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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 10, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

महराजगंज में खाद भरपूर फिर भी किसानों से दूर, व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

By JagranEdited By:
Published: Wed, 10 Nov 2021 01:53 AM (IST)

धान की कटाई करने के बाद अब किसान गेहूं की बुआई की तैयारी के लिए पहले से ही खाद बीज ...और पढ़ें

महराजगंज में खाद भरपूर फिर भी किसानों से दूर, व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
महराजगंज में खाद भरपूर फिर भी किसानों से दूर, व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

महराजगंज: तराई के इस जनपद में खाद, यूरिया से गोदाम भरे हैं, फिर भी यह किसानों की पहुंच से दूर हैं। समितियों पर किसानों की लंबी कतार लग रही है। समय से खाद, यूरिया नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। उपलब्धता के बाद भी खादों के लिए मारामारी से व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

धान की कटाई करने के बाद अब किसान गेहूं की बुआई की तैयारी के लिए पहले से ही खाद, बीज एकत्रित करने में जुटे हैं, लेकिन उन्हें इसके लिए मारामारी करनी पड़ रही है। इफको गोदाम पर सुबह से लंबी कतार लग रही है। यह समस्या सिर्फ शहरी ही नहीं बार्डर और कुछ ग्रामीण हिस्सों में भी बनी हुई है। समितियों और निजी एजेंसियों पर तो यूरिया, खाद विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जाने का दावा किया जा रहा है, बावजूद किसानों को इसके लिए धक्के खाना पड़ रहा है। हाथी दांत साबित हो रही सहकारी समिति

महराजगंज: घुघली विकास खंड अंतर्गत स्थित साधन सहकारी संघ और सहकारी समिति भिटौली हाथी दांत साबित हो रहे हैं। पहले इस समिति से भिटौली, गनेशपुर, सोहरौनाराजा, किशुनपुर, पचरुखिया, टिकुलहिया, करमही,हथियागढ़, अमवा, भैंसी आदि गांवों के किसान खाद बीज खरीदते थे। लेकिन वर्तमान में अभी खाद व बीज की बिक्री भी नहीं हो रही है। सचिव रामरतन चौधरी ने बताया कि लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए उच्च अधिकारियों से बात हुई है। उसके बाद खाद बीज समिति पर आएगी। कालाबाजारी के लिए अभी से डंप कर रहे खाद

महराजगंज: जब बुआई का समय आता है तो व्यापारियों को पता रहता है कि किसान परेशान होकर खाद, यूरिया का अधिक दाम देगा। ये लोग खाद कि किल्लत पैदा कर रहे हैं। सीमावर्ती क्षेत्र के व्यापारी कालाबाजारी के लिए इसे लेकर अभी से डंप करने में जुट गए हैं। जिसके कारण खाद की समस्या अभी से बरकरार हो गई है। नवंबर का पहला सप्ताह बीत गया। समिति पर खाद-बीज उपलब्ध न होने से अभी बुआई नहीं करा पा रहा हूं। सचिव बता रहे हैं कि भिटौली समिति पर खाद-बीज आने की संभावना नहीं है।

प्रदीप श्रीवास्तव, भिटौली भिटौली में सहकारी समिति और संघ दोनों हैं। पहले इस दोनों केंद्रों पर खाद-बीज मिलता था। लेकिन लंबे समय से यहां खाद हैं और न ही बीज। प्रशासन को इन दोनों सेंटरपर खाद बीज उपलब्ध कराना चाहिए।

राजबहादुर चौधरी, हैदरगंज बुआई के लिए खाद-बीज की आवश्यकता है, लेकिन भिटौली समिति पर खाद नहीं होने से काफी परेशानी हो रही है, जिस समिति पर खाद-बीज आ रही है, वह भी पर्याप्त नहीं है।

राजेंद्र दुबे, सेमरा राजा नेफेड और प्राइवेट समितियों पर भी डीएपी और एनपीके खाद बीज उपलब्ध नहीं है, जिससे किसानों को परतावल या महराजगंज खाद-बीज के लिए जाना पड़ रहा है।

अमरेश्वर पांडेय, पकड़ी विशुनपुर

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उर्वरक लक्ष्य उपलब्धता (एमटी)

डीएपी 8086 2015

यूरिया 16645 2800

एनपीके 2027 1015 जिले में खाद, यूरिया की कोई कमी नहीं है। काफी मात्रा में सभी समितियों पर खाद, यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। समितियां इसे बेचने के बाद भुगतान बैंक में आरटीजीएस करती है। जब यह धनराशि पीसीएफ के खाते में शो करता है तो उसके बाद ही फिर पीसीएफ समितियों के लिए खाद की लोडिंग कराता है।

-सवींद्र सिंह, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता