बाक्स कैमरे और 28 पीटीजेड कैमरे लगाए जाएंगे। मंदिर परिसर की निगरानी के लिए 194 बुलेट कैमरे और 63 पीटीजेड कैमरे प्रस्तावित हैं। वाहनों की पहचान और निगरानी के लिए 34 एएनपीआर कैमरे, जबकि चेहरे की पहचान के लिए 39 कैमरे लगाए जाएंगे। हेलीपैड क्षेत्र में दो डुअल सेंसर कैमरे भी लगाए जाएंगे।
इस तरह प्रवेश, आवागमन और संवेदनशील स्थानों की निगरानी को अलग-अलग तकनीकी जरूरतों के अनुसार मजबूत किया जाएगा। सुरक्षा प्रबंधन में सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके लिए 128 आउटडोर स्पीकर और 64 आइपी एम्पलीफायर लगाए जाएंगे। इनके माध्यम से आवश्यकता के अनुसार सामान्य और विशेष घोषणाएं की जा सकेंगी।

नेटवर्क और कमांड सेंटर को भी किया जाएगा मजबूत
392 नए कैमरों और अन्य उपकरणों को जोड़ने के लिए नेटवर्क ढांचे को भी अपग्रेड किया जाएगा। इसके तहत औद्योगिक श्रेणी के लेयर दो व लेयर तीन माउल के स्विच, एसएफपी माड्यूल, आर्मर्ड कैट छह और फाइबर केबल, नए रैक, यूपीएस, बिजली केबल और अर्थिंग की व्यवस्था होगी। कैमरों को लगाने के लिए 91 नए पोल लगाए जाएंगे। 19 हजार 600 मीटर कैट छह तथा 12 हजार मीटर ओएफसी और पावर केबल बिछाए जाएंगे। एएनपीआर प्रणाली के लिए केंद्रीय प्रोसेसिंग यूनिट और अलग साफ्टवेयर लाइसेंस उपलब्ध कराया जाएगा।
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कंपनी या ठेकेदार को पांच वर्ष तक करना होगा रखरखाव
शासन की तरफ जारी परियोजना में यह भी निर्देश है कि जिस कंपनी या ठेकेदार द्वारा एआइ आधारित कैमरे लगाए जाएंगे, उसे काम पूरा होने के बाद उपकरणों पर तीन वर्ष की वारंटी देनी होगी। इसके बाद अगले दो वर्ष तक व्यापक रखरखाव की व्यवस्था करनी होगी। जारी बजट का उपयोग हर हाल में 31 मार्च 2027 तक कर लेना होगा।
