गोरखपुर, जागरण संवाददाता। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) अवस्थापना निधि से शहर को चमकाने जा रहा है। इस बजट से सड़कों व नालियों का निर्माण होगा तो शहर के विभिन्न हिस्सों का सुंदरीकरण भी किया जाएगा। लंबे समय से जलजमाव की समस्या का सामना करने वाले बुद्ध विहार पार्ट ए, बी एवं सिद्धार्थ एंक्लेव के हजारों लोगों को राहत मिल सकेगी। शनिवार की शाम को आयुक्त सभागार में मंडलायुक्त/ अध्यक्ष जीडीए रवि कुमार एनजी की अध्यक्षता में संपन्न अवस्थापना समिति की बैठक में 27.32 करोड़ की लगात से 15 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।

जीडीए के उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने विभिन्न स्थानों का निरीक्षण करने के बाद लोगों की सुविधा के लिए 15 परियोजनाओं को अवस्थापना निधि से पूरा करने की पहल की। बैठक में जिलाधिकारी विजय किरन आनंद, जीडीए सचिव राम सिंह गौतम, मुख्य अभियंता पीपी सिंह, नगर निगम के मुख्य अभियंता सुरेश चंद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

इन कार्यों पर लगी मुहर

तारामंडल स्थित जीडीए की कालोनी सिद्धार्थनगर एंक्लेव विस्तार में जलभराव एवं सड़कों की बदहाली से करीब तीन हजार लोग प्रभावित थे। शुक्रवार को दैनिक जागरण के लोकप्रिय कार्यक्रम 'प्रश्न पहर' में आए जीडीए उपाध्यक्ष के समक्ष कालोनी की एक महिला ने इस समस्या को उठाया था। इस कालोनी में 2.24 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण का प्रस्ताव पास किया गया है। मंडलायुक्त ने हाट मिक्स प्लांट की बजाय सीसी रोड बनाने का निर्देश दिया है। 1.98 करोड़ रुपये की लागत से यहां नालियों का निर्माण किया जाएगा। कसया रोड पर सैनिक विहार कालोनी में नगर निगम की ओर से बनाए गए आरसीसी नाले के अवशेष हिस्से को भी इस निधि से बनाया जाएगा। इसके लिए 48 लाख 52 हजार 227 रुपये मंजूर किए गए हैं।

बुद्ध विहार पार्ट ए, बी एवं आम्रपाली की दशा भी सुधरेगी

बुद्ध विहार पार्ट ए, बी एवं आम्रपाली के सामने सर्विस रोड को ऊंचा करने एवं सुदृढ़ीकरण का काम किया जाएगा। इसपर तीन करोड़ 44 लाख 23 हजार 887 रुपये खर्च किया जाएंगे। इसके साथ ही इस मोहल्ले के सर्विस रोड के किनारे देवरिया बाईपास के समानांतर चार करोड़ 58 लाख 92 हजार 793 रुपये की लागत से आरसीसी नाला का निर्माण किया जाएगा। इससे इस क्षेत्र की बड़ी आबादी को जलजमाव की समस्या से मुक्ति मिल सकेगी। दो लाख 54 हजार 586 रुपये की लागत से देवरिया बाईपास रोड पर स्थित कांशीराम नगर की ओर जाने वाली सड़क पर आरसीसी पुलिया का निर्माण किया जाएगा।

सुंदर बनेंगे शहर के कई क्षेत्र

बैठक में शहर के कई क्षेत्रों को सुंदर बनाने का प्रस्ताव भी पास किया गया। यातायात तिराहे से गोरखनाथ रोड पर महाराणा प्रताप पालिटेक्निक के पास करीब 3.5 किलोमीटर लंबाई में करीब 3.44 करोड़ रुपये की लागत से आर्नामेंटल पोल एवं एलईडी लाइट लगाई जाएगी। यहां पहले से लगी लाइट को शहर के प्रवेश द्वार पर लगाने का निर्देश दिया गया। पैडलेगंज स्थित बुद्ध द्वार से नया सवेरा तक आर्नामेंटल पोल एवं लाइट लगाई जाएगी। इस योजना पर 3.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यहां पहले से लगी लाइटों को जीडीए की कालोनियों में शिफ्ट किया जाएगा। रामगढ़ताल के सामने स्थित महंत दिग्विजयनाथ पार्क में आर्नामेंटल पोल एवं एलईडी लाइट लगाई जाएगी। इसपर 76 लाख रुपये खर्च होंगे। इसी तरह 94 लाख रुपये की लागत से म्यूरल्स एवं लीनियर लाइट भी लगाई जाएगी।

दो करोड़ से संवरेगी वाटर बाडी

रामगढ़ताल के सामने 42 एकड़ में फैली वाटर बाडी को दो करोड़ रुपये की लागत से संवारा जाएगा। यहां पाथ वे बनाने के साथ पैडल बोट चलाने की भी योजना है। बाद में मछली पालन की अनुमति भी दी जा सकती है। यह वाटर बाडी नौकायन के सामने से होते हुए वसुंधरा एंक्लेव के पीछे से होते हुए सर्किट हाउस तक जाती है। इसके साथ ही डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से शहर के विभिन्न स्थलों का सुंदरीकरण, लाइटिंग एवं वाल पेंटिंग की जाएगी।

विंध्यवासिनी पार्क में योग केंद्र का होगा जीर्णोद्धार

30 लाख रुपये से मोहद्दीपुर स्थित विंध्यवासिनी पार्क में याेग केंद्र का जीर्णोद्धार किया जाएगा। योग केंद्र की देखरेख करने वाले हरिशंकर पांडेय एवं हरिनारायण धर दुबे ने जीडीए उपाध्यक्ष से मुलाकात कर केंद्र की बदहाली के बारे में बताया था। उन्होंने शनिवार को मौके का निरीक्षण भी किया। इस बजट से छह, क्षतिग्रस्त टीन शेड की मरम्मत होगी और सामने फेकेड लाइट लगाकर उसे सुंदर बनाया जाएगा।

सुंदर बनेगा अंबेडकर पार्क

हड़हवा फाटक रोड हुमांयूपुर स्थित डा. अंबेडकर पार्क के सुदृढ़ीकरण एवं सुंदरीकरण के लिए 1.5 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। यहां डा. अंबेडकर के जीवन से जुड़े तथ्य भी अंकित किए जाएंगे। सर्किट हाउस के सामने डा. अंबेडकर उद्यान का 60 लाख रुपये की लागत से जीर्णोद्धार किया जाएगा।

अंबेडकर चौक से फिराक चौराहे तक बनेगी सीसी रोड

बैठक में मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि शहर की प्रमुख सड़कों को चार महीने के भीतर दुरुस्त कर लिया जाए। अवस्थाना निधि से स्वीकृत परियोजनाओं का यह पहला चरण है। अभी दो चरण और हैं। चार महीने के भीतर कोई सड़क टूटी हुई नहीं नजर आएगी। उन्होंने कहा कि वह 2012 से अंबेडकर चौक से फिराक चौराहे तक की सड़क को देख रहे हैं। सड़क अक्सर टूट जाती है। नगर निगम ने इसे हाट मिक्स से बनाने का प्रस्ताव बनाया था। मंडलायुक्त ने कहा कि इसे भी सीसी रोड बनाया जाए। जहां भी जलजमाव की दिक्तत हो, वहां सीसी रोड ही बने।

Edited By: Pradeep Srivastava