महराजगंज: वर्ष 2018 में बृजमनगंज क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय कवलपुर में एक लाख 22 हजार दो सौ रुपये के गबन का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया हैं। बृजमनगंज पुलिस ने तत्कालीन प्रधानाध्यापक रमेश कुमार सिंह की तहरीर के अनुसार न्यायालय से मिले आदेश पर दो खंड शिक्षा अधिकारियों समेत कुल सात लोगों के खिलाफ जाली दस्तावेज तैयार करने व उसका प्रयोग कर सरकारी धन के गबन और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। मुकदमें की जद में आए खंड शिक्षा अधिकारी तारकेश्वर पांडेय, श्यामसुंदर पटेल, वर्तमान प्रधानाध्यापक संतराम वर्मा, बीएसए आफिस के निर्माण समन्वयक कामेश्वर मिश्र व वीरेंद्र सिंह व एसएसए के लेखाधिकारी व जांच समिति के सदस्य परशुराम के नाम शामिल हैं।

प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के मर्ज होने के दौरान अगस्त 2018 में बृजमनगंज क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय कवलपुर में पहले से प्रधानाध्यापक के पद पर रहे रमेश कुमार सिंह ने विद्यालय के निर्माण के लिए एक लाख 22 हजार दो सौ रुपये निकाले थे। रमेश कुमार सिंह के अनुसार उन्होंने उन कैश रुपयों समेत अन्य विद्यालय के समस्त कार्यभार नवागत प्रधानाध्यापक संतराम वर्मा को सौंप दिए और विद्यालय का चार्ज देने के समय कागजी तौर पर लिखा पढ़ी भी कराई गई। आरोप है कि इसके बाद संतराम वर्मा ने कागजी कार्रवाई में अभिलेखों से छेड़छाड़ कर रुपये प्राप्त करने की बात से इन्कार कर दिया। इसके बाद बीएसए द्वारा जांच कमेटी गठित की गई। लेकिन जांच कमेटी ने भी उसका ही साथ दिया और साजिश के तहत पूरा आरोप रमेश पर ही मढ़कर उसे निलंबित कर दिया गया। हालांकि कुछ दिनों बाद ही उसे बहाल भी कर दिया गया। इस पूरे मामले में पीड़ित प्रधानाध्यापक ने अपने अभिलेखों और साक्ष्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया है। अपर पुलिस अधीक्षक निवेश कटियान ने बताया कि इस मामले में सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोप निराधार, जांच रिपोर्ट पर निलंबित हुआ था शिक्षक: बीईओ

महराजगंज: बृजमनगंज थाना में बीईओ समेत सात लोगों के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के मामले में बेसिक शिक्षा विभाग के जांच अधिकारी रहे श्याम सुन्दर पटेल ने बताया कि आरोप निराधार है। जांच रिपोर्ट पर शिक्षक निलंबित हुआ था। उन्होंने बताया कि प्राथमिक विद्यालय गोपालपुर में 17 अप्रैल 2018 को 1 लाख 22 हजार रुपया विभाग से आया था। तत्कालीन हेडमास्टर रमेश कुमार सिंह ने दो दिन बाद 19 अप्रैल को एसएमसी के खाते से 1 लाख 22 हजार रुपया अपने खाता में ट्रांसफर किया था। यह नियम विरुद्ध था। इस मामले में बीएसए के आदेश पर जांच की गई थी। जांच से हेडमास्टर संतुष्ट नहीं हुए तो तत्कालीन बीएसए ने सहायक वित्त व लेखाधिकारी सर्व शिक्षा अभियान व जिला निर्माण समन्वयक की कमेटी कठित कर जांच का आदेश दिया था। जांच समिति ने 23 जुलाई 2019 को रिपोर्ट दी थी। उसमें भी रमेश सिंह पर लगाए गए आरोप पुष्ट हुए थे। रिपोर्ट के आधार पर हेडमास्टर रमेश सिंह सस्पेंड किए गए थे। इस मामले में कोर्ट ने पुलिस सक्षम अधिकारी से जांच कराने का निर्देश दिया था, लेकिन सीओ फरेंदा ने जांच से जुड़े अधिकारियों का पक्ष सुने बिना ही केस दर्ज करने का निर्देश दे दिया। इस मामले में कोर्ट में पक्ष रखा जाएगा।

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