गोरखपुर, जेएनएन। साइबर क्राइम की रोकथाम के लिए गोरखपुर रेंज में पहला साइबर थाना खोला गया है। एडवांस सॉफ्टवेयर और एक्सपर्ट टेक्निकल स्टाफ के जरिये यहां से साइबर क्राइम पर कंट्रोल किया जाएगा। यह साइबर क्राइम थाना गोरखपुर पुलिस लाइन में खोला गया है, जिसका उद्घाटन डीआइजी रेंज राजेश मोदक ने किया।

डीआइजी ने किया शुभारंभ

डीआइजी ने कहा कि ऑनलाइन ठगी, बैंकों से धोखाधड़ी, एटीएम पिन पूछकर फ्रॉड करना, फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्ट्राग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी जैसे अपराधों से निपटने के लिए गोरखपुर की पुलिस लाइन में साइबर क्राइम थाने का शुभारंभ किया गया है। ये गोरखपुर रेंज का पहला थाना है जिसमें गोरखपुर के अलावा कुशीनगर, देवरिया और महराजगंज में हुए साइबर क्राइम की मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके अलावा इस थाने में ही मंडल भर में हुए साइबर क्राइम की एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकेगी। उद्घाटन समारोह में एसएसपी डॉक्टर सुनील गुप्ता, एसपी क्राइम अशोक वर्मा, एसपी सिटी डॉ. कौशतुभ, सीओ कैंट सुमित शुक्ल, थाना प्रभारी विवेक मिश्र मौजूद रहे हैं।

एडवांस सॉफ्टवेयर के जरिये साइबर क्राइम पर किया जाएगा कंट्रोल

डीआइजी रेंज राजेश मोदक ने बताया की रेंज के चारों जिलो में जो साइबर क्राइम के मामले आते हैं उनके अलग-अलग जगहों पर निस्तारण में दिक्कत हो रही थी, प्रदेश के सभी रेंज के मुख्यालयों पर साइबर क्राइम के थाने खुले हैं जो भी संबंधित जिलों से होंगे या जिलों के थानों से होंगे वे सब यहां आएंगे। इसके अलावा जो भी साइबर अपराध हैं उनकी एफआइआर भी यहीं दर्ज होगी। इसके साथ ही सीसीटीएनएस का नेटवर्क है उससे इसको जोड़ लेंगे। इसमें थोड़ा समय लग सकता है लेकिन अब सबकुछ यहीं से होगा और इसकी इन्वेस्टिगेशन भी यहीं से होगी। साइबर फ्रांड ने अपना स्वरूप बदल लिया है, यह प्रदेश ही नहीं देश भर चल रहा है।

पूर्व अधिकारी ने फोटो से की दो लुटेरों की पहचान, शुरू हुई तलाश

गोरखपुर के पीपीगंज इलाके के भीटी तिवारी गांव में सेवानिवृत्त अधिकारी त्रियुगी नारायण तिवारी और उनकी पत्नी को बंधक बनाकर लूटपाट करने वाले दोनों बदमाशों की पहचान कर ली गई है। बदमाशों की तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। फिलहाल अभी उनका सुराग नहीं मिल पाया है। उनसे जुड़े कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस बीच डीआइजी राजेश मोदक और एसएसपी डॉ. सनील गुप्ता ने सोमवार को भीटी तिवारी गांव में जाकर बुजुर्ग दंपती से मुलाकात की और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिया।

त्रियुगी नारायण तिवारी, इंडियन ऑडिट एंड एकाउंट सर्विसेज में कार्यरत थे। डिप्टी ऑडिटर जनरल के पद से 18 साल पहले सेवानिवृत्त हुए थे। सेवा से अवकाश ग्रहण करने के बाद पत्नी के साथ गांव में रहकर वह धर्मार्थ चिकित्सालय चलाते हैं और एक कन्या विद्यालय भी उन्होंने खोल रखा है। शनिवार की रात नौ बजे के आसपास तमंचे लेकर दो बदमाश उनके घर में घुस आए और पति-पत्नी को बंधक बनाकर 35 हजार रुपये नकद तथा करीब डेढ़ लाख रुपये लूटकर फरार हो गए। कुछ देर बाद पड़ोस के एक व्यक्ति ने उनके घर पहुंचा, तब जाकर गांव के लोगों को घटना की जानकारी हुई।

सेवानिवृत्त अधिकारी ने फोटो से दो बदमाशों की पहचान की है। पुलिस ने अपने पास मौजूद इलाके के बदमाशों की फोटो उन्हें दिखाई थी। पीपीगंज थाने के चार हिस्ट्रीशीटर बदमाश, भीटी तिवारी गांव के ही हैं। घटना के बाद से ही पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले रखा है। लूटपाट की वारदात में हिस्ट्रीशीटर बदमाश की भी भूमिका भी छानबीन की जा रही है।

Edited By: Pradeep Srivastava

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