यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Gorakhpur चंपा देवी पार्क का आवंटन निरस्त, शर्तों के उल्लंघन पर GDA ने की कार्रवाई, अब कन्वेंशन सेंटर की कवायद
समझौता शर्तों के उल्लंघन पर गोरखपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष ने यह कार्रवाई की हैl सात दिन में सामान हटाने ...और पढ़ें

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। मनोरंजन के लिए आवंटित चंपा देवी पार्क की जमीन पर खोले गए मैरेज हॉल और वाटर पार्क वाले हिस्से का आवंटन जीडीए (गोरखपुर विकास प्राधिकरण) ने निरस्त कर दिया है। करार शर्तों के उल्लंघन के चलते हुई इस कार्रवाई के बाद वाटर पार्क और मैरेज हॉल वाले हिस्से की जमीन अब जीडीए के कब्जे में आ जाएगी। रामगढ़ताल झील के ठीक सामने इस बेशकीमती जमीन के खाली होने के बाद 25 एकड़ भूमि के एक हिस्से में विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर बनाने की योजना पर विचार शुरू हो गया है। पांच हजार लोगों की क्षमता वाले इस कन्वेंशन सेंटर की परिकल्पना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की थी, जिसके लिए भूमि तलाशने की कवायद चल रही थी।
वाटर पार्क वाली जमीन पर किया व्यवसाय
रामगढ़ताल परियोजना के अंतर्गत स्थित चंपा देवी पार्क (वाटर पार्क वाली जमीन) का आवंटन मेसर्स केआर एम्यूजमेंट एंड रिजार्ट पार्क रोड, मिस्टर कुक रेस्टोरेंट के जरिये रोहित अग्रवाल ने कराया था। फर्म को इसके रखरखाव की जिम्मेदारी मिली थी, मगर आरोप है कि उसके द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से यहां मैरिज हाल संचालित कर व्यवसाय किया गया। जनहित के उपयोग वाले पार्क को बरात घर बना दिया गया। शादी-विवाह के अनेक आयोजन कर लाभ अर्जित किए गए। जीडीए का कहना है कि फर्म की मनमानी से जनहित के लिए निर्मित चंपा देवी पार्क केवल फर्म की व्यक्तिगत आय का स्रोत बन गया। सामान्य व्यक्ति यहां प्रवेश तक नहीं कर सकता था। समझौते की शर्तों का उल्लंघन करने के कारण जीडीए के उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने आवंटन निरस्त कर दिया है।
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पांच हजार से अधिक लोगों की होगी क्षमता
चंपा देवी पार्क का वाटर पार्क वाला हिस्सा खाली हो जाने एवं पहले से खाली पड़ी जगह मिलाकर करीब 25 एकड़ भूमि उपलब्ध हो जाएगी। यहां विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर बनाया जा सकता है। इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इसकी क्षमता पांच हजार लोगों से अधिक की हो सकती है।

क्या कहते हैं अधिकारी
जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि चंपा देवी पार्क का आवंटन निरस्त कर दिया गया है। यह अब पूरी तरह से जीडीए की संपत्ति होगी। जो सामान वहां है, फर्म चाहे तो सात दिन में हटवा सकती है। जीडीए सामान हटाएगा तो उसका खर्च भी वसूल किया जाएगा। इस जमीन के उपयोग को लेकर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।
संचालकों पर हुई थी एफआइआर
समझौते की शर्तों का उल्लंघन करने के कारण जीडीए की ओर से तीन वर्ष पहले भी सीलिंग की कार्रवाई की गई थी। 22 फरवरी, 2019 को इस पार्क को सील कर दिया गया। बीच में तीन दिन के लिए सील खोलने की अनुमति मिली। इसके बाद फिर सील कर दिया गया। लेकिन संचालकों द्वारा परिसर में प्रवेश किया गया और कई कार्यक्रम आयोजित कर लाभ भी अर्जित किया गया। सील तोड़ने पर कैंट थाना में एफआइआर दर्ज कराई गई थी।