यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 15, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आज से हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट नहीं होने पर लगेगा पांच हजार का जुर्माना, इन नंबरों का होगा चालान
वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर के अंत में शून्य या एक अंक वाले प्राइवेट वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट नहीं ...और पढ़ें

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। कामर्शियल के बाद अब प्राइवेट वाहनों पर भी हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट अनिवार्य हो गई है। 16 नवंबर से पंजीयन नंबर के अंत में शून्य या एक नंबर वाले प्राइवेट वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट नहीं होने पर पांच हजार का जुर्माना लगेगा।
पंजीयन के अंत में शून्य या एक नंबर वाले प्राइवेट वाहनों के खिलाफ होगी चालान की कार्रवाई
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) श्याम लाल के अनुसार रजिस्ट्रेशन नंबर के अंत में शून्य या एक अंक वाले प्राइवेट वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट नहीं होने पर पांच हजार का जुर्माना लगेगा। हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट के बिना चालान की कार्रवाई तो होगी ही, फिटनेस, पुन: पंजीयन और परमिट के साथ सभी तरह के कार्यों पर भी रोक लग जाएगी। शासन ने प्राइवेट वाहन स्वामियों को हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने के लिए एक वर्ष का समय निर्धारित किया है। वाहनों के नंबर के आधार पर क्रमवार नवंबर 2022 तक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाई जानी है।अब रजिस्ट्रेशन नंबर के अंत में 2 या 3 अंक वाले प्राइवेट वाहनों पर 15 फरवरी 2022 तक प्लेट लगाने की प्रक्रिया चलेगी। जिले में 868452 प्राइवेट और लगभग 57959 कामर्शियल वाहन हैं। अक्टूबर में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट नहीं होने पर 57 कामर्शियल वाहनों के खिलाफ चालान की कार्रवाई हुई है।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट को लेकर वाहन स्वामियों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बना दी गई है। वाहन मालिक सियाम एप या वेबसाइट पर आनलाइन बुकिंग कर घर बैठे भी अतिरिक्त शुल्क वहन कर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवा सकते हैं। एक अप्रैल 2019 से पूर्व के पंजीकृत वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगवाना अनिवार्य है।
हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट के लिए निर्धारित समय
जिन वाहनों के नंबर के अंत में 2 या 3 है, उसपर 15 फरवरी 2022 तक
जिन वाहनों के नंबर के अंत में 4 या 5 है, उसपर 15 मई 2022 तक
जिन वाहनों के नंबर के अंत में 6 या 7 है, उसपर 15 अगस्त 2022 तक
जिन वाहनों के नंबर के अंत में 8 या 9 है, उसपर 15 नवंबर 2022 तक।