गोरखपुर, जितेन्द्र पाण्डेय। खेतों में पौधे लगाने के लिए जल्द ही गोरखपुर मंडल के किसानों को रुपये मिलेंगे। यह रुपये उन्हें वातावरण को कार्बन रहित बनाने के लिए दिये जाएंगे। इससे किसानों को दोहरा लाभ होगा। किसानों को यह रुपये उन्हें द इनर्जी एंड रिर्सोसेज इंस्टीट्यूट (टेरी) दिल्ली की तरफ से दिये जाएंगे। इसके लिए वन विभाग की संस्था से बातचीत चल रही है। जल्द ही उसे इसके लिए स्वीकृति मिल जाएगी।

पौधरोपण पर जोर दे रही है भारत सरकार: पेड़-पौधे वातावरण में फैले कार्बन, कार्बन डाई आक्साइड को अवशोषित करके हमें आक्सीजन देते हैं। भारत सरकार ऐसे में पौधारोपण पर अधिक जोर दे रही है। वह इसके लिए कार्बन फाइनेंस योजना चला रही है। अभी देश के पांच मंडलों में यह परियोजना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चलाई जा रही है। इसमें सफलता मिलने पर इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा।

गोरखपुर इस पायलट प्राजेक्ट का छठां मंडल बने, इसके वन विभाग के अधिकारी प्रयासरत हैं। मुख्य वन संरक्षक इसे लेकर चार बार टेरी के अधिकारियों को मेल कर चुके हैं और बात कर चुके हैं। टेरी की तरफ से उन्हें आश्वस्त किया गया है, जल्द ही गोरखपुर मंडल में इस परियोजना को पायलट प्राजेक्ट के रूप में हरी झंडी दे दी जाएगी।

2024 से किसानों को मिलने लगेगा भुगतान: पायलट प्रोजेक्ट के रूप में गोरखपुर मंडल शामिल हुआ तो इसकी गणना की जाएगी कि इस समय कौन-कौन से पौधे लगाए जा रहे हैं। वह पौधे कितने समय के हैं। इसकी गणना पूरी होने के बाद वर्ष 2024 से किसानों को 250 रुपये प्रति पेड़ प्रति वर्ष की दर से भुगतान मिलेगा।

अभी इन मंडलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हो रहा काम

  • लखनऊ
  • मेरठ
  • बरेली
  • मुरादाबाद
  • सहारनपुर

10 वर्ष में 50 लाख टन कार्बन घटाने का लक्ष्य: सरकार का लक्ष्य है कि आगामी 10 वर्ष में 50 लाख टन कार्बन खत्म हो सके। इस योजना का उद्देश्य आगामी 2050 तक देश को कार्बन शून्य बनाना है। पेड़ से किसान के आय साधन बनेंगे। इससे हरे पेड़ों के कटान में भी फर्क आएगा। इस योजना के तहत किसानों के खेत में जितने हरे पेड़ होंगे, उतने रुपये किसानों को मिलेंगे। इन रुपयों को लेने के लिए कोई शर्त या अनुबंध नहीं होगा। वन विभाग इसके लिए चार साल के पेड़ों का रिकार्ड बनाएगा।

मुख्य संरक्षक वन भीमसेन ने बताया कि टेरी के लोगों से लगातार बातचीत चल रही है। वहां से कुछ मेल भी आ चुकी है। उम्मीद है कि जल्द ही गोरखपुर मंडल को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में स्वीकृति मिल जाएगी। यह गोरखपुर मंडल के किसानों के लिए अत्यंत हितकारी रहेगी।

Edited By: Pragati Chand